कांग्रेस का यह सांसद बना क्राइसिस मैनेजर, सोनम वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मनाया, बोले- भारत को आपकी जरूरत

होमताजा खबरदेश

सोनम वांगचुक को अनशन खत्‍म करने के लिए किसने मनाया? आ गाया उस शख्‍स का नाम

Last Updated:

Sonam Wangchuk News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर अनशन करने वाले सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात को भूख हड़ताल समाप्‍त करने की घोषणा कर दी. वांगचुक के इस फैसले से प्रशासन के साथ ही सरकार ने भी राहत की सांस ली. हालांकि, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध-प्रदर्शन पहले की ही तरह अभी भी चल रहा है.

सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपना उपवास खत्‍म किया. (फोटो: Reuters)

Sonam Wangchuk News: NEET पेपर लीक मामले ने देशभर के युवाओं और छात्रों को आंदोलित कर रखा है. इस मामले में निष्‍पक्ष जांच और धर्मेंद्र प्रधान को मंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठ गए थे. तमाम जद्दोजहद के बाद वांगचुक ने गुरुवार को अपना अनशन समाप्‍त किया. जेपी नड्डा की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद भूख हड़ताल खत्‍म किया. लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि वांगचुक का अनशन समाप्‍त कराने में किन्‍होंने अहम भूमिका निभाई? इसमें भाजपा के किसी द‍िग्‍गज नेता या फिर किसी आध्‍यात्मिक गुरु का हाथ नहीं है. दरअसल, कांग्रेस सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्‍खा का इसमें अहम रोल रहा है.

जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद गुरुवार देर रात अपना 26 दिन का अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले तक पहुंचने के लिए तीन दिनों तक सरकार और वांगचुक के बीच लगातार बातचीत चली. इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं, वकीलों और लद्दाख के प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका रही. वांगचुक के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य ने भी इस पूरे घटनाक्रम को निर्णायक मोड़ दिया.

कांग्रेस सांसद विवेक तन्‍खा बने क्राइसिस मैनेजर

रिपोर्ट की मानें तो 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज और आंसू गैस की घटना के बाद सरकार ने वांगचुक से संपर्क साधने की कोशिशें तेज कर दी थीं. इसी दौरान कांग्रेस सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा (जिन्होंने पहले वांगचुक के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) से जुड़े मामले में भी पैरवी की थी) ने उन्हें अनशन समाप्त करने के लिए समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. बताया गया कि लंबे अनशन के कारण वांगचुक का वजन 11 किलोग्राम से अधिक घट चुका था और उनके स्वास्थ्य को लेकर परिवार तथा सहयोगियों की चिंता लगातार बढ़ रही थी.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *