नोएडा : उत्तर प्रदेश के नोएडा में 1 दिसंबर से मेगा सर्वे शुरू होने जा रहा है, जो 35 दिन तक चलेगा. दरअसल, प्रगणकों (Enumerator) को खास ट्रेनिंग दी जाएगी. फिर ये लोग 30 लाख लोगों की आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्थिति का व्यापक सर्वेक्षण शुरू करेंगे. वहीं, नागरिक 16 से 30 नवंबर के बीच ऑनलाइन खुद अपनी गणना दर्ज कर सकेंगे.
कब होगा समाप्त?
बता दें, प्रगणक, वे आधिकारिक कर्मचारी या अधिकारी होते हैं जिन्हें जनगणना या किसी बड़े सर्वेक्षण (जैसे मतदाता सूची या आर्थिक गणना) के दौरान घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है. नोएडा में 1 दिसंबर से लगभग 30 लाख लोगों की आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत गणना का काम शुरू होगा, जो दूसरे चरण में 35 दिनों तक चलेगा और 4 जनवरी 2027 को समाप्त होगा. घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर के बीच ऑनलाइन खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका दिया जाएगा.
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, गणना की तैयारियां जोरों पर हैं. इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रशासनिक व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिए कि दूसरे चरण की गणना हाउस लिस्टिंग ब्लॉक के आधार पर सौ प्रतिशत पूरी की जाए और मास्टर सुपरवाइजर तथा फील्ड इंचार्जों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए.
एडीएम (वित्त) अजीत कुमार ने बताया कि जनपद की जनसंख्या का आकलन करने और हाउस लिस्टिंग ब्लॉक के अनुसार फील्ड स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं. सौ प्रतिशत गणना सुनिश्चित करने के लिए छह हजार से अधिक प्रगणक तैनात किए जाएंगे, जो हर घर जाकर 40 सवालों के जवाब लेंगे और डेटा दर्ज करेंगे.
गणना में पूछी जाएगी ये पूरी जानकारी
गणना के दौरान परिवार के हर सदस्य से जुड़ी कई तरह की जानकारी दर्ज की जाएगी. इसमें नाम, परिवार के मुखिया से रिश्ता, लिंग, जन्मतिथि, उम्र और वैवाहिक स्थिति शामिल होगी. शादीशुदा लोगों से शादी के समय की उम्र और पति या पत्नी का नाम भी पूछा जाएगा. इसके साथ राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी. माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता की स्थिति, मातृभाषा और दूसरी भाषाओं के ज्ञान के बारे में भी सवाल होंगे.
पढ़ाई और नौकरी से जुड़े सवाल भी
गणना में यह भी दर्ज किया जाएगा कि व्यक्ति साक्षर है या नहीं, डिजिटल रूप से कितना सक्षम है और फिलहाल किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं. उसकी सबसे बड़ी शैक्षणिक योग्यता और किस विषय या संकाय से पढ़ाई की है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी. रोजगार से जुड़े सवालों में पिछले साल किए गए काम, काम का प्रकार, व्यवसाय, उद्योग या सेवा की श्रेणी और व्यक्ति किस तरह के कर्मचारी के रूप में काम करता है, यह पूछा जाएगा. नौकरी की तलाश, काम करने की उपलब्धता और गैर-आर्थिक गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जाएगी.
घर बदलने से लेकर बच्चों तक की जानकारी
प्रगणक व्यक्ति के जन्म स्थान, पहले कहां रहते थे, वर्तमान जगह पर कब से रह रहे हैं और घर बदलने की वजह भी पूछेंगे. इसके अलावा स्थायी निवास का पता दर्ज किया जाएगा. शादीशुदा महिलाओं से कितने बच्चे वर्तमान में जीवित हैं, अब तक कितने बच्चे जीवित पैदा हुए और पिछले एक साल में कितने बच्चों का जन्म हुआ, इससे जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे. गणना के दौरान कोविड-19 टीकाकरण की जानकारी, बैंक खातों की संख्या और मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा. साथ ही आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होने या नहीं होने से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी.
