Aaj Ka Mausam: उखड़ेंगे पेड़, ठप होगी बिजली! 16 राज्यों में तबाही मचाएगा मौसम; IMD ने जारी किया 90 KM आंधी का अलर्ट

Today Weather Live: मानसून अब कई राज्यों में आफत बन चुका है. मौसम विभाग (IMD) के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, वज्रपात और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि तक की आशंका जताई गई है. सबसे ज्यादा चिंता तेज हवाओं को लेकर है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में कमजोर पेड़ों के उखड़ने, बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचने, लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि जिन इलाकों में रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए. किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. लगातार सक्रिय बने दक्षिण-पश्चिम मानसून और अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं.

सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम का रुख तेजी से बदल रहा है. स्काईमेट और मौसम विभाग दोनों का अनुमान है कि गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारतीय राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और शहरी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और झारखंड समेत 16 राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होगी और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणालियां मानसून को लगातार ऊर्जा दे रही हैं. यही वजह है कि अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना है. ऐसे में प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और लोगों से मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की जा रही है.
  • देश के कई हिस्सों में मौसम की यह सक्रियता अलग-अलग कारणों से बनी हुई है. दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है. इसके प्रभाव से उत्तर भारत में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है. वहीं, पश्चिमी तंत्र और मानसूनी हवाओं के मेल से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.
  • मौसम एक्सर्पट का कहना है कि इस बार मानसून का पैटर्न सामान्य सालों से अलग दिखाई दे रहा है. कई स्थानों पर कम समय में अत्यधिक बारिश दर्ज हो रही है, जिससे अचानक बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं. यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन को पहले से राहत और बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों को भी खुले स्थानों, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी और भारी बारिश से बढ़ेगी परेशानी

दिल्ली-एनसीआर में 29 जुलाई को मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. IMD ने गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि खुले इलाकों में इससे अधिक तेज झोंके भी महसूस हो सकते हैं. तेज हवा के कारण पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

उत्तर प्रदेश में बारिश और आंधी का डबल अटैक

उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में 29 जुलाई को मौसम खराब रहने की संभावना है. नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर, देवरिया, सोनभद्र, अयोध्या और मिर्जापुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ स्थानों पर जलभराव और बिजली बाधित होने की आशंका है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात का भी खतरा

बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. पटना, गया, सिवान, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर और सहरसा समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है.

झारखंड में तेज हवाओं के साथ लगातार बरसेंगे बादल

रांची, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, साहेबगंज, सरायकेला और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. खनन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. रांची का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

पश्चिम बंगाल के उत्तर में ज्यादा खतरा, दक्षिण में भी बरसेंगे बादल

दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, मालदा, बांकुड़ा, हावड़ा, कोलकाता और पूर्व बर्धमान समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा चलने की चेतावनी दी है. कोलकाता में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

राजस्थान के कई जिलों में राहत की बारिश, लेकिन तेज हवा करेगी परेशान

राजस्थान के जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, टोंक, उदयपुर, नागौर, धौलपुर और जैसलमेर सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में तेज हवा के झोंके चलेंगे. मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

भोपाल, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, विदिशा, अशोकनगर, दमोह, दतिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट. (AP)

मध्य प्रदेश में चक्रवाती सिस्टम से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार

भोपाल, सतना, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, विदिशा, अशोकनगर, दमोह, दतिया और अनूपपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है. भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.

पंजाब-हरियाणा के खेतों में राहत, लेकिन तेज हवा बढ़ाएगी चुनौती

  • पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर, होशियारपुर, बठिंडा, फरीदकोट, संगरूर और कपूरथला में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चल सकती है. किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.
  • हरियाणा के अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, यमुनानगर, हिसार और आसपास के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कई स्थानों पर पेड़ गिरने का खतरा बना रहेगा.

पहाड़ों पर बारिश का डबल अटैक, लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ा

  • उत्तराखंड में 29 जुलाई को मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है. नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. देहरादून का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पहाड़ी नदियों और बरसाती नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है. लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है.
  • हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, शिमला, चंबा, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवा चल सकती है. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लेने को कहा है.
  • जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, सांबा, कठुआ, राजौरी, रियासी, कुपवाड़ा, कुलगाम, बडगाम, गांदरबल और अनंतनाग में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

पूर्वोत्तर में बारिश का सबसे बड़ा खतरा

पूर्वोत्तर भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने वाला है. असम और मेघालय में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई दौर की अत्यधिक बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. लगातार बारिश से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है. कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है. लोगों को नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

दक्षिण भारत में भी मेघों का प्रहार, तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

दक्षिण भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. तटीय कर्नाटक और केरल में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है. तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना है. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. कई जगहों पर बिजली गिरने और जलभराव की भी चेतावनी जारी की गई है.

29 जुलाई को किन राज्यों में सबसे ज्यादा मौसम का खतरा है?

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सबसे अधिक प्रभावित रह सकते हैं. कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.

क्या 90 KM प्रति घंटे की आंधी पूरे देश में चलेगी?

नहीं. 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा कुछ संवेदनशील इलाकों में चलने की संभावना जताई गई है. अधिकांश राज्यों में 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार हवा की गति अलग-अलग रह सकती है.

किसानों और आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

किसान कटाई या खेतों में काम के दौरान मौसम अपडेट देखते रहें. पेड़ों के नीचे खड़े न हों. बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान से दूर रहें. कमजोर बिजली लाइनों और पुराने पेड़ों के आसपास जाने से बचें. वाहन चलाते समय दृश्यता कम होने पर गति धीमी रखें.

पहाड़ी राज्यों में सबसे बड़ा खतरा क्या है?

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क बंद होने और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है.

क्या आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों तक मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रह सकता है. कई राज्यों में लगातार बारिश के नए दौर की संभावना है. इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.

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