नोएडा: नोएडा सेक्टर 122 पर्थला गांव में बीते दो-तीन साल से एक ऐसी पांच मंजिला इमारत जर्जर हालात में खड़ी है जिसके बराबर वाले मकानों की स्थिति देख आप भी चौंक जाएंगे और सहम जाएंगे. नजारा देख सब घबरा जाते हैं और एक ही सवाल उठता है मन में… ये टिकी कैसे है? आसपास रहने वाले पड़ोसियों को यही डर सताता रहता है न जाने कब ये जमींदोज हो जाएगी और कितना जान-माल का नुकसान होगा. पड़ोसियों का आरोप है कि इसका मकान मालिक सतीश यादव बिल्डिंग को लावारिस छोड़कर दूसरी जगह रहता है, जबकि प्राधिकरण ने इस बिल्डिंग समेत आसपास के अन्य मकानों को भी असुरक्षित घोषित करके नोटिस चस्पा कर दिया है.
अधूरी इमारत और धंसते पड़ोसियों के मकान
लोकल 18 की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस पूरे मामले की पड़ताल की और आसपास के लोगों से बात की. आपको बता दें कि यह पांच मंजिला इमारत है जो मकान मालिक ने ईंट और पिलर के माध्यम से इसका निर्माण पूरा कर दिया, लेकिन इसी दौरान उसे इसमें कुछ खामी नजर आई तो आगे का निर्माण और फिनिशिंग रुकवा दिया. आसपास के मकान भी जब इसकी चपेट में आने लगे और नीचे धंसने लगे तो इसकी शिकायत उन्होंने प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस प्रशासन से की, जिसके बाद प्राधिकरण ने जांच और पड़ताल करके इस पूरी इमारत और इसके आजू-बाजू के मकानों को असुरक्षित का नोटिस चस्पा कर दिया है. इसके साथ ही यहां के आसपास के लोगों के लिए मुनादी भी पिटवाई है.
खौफ के साए में 16 सदस्यों का परिवार
बिल्डिंग के बराबर में रहने वाले मकान मालिकों और उनके परिवार से हमने बात की. शरबती देवी, तेजपाल यादव, बॉबी यादव का कहना है कि हमारी रात और दिन बड़े ही डर के साए में गुजर रहे हैं. रातों को नींद नहीं आती, इसी चिंता में रात गुजर जाती है कि यह बिल्डिंग न जाने कब गिर जाए और हमें न जाने कितना जान-माल का नुकसान भुगतना पड़ेगा. हमारे पास इतने रुपये नहीं हैं कि हम एक दर्जन से ज्यादा फैमिली मेंबर को साथ लेकर किसी किराए के घर में शिफ्ट हो जाएं. मेहनत-मजदूरी करके घर का खर्चा ही बड़े मुश्किल से चल रहा है.
दबंगई का साया और आंखों में आंसू
बीते 2 साल से लगातार इसी डर के साए में जी रहे हैं, हमारा एक मकान पूरी तरह नींव से बैठ चुका है और उसमें से हम निकल कर अपने एक ही घर में सारे फैमिली मेंबर शिफ्ट हो गए हैं. हमारे परिवार में एक दर्जन से ज्यादा 16 लोग हैं. इसके साथ ही इन्होंने बताया कि मकान मालिक की दबंगई से भी बेहद परेशान हैं. परिवार में हमने महिलाओं से बात की तो उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर चिंता दिखाई दे रही थी. रोते हुए उन्होंने कहा कि हमारे दर्द को कोई समझ नहीं रहा है, हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं, नोएडा प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके हैं.
रास्ते से गुजरते वक्त चार गुना हो जाता है डर
वहीं एक पड़ोसी महिला ने बताया कि हमारा आना-जाना हमेशा रहता है और जब भी हम इस बिल्डिंग के सामने से गुजरते हैं, तो भागकर या डरते हुए निकलना पड़ता है. अगर कहीं ऐसा महसूस हो तो भागकर निकल सकें, और जब बच्चे साथ में होते हैं तो यह डर चार गुना बढ़ जाता है.
प्राधिकरण का पक्ष: जल्द होगी ढहाने की कार्रवाई
इस बारे में हमने नोएडा प्राधिकरण के आलाधिकारी एसएम अरुण कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे पास मामला आया है, हम उस पर जल्द कार्यवाही में लगे हुए हैं. कई बार नोटिस चस्पा करके वहां के लोगों को चेतावनी दी गई है और मुनादी भी कराई गई है. हमने उनसे पूछा कि आपके वर्क सर्कल 06 में तीन गांव में ऐसा कोई गांव है जिसमें एक भी बिल्डिंग प्राधिकरण के बायलॉज को नहीं तोड़ रही हो! इस पर उन्होंने जवाब दिया कि प्राधिकरण में इस बायलॉज को बनाने वाला डिपार्टमेंट इस सवाल का जवाब देगा. हमने उनसे कहा कि जिस तरह इस पांच मंजिला इमारत के आसपास स्थिति बनी हुई है वह बहुत नाजुक और डरावनी है, इस पर उन्होंने कहा कि आज शाम तक आपको बड़ा आदेश देखने को मिल सकता है. जल्द ही हमारे द्वारा सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करके इसे ढहाने का काम किया जाएगा.
आधा दर्जन घरों पर मंडरा रहा खतरा
आपको बता दें कि शरबती देवी और उनके परिवार में कुल 16 मेंबर हैं जो फिलहाल अपने सामने वाले मकान में एक बहुत छोटी सी जगह में शिफ्ट हो गए हैं और किसी तरह समय काट रहे हैं. घर की महिलाओं ने बताया कि हम रात में भी नहीं सो पाते हैं, हमेशा डर सताता है कि न जाने कब यह बिल्डिंग जमींदोज हो जाए और हम मौत के मुंह में समा जाएं. भगवान न करे कोई हादसा ऐसा हो, अगर यह किसी दिन बिल्डिंग गिरी तो इसकी चपेट में कम से कम आधा दर्जन घर आएंगे और उसके निवासी भी.
