भारत महिला हॉकी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच सकता है, जानिए कैसे

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India Women’s hockey world cup semifinal scenario: भारत की महिला हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर में नीदरलैंड्स से 0-2 की हार के बावजूद सेमीफाइनल उम्मीदें बरकरार हैं. पूल-ई में फिलहाल चौथे स्थान पर मौजूद भारतीय टीम को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. साथ ही टीम इंडिया को उम्मीद करनी होगी कि चीन को नीदरलैंड्स हरा दे या मैच ड्रॉ रहे, जिससे भारत 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच जाए.

भारतीय महिला हॉकी टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार है.

नई दिल्ली. भारतीय टीम को मौजूदा विश्व चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ महिला हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर के अपने पहले ही मुकाबले में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा. इस परिणाम से टूर्नामेंट में भारतीय खेमे को झटका जरूर लगा है, लेकिन कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. विश्व कप के इस कड़े चरण में अंक तालिका का समीकरण कुछ ऐसा बन चुका है कि एक जीत और अनुकूल नतीजों के दम पर भारतीय टीम अब भी पदक की दौड़ में मजबूती से अपनी जगह पक्की कर सकती है.

टूर्नामेंट के तय नियमों के अनुसार, दूसरे दौर के पूल-ई में शामिल चार टीमों में से शीर्ष दो स्थानों पर रहने वाली टीमें ही सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी. वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो डच टीम अपने दोनों मुकाबले जीतकर 6 अंकों और प्लस चार के शानदार गोल अंतर के साथ पूल में पहले स्थान पर मजबूती से काबिज है. नीदरलैंड्स ने अब तक छह गोल दागे हैं और सिर्फ दो गोल खाए हैं. दूसरे स्थान पर चीन की टीम मौजूद है, जिसने अपने दोनों मैच ड्रॉ खेलकर 2 अंक जुटाए हैं. चीन ने तीन गोल किए और तीन गोल खाए हैं, जिससे उसका गोल अंतर शून्य है.

भारतीय महिला हॉकी टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार है.

तीसरे और चौथे स्थान की जंग बेहद रोमांचक मोड़ पर है. ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही टीमों के खाते में दो मैचों के बाद एक ड्रॉ और एक हार के साथ एक-एक अंक दर्ज है. दोनों टीमों का गोल अंतर भी माइनस दो का ही है. भारत ने टूर्नामेंट में अब तक दो गोल किए हैं जबकि चार गोल खाए हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया ने पांच गोल गंवाने के बावजूद तीन गोल दागे हैं. बेहतर गोल स्कोरिंग रिकॉर्ड (तीन गोल बनाम भारत के दो गोल) के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई टीम तीसरे पायदान पर है, जबकि भारतीय टीम चौथे स्थान पर खिसक गई है.

सेमीफाइनल की सीधी राह: भारत के लिए सिर्फ जीत ही विकल्प
पूल-ई के अपने दूसरे और अंतिम मैच में भारत का सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा. इस मैच में भारतीय टीम के लिए किसी भी तरह के ‘अगर-मगर’ या रक्षात्मक खेल की गुंजाइश नहीं है. भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में ऑस्ट्रेलिया को हराना ही होगा. यदि यह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो भारत के खाते में केवल 2 अंक ही रह जाएंगे, जो शीर्ष दो में पहुंचने के लिए नाकाफी साबित होंगे. वहीं हार का सीधा मतलब टूर्नामेंट से बाहर होना होगा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिलने वाली जीत भारत को सीधे 4 अंकों तक पहुंचा देगी, जो उसे अंतिम चार में पहुंचाने के लिए सबसे मजबूत आधार प्रदान करेगी.

नीदरलैंड्स बनाम चीन मैच से तय होगी तस्वीर
रविवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले से पहले नीदरलैंड्स और चीन के बीच मैच खेला जाएगा. भारतीय टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन की नजरें इस मैच के परिणाम पर टिकी रहेंगी. पहली और सबसे संभावित स्थिति यह है कि शक्तिशाली नीदरलैंड्स की टीम चीन को पराजित कर दे. ऐसी स्थिति में चीन के खाते में केवल 2 अंक ही रह जाएंगे. इसके बाद भारत अगर ऑस्ट्रेलिया को मात दे देता है, तो वह 4 अंकों के साथ सीधे दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा और बिना किसी रुकावट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगा.

दूसरी स्थिति यह बनती है कि चीन उलटफेर की कोशिश करते हुए नीदरलैंड्स को बराबरी पर रोक ले. ड्रॉ होने की दशा में चीन के 3 अंक होंगे. इसके बावजूद समीकरण भारत के पक्ष में रहेगा, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया को हराते ही भारत के 4 अंक हो जाएंगे और वह चीन को एक अंक से पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा कर लेगा. तीसरी और बेहद अप्रत्याशित स्थिति यह हो सकती है कि चीन नीदरलैंड्स को हरा दे. यदि ऐसा बड़ा उलटफेर होता है, तो चीन के 5 अंक हो जाएंगे और भारत जीत दर्ज करने के बाद भी 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर बाहर हो जाएगा. हालांकि, नीदरलैंड्स के मौजूदा दबदबे को देखते हुए इसकी संभावना बेहद कम नजर आती है.

मैदान पर रणनीति और फिनिशिंग का इम्तिहान
सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में बेहतरीन गति और आक्रामकता दिखाई है, लेकिन नीदरलैंड्स के खिलाफ सर्कल के भीतर मौकों को गोल में न बदल पाना टीम के लिए भारी पड़ा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में भारतीय फॉरवर्ड लाइन को पेनल्टी कॉर्नर को भुनाने और रक्षापंक्ति को शुरुआत से ही अनुशासित रखने पर ध्यान देना होगा. शोर्ड मारिन की रणनीतिक सूझबूझ और टीम का एकजुट प्रदर्शन रविवार को भारतीय महिला हॉकी के लिए विश्व कप सेमीफाइनल का रास्ता साफ कर सकता है.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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