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Tofu factory Ghaziabad : क्या आप भी टोफू के शौकीन हैं. अगर ऐसा है तो सावधान हो जाइये. गाजियाबाद में ऐसा घोटाला सामने आया है, जिससे टोफू खाने वालों की नींद उड़ जाएगी. जिम जाने वालों से लेकर हेल्थ कॉन्शियस लोगों तक के लिए टोफू सेहतमंद डाइट का हिस्सा बन चुका है, लेकिन तब क्या होगा जब टोफू ही सेहत के लिए घातक हो जाए. गाजियाबाद में यही हुआ. शांति नगर में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान जिस फैक्ट्री में टोफू तैयार किया जा रहा था, वहां दूध फाड़ने के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था. टोफू रखने वाले ड्रम में गंदगी और कीड़े मिले.
गाजियाबाद. जिम जाने वालों से लेकर हेल्थ कॉन्शियस लोगों तक के लिए टोफू को सेहतमंद डाइट का हिस्सा माना जाता है, लेकिन गाजियाबाद में इसी टोफू को लेकर सामने आई एक घटना आपको हैरान कर सकती है. शांति नगर में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान जिस फैक्ट्री में टोफू तैयार किया जा रहा था, वहां दूध फाड़ने के लिए फूड-ग्रेड केमिकल की जगह फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था. यही नहीं, टोफू रखने वाले ड्रम में गंदगी और कीड़े मिले, यहां दूसरे ब्रांड के पैकेट में टोफू की सप्लाई बाजारों में की जा रही थी. अब खाद्य विभाग ने सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है.
लाइसेंस तो था लेकिन…
खाद्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर सुरेश मिश्रा ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि फैक्ट्री में टोफू तैयार करने के दौरान खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की जा रही है. टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो फैक्ट्री में साफ-सफाई की हालत बेहद खराब मिली. जिस ड्रम में टोफू रखा जा रहा था, उसमें गंदगी का अंबार था. पानी में कीड़े तक तैरते मिले. फैक्ट्री के कई हिस्सों में गंदगी फैली हुई थी. फैक्ट्री संचालकों के पास टोफू बनाने का लाइसेंस तो था लेकिन पैकेजिंग का लाइसेंस नहीं था. इसके बावजूद टीम को मौके पर करीब 50 टोफू ऐसे पैकेटों में मिले जो दूसरे ब्रांड के नाम से बाजार में सप्लाई किए जा रहे थे. खाद्य विभाग ने इन पैकेटों को भी जब्त कर लिया है.
प्रोटीन का तगड़ा स्रोत
टोफू को आमतौर पर सोयाबीन के दूध से तैयार किया जाता है. इसे सोया पनीर भी कहा जाता है. सफेद और पनीर जैसा दिखने वाला टोफू प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है खासकर जिम जाने वाले युवा और फिटनेस पसंद करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं. ऐसे में अगर इसे तैयार करने में घटिया या गैर-खाद्य केमिकल और गंदे पानी का इस्तेमाल हो रहा हो तो यह सेहत के लिए चिंता का विषय बन सकता है. खाद्य विभाग की टीम ने फैक्ट्री से टोफू और इस्तेमाल किए जा रहे पदार्थों के सैंपल लिए हैं. अब इनकी लैब जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि तैयार टोफू में इस्तेमाल किए गए पदार्थ मानकों के अनुरूप थे या नहीं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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