इंस्टाग्राम खोलो, वॉट्सअप या फिर फेसबुक इन दिनों लोगों की पोस्ट-स्टेटस पर एक ही चीज नजर आ रही है. घुंघराले बालों वाली लड़कियां, लड़कियों के पिंक हूप ईयरिंग्स और लड़के जींस की जैकेट वाले. Ghibli ट्रेंड के बाद AI के इस नए ट्रेंड ने एक बार फिर लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है. एक-दो दिन तक तो ठीक था, लेकिन अब तो लोग अपनी पूरी फोटो एलबम ही 80s के लुक वाली सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. देखिए ट्रेंड तो कई आते-जाते हैं, लेकिन आखिर क्या है 80s के दशक का वो चार्म जो लोगों को इस कदर दीवाना बना रहा है. आज अल्ट्रा हायपररियलिस्टिक इमेजों के दौर में, HD कैमरा की क्लीयर पिक्चर के जमाने में, जहां सबकुछ परफेक्ट सा दिखता है, क्यों लोग इन पुरानी, ब्लरी तस्वीरों में अपना पास्ट ढूंढ रहे हैं? आखिर क्या है ऐसा कि 1980 का दशक इंटरनेट पर वापस आ रहा है… चलिए सबकुछ सिलसिलेवार तरीके से समझाती हूं.
यही तो बेस्ट रेसिपी है ‘वायरल ट्रेंड’ की
बाकी की बातें हम आगे करेंगे, लेकिन ये बात तो हमें माननी पड़ी कि इस ट्रेंड ने हर किसी को 80 के दशक का हीरो-हीरोइन जैसा बना डाला है. इन तस्वीरों को देखकर लगता है जैसे वह 1986 में मुंबई के किसी स्टूडियो में खिंची गई हों. AI से बनी इन तस्वीरों में डिटेलिंग को फुल मार्क्स मिलने चाहिए. तस्वीरें थोड़ी धुंधली है, रोशनी ज्यादा फैल रही है और तस्वीर के ये छोटे-छोटे इंपरफेक्शन ही इन्हें बेहद खूबसूरत बना रही हैं. शायद यही वजह है कि ChatGPT, Gemini, Midjourney और दूसरे AI टूल्स से बनने वाली 1980s स्टाइल तस्वीरें एक ग्लोबल ट्रेंड बन चुकी हैं.
परिणीति चोपड़ा ने भी इस ट्रेंड की गंगा में हाथ धोए हैं.
कहां से शुरू हुआ ये ट्रेंड
भारत में भले ही ये ट्रेंड सितंबर से शुरू हुआ हो, लेकिन असल में ये ट्रेंड 2023 का है. AI टूल मिडजर्नी पर कुछ नए अपडेट्स आए, जिससे लोगों ने पहली बार 1990 के दशक जैसी तस्वीरें बनाईं. इसी ट्रेंड से छत पर बैठे कपल की तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं. पर तब ये ट्रेंड बस चीन में ही चला था. पर इस बार तो दुनिया भर के दीवानों ने खुद को 80 के दशक में ट्रांसपोर्ट कर लिया है.
जो पैदा नहीं हुए, वो भी बना रहे हैं अपना अतीत
कोई ट्रेंड हो, सिनेमा या फिर कोई कहानी, ‘नोस्टेलजिया’ एक ऐसी फीलिंग है, जो अक्सर उसे हिट करा ही देती है. अतीत हमेशा पसंद आता है, हर इंसान उसमें वापस जाना चाहता है. और इन तस्वीरों का ये ट्रेंड यही फीलिंग पैदा कर रहा है. मजेदार बात तो ये है कि जो लोग उस दौर में थे भी नहीं, वो भी 1985 के किसी हीरो की तरह खुद को इमेजिन कर पा रहे हैं. लोग सिर्फ एक तस्वीर नहीं बना रहे, बल्कि एक ऐसी याद तैयार कर रहे हैं जो कभी हुई ही नहीं. जो 80 के दशक के हैं, वो भी उस दौर में ऐसे नहीं लगते थे, जो ये तस्वीरें आपको महसूस करा रही हैं.
कॉमेडियन भारती सिंह अपने पति हर्ष के साथ, 80 के दशक में पर एआई से.
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि इंसान हमेशा किसी ऐसे समय की ओर आकर्षित होता है जो उसे सरल और बेहतर लगता है. भले ही वह समय उसने खुद कभी देखा न हो. 1980s का दौर आज की पीढ़ी के लिए एक कल्पना जैसा है. बड़ी हेयरस्टाइल, रंगीन फैशन, कैसेट प्लेयर, वीडियो लाइब्रेरी और सिंगल-स्क्रीन थिएटर… वो सब जो पहले सच था लेकिन अब धुंधला सा हो गया है.
पर AI कैसे सीख रहा है 35mm फिल्म की कमियां
अब ये सवाल समझने वाला है. AI, जो आज के दौर का है, जिसे हाई-डेफिनेशन के लिए तैयार किया गया है, वो कैसे बीते हुए समय को इस कदर सच कर रहा है. यानी अब एआई सिर्फ साफ और क्लीयर फोटो नहीं बनाता, बल्कि उसने खराब तस्वीरों की खूबसूरती भी समझ ली. 35mm फिल्म कैमरों की तस्वीरों में फिल्म ग्रेन, हल्का ब्लर, रंगों का फीका पड़ना, लेंस फ्लेयर जैसी परेशानियां होती थीं. आज के कैमरे इन सभी चीजों को हटाने की कोशिश करते हैं. लेकिन AI मॉडल्स को लाखों पुरानी तस्वीरों, मैगजीन स्कैन, फिल्म पोस्टर्स और एनालॉग फोटोग्राफी के जरिए ऐसा ट्रेंड किया गया है कि वो अब समय को ही पीछे ले जा पा रहे हैं.
वैसे तो इस 80s ट्रेंड वाली विराट कोहली की कई फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल है. लेकिन ये तीन तस्वीर सबसे अलग, सबसे जुदा और सबसे अनोखी. .
AI के ये 80s वाले फोटो ट्रेडिशनल फिल्टर से बेहतर क्यों है?
साधारण फिल्टर केवल रंग और कॉन्ट्रास्ट बदलते हैं. AI मॉडल पूरी तस्वीर को दोबारा तैयार करते हैं. वे कपड़ों, हेयरस्टाइल, रोशनी, कैमरा टेक्सचर, फिल्म ग्रेन और बैकग्राउंड तक को 1980s के माहौल के अनुसार बदल सकते हैं. इसलिए परिणाम ज्यादा वास्तविक और सिनेमाई दिखता है.
1980 के दशक की तस्वीरें बनाने के लिए प्रॉम्प्ट क्या हैं
अपना फोटो चैटजीपीटी या जैमिनी एआई में डालें और इस प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करें.
Transform this photo into an authentic 1980s studio portrait. Keep the facial identity, facial features, skin tone, face shape and natural appearance completely the same or unchanged. Style in an elegant 1980s outfit with a structured silhouette, vintage jewellery and a classic retro hairstyle with lots of volume inspired by the era. Use a sophisticated mid-century studio backdrop, soft directional lighting, gentle film grain, slightly muted colours and the look of an original 1960s analogue photograph. The image should feel timeless, polished and naturally photographed rather than digitally generated.’
एक फ्रेम में दो दिग्गज, एक साथ. एमएस धोनी और सुरेश रैना 80s के ट्रेंड में पूरी तरह रचे-बसे नजर आ रहे हैं.
ऐसा क्या लिखें कि एआई आपकी तस्वीरों में आपका चेहरा बिलकुल न बदले?
सबसे जरूरी है कि AI को स्पष्ट निर्देश दें कि चेहरे की पहचान बनी रहे. प्रॉम्प्ट में “preserve facial features”, “maintain face identity”, “same person”, “retain original face structure” जैसे शब्द जोड़ सकते हैं. यदि किसी फोटो-आधारित AI टूल का उपयोग कर रहे हैं तो हाई-रेजोल्यूशन तस्वीर अपलोड करना भी मदद करता है. इससे AI नया चेहरा बनाने की बजाय आपके मौजूदा चेहरे को रेट्रो स्टाइल में बदलता है.
