Ghaziabad News: गाजियाबाद की सूरत आने वाले दिनों में पूरी तरह बदलने वाली है. शहर में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और सुनियोजित शहरी विस्तार को गति देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगा दी है. मेरठ मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित 173वीं बोर्ड बैठक में पुराने शहर के व्यस्ततम जीटी रोड पर 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण, नई हरनंदीपुरम आवासीय योजना, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट एयरोसिटी बसाने और हिंडन नदी पर सुरक्षा बंधा बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है.
जीटी रोड पर बनेगा 2 किमी लंबा 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर
शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जीडीए बोर्ड ने जीटी रोड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह लगभग 2 किलोमीटर लंबा 4-लेन एलिवेटेड रोड घंटाघर रामलीला मैदान के सामने से शुरू होकर चौधरी मोड़ होते हुए भाटिया मोड़ तक जाएगा. इस एलिवेटेड रोड के बनने से शहर के सबसे व्यस्त बाजार और चौराहों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी.
लोकल और थ्रू-ट्रैफिक अलग होने से लोगों के यात्रा समय में भारी कमी आएगी, वाहनों के ईंधन की बचत होगी और शहर में वायु व ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी घटेगा. इस प्रोजेक्ट को Urban Challenge Fund के तहत तैयार किया जाएगा. इसकी कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा बैंक ऋण के जरिए जुटाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. निर्माण गुणवत्ता को विश्वस्तरीय रखने के लिए आईआईटी रुड़की से डिजाइन, निर्माण व टेस्टिंग कराई जाएगी, साथ ही थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल एजेंसी और ईपीसी मोड में काम पूरा कराया जाएगा.
हरनंदीपुरम और क्रिकेट स्टेडियम की सुरक्षा के लिए बनेगा हिंडन बंधा
गाजियाबाद के भविष्य के विस्तार के लिहाज से हिंडन नदी क्षेत्र का सुरक्षित होना बेहद जरूरी है. बोर्ड ने हरनंदीपुरम आवासीय योजना, प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी को बाढ़ व जलभराव से बचाने के लिए हिंडन नदी के दाहिने तट पर मजबूत सुरक्षा बंधा बनाने के प्रस्ताव को पास कर दिया है. यह बंधा भविष्य में विकसित होने वाले विशाल आवासीय और व्यावसायिक इलाके के लिए स्थायी सुरक्षा कवच बनेगा, जिससे भारी बारिश के दौरान भी यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास बसेगी आधुनिक एयरोसिटी
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए मोरटी, अटौर और मेवला अगरी गांवों की जमीन पर सुनियोजित एयरोसिटी विकसित की जाएगी. बोर्ड ने इसके लिए लैंड पूलिंग, आपसी सहमति या भूमि अधिग्रहण के जरिए जमीन जुटाने की प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी है. एयरोसिटी के अस्तित्व में आने से यहां आधुनिक आवासीय परिसरों, लग्जरी होटलों, मल्टीप्लेक्स, कमर्शियल हब, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर को नया विस्तार मिलेगा, जिससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार और बड़े स्तर पर निजी निवेश के रास्ते खुलेंगे.
हरनंदीपुरम योजना: 24.12 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग आवासीय हुआ
जीडीए की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम टाउनशिप कुल 501.2173 हेक्टेयर में प्रस्तावित है. इसके पहले चरण के तलपट मानचित्र (लेआउट प्लान) को आगे बढ़ाते हुए बोर्ड ने अधिग्रहित 47.1612 हेक्टेयर जमीन में से 24.1213 हेक्टेयर कृषि भूमि के भू-उपयोग को आवासीय करने की अंतिम मंजूरी दे दी है. हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के अनियंत्रित और अनियोजित फैलाव को रोककर नागरिकों को चौड़ी सड़कों, पार्कों, सामुदायिक भवनों और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुनियोजित आवासीय विकल्प उपलब्ध कराएगी.
शाहपुर बम्हैटा और निजी टाउनशिप परियोजनाओं को मिली गति
उत्तर प्रदेश टाउनशिप नीति-2023 के तहत निजी पूंजी निवेश को बढ़ावा देते हुए शाहपुर बम्हैटा में मैसर्स यू.एच. रियल्कॉन प्रा. लि. द्वारा विकसित की जा रही 80.7424 एकड़ टाउनशिप के लिए लैंड पूलिंग से मिली 54.6520 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि से आवासीय करने को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही 78.77 एकड़ भूमि पर टाउनशिप के लेआउट प्लान/डीपीआर को भी स्वीकृत कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त:
- ग्राम शाहपुर बम्हैटा में पुलिस सिटी सहकारी आवास समिति लिमिटेड की 16.933 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क जमा करने की स्वीकृति दी गई.
- निजी निवेश वाली सागा क्रेसेंट पार्क (मैसर्स सामग कंस्ट्रक्शन लि.) और पार्क टाउन (मैसर्स यूटिलिटी एस्टेट प्रा. लि.) इंटीग्रेटेड टाउनशिप की प्रोजेक्ट अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया, ताकि रुके हुए विकास कार्य तय मानकों और शर्तों के साथ जल्द पूरे हो सकें.
- सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप के ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या GH-1 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में आए प्रत्यावेदन का नियमानुसार निस्तारण करने का रास्ता साफ किया गया.
इंदिरापुरम, राजनगर और हापुड़ क्षेत्र में बड़े फैसले
शहरी इलाकों में खाली और अव्यवस्थित जमीन के सही उपयोग के लिए कई भू-उपयोग संशोधनों को बोर्ड ने हरी झंडी दी:
- इंदिरापुरम: शक्ति खण्ड-4 स्थित 5965.29 वर्गमीटर के होटल भूखंड संख्या SK-IV/01 और शक्ति खण्ड-2 स्थित 6959.586 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड संख्या C-1 को आवासीय ग्रुप हाउसिंग में बदलने की मंजूरी दी गई, जिससे यहां नई आवासीय परियोजनाएं विकसित हो सकेंगी.
- राजनगर: सेक्टर-5 स्थित 3815.65 वर्गमीटर प्राथमिक विद्यालय भूखंड का भू-उपयोग आवासीय (न्यून घनत्व) में संशोधित किया गया.
- हापुड़ (धौलाना): यूपी एमएसएमई नीति-2022 के तहत ग्राम हसनपुर लोधा में 13.1568 हेक्टेयर कृषि भूमि को औद्योगिक उपयोग में बदलने की मंजूरी दी गई, जिससे नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय रोजगार बढ़ेगा.
बैठक के अंत में पिछली 172वीं बोर्ड बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को कागजों से जमीन पर उतारने के लिए तय समयसीमा और मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए.
