नई कार खरीदते ही तुरंत करवा लें ये काम, सालों तक नहीं आएगी एक भी खरोंच, एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

भोजपुर: नई गाड़ी खरीदने के बाद हर किसी की यही इच्छा होती है कि उसकी चमक सालों तक बनी रहे और बॉडी पर खरोंच या धूप का असर बिल्कुल न पड़े. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए आजकल पीपीएफ (Paint Protection Film) और सिरामिक कोटिंग (Ceramic Coating) का चलन तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि, अभी भी कई लोग इन दोनों के बीच का अंतर नहीं समझते हैं. आरा के मौलाबाग स्थित ब्रोट्स डिटेलिंग स्टूडियो के संचालक सौरभ तोमर ने आसान भाषा में बताया कि आखिर ये दोनों तकनीक क्या हैं और इनका फायदा किसे मिलता है.

जानें क्या है गाड़ी के लिए पीपीएफ

सौरभ तोमर बताते हैं कि पीपीएफ को आप गाड़ी के लिए एक पारदर्शी सुरक्षा कवच समझ सकते हैं. यह एक मोटी और मजबूत ट्रांसपेरेंट फिल्म होती है, जिसे गाड़ी की बॉडी पर चिपकाया जाता है. अगर गाड़ी पर हल्की खरोंच लगे, छोटे-छोटे पत्थर टकराएं या रोजमर्रा के इस्तेमाल में स्क्रैच आएं, तो नुकसान फिल्म पर होता है, पेंट पर नहीं. कई प्रीमियम पीपीएफ में सेल्फ-हीलिंग तकनीक भी होती है, जिससे हल्के स्क्रैच गर्मी मिलने पर अपने आप कम हो जाते हैं.

धूल, पानी और गंदगी से करता है बचाव

वहीं, सिरामिक कोटिंग गाड़ी की बॉडी पर लगाया जाने वाला एक विशेष लिक्विड प्रोटेक्शन लेयर है. यह पेंट के ऊपर एक चमकदार और हाइड्रोफोबिक परत बना देता है, जिससे धूल, पानी और गंदगी आसानी से नहीं चिपकती. गाड़ी की सफाई आसान हो जाती है और लंबे समय तक उसकी चमक बनी रहती है. हालांकि, सिरामिक कोटिंग स्क्रैच से उतनी सुरक्षा नहीं देती, जितनी पीपीएफ देता है.

सौरभ तोमर के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी को कई वर्षों तक नई जैसी स्थिति में रखना चाहता है, तो पीपीएफ सबसे बेहतर विकल्प है. वहीं, जिन लोगों का बजट कम है और वे गाड़ी की चमक व पेंट की सुरक्षा चाहते हैं, उनके लिए सिरामिक कोटिंग भी एक अच्छा विकल्प है. कई लोग पहले पीपीएफ करवाते हैं और उसके ऊपर सिरामिक कोटिंग भी कराते हैं, जिससे सुरक्षा और चमक दोनों बढ़ जाती है.

उन्होंने बताया कि कीमत गाड़ी के मॉडल और उसके आकार पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर सिरामिक कोटिंग का काम लगभग 10 से 15 हजार रुपये से शुरू हो जाता है. जबकि पूरी गाड़ी पर अच्छी गुणवत्ता वाली पीपीएफ कराने का खर्च लगभग 70 हजार रुपये से लेकर 1.80 लाख रुपये या उससे अधिक तक हो सकता है. केवल बोनट, बंपर या कुछ हिस्सों पर भी पीपीएफ कराया जा सकता है, जिसकी लागत अलग-अलग होती है.

प्रशिक्षित तकनीशियन का ही करें चयन

सौरभ तोमर का कहना है कि आज के समय में लोग अपनी गाड़ी पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन उसकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते. उनका मानना है कि अगर शुरुआत में ही पीपीएफ या सिरामिक कोटिंग करा ली जाए तो गाड़ी का पेंट लंबे समय तक सुरक्षित रहता है. जहां रीसेल वैल्यू बेहतर मिलती है और वाहन सालों तक नई जैसी चमक बनाए रखता है. उन्होंने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि किसी भी काम को कराने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट और प्रशिक्षित तकनीशियन का ही चयन करें, ताकि उन्हें लंबे समय तक इसका पूरा लाभ मिल सके.

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