Aparajita Flowering Tips : अपराजिता के पौधे में डाल दें किचन की 3 चीजें, आएंगे इतने फूल, गिनती भूल जाएंगे

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Aparajita Plants Flowering Tips : एक पौधा ऐसा है जिसे घर में लगाने से सुख-शांति आती है. माना जाता है कि यह पौधा स्वर्ग से पृथ्वी पर आया था. निगेटिव एनर्जी को यह इस पौधे को घर से दूर करता है. इस पौधे के फूलों का अर्क बहुत गुणकारी होता है. इन फूलों की चाय पीने से टेंशन कम होती है. शरीर डिटॉक्स होता है. इतना ही नहीं दिमाग तेज करती है. याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाती है. आयुर्वेद में इसे ब्रेन टॉनिक माना गया है. हम बात कर रहे हैं अपराजिता के पौधे की. नर्सरी में यह पौधा 50-60 रुपये में मिल जाता है. कई बार यह पौधा हेल्दी नजर आता है लेकिन इसमें फूल नहीं आते. अपराजिता के पौधे में ज्यादा से ज्यादा फूल आएं, इसके लिए क्या करना चाहिए, आइये जानते हैं.

How to Increase Flowering in Aparajita : अपराजिता, पारिजात और मधुकामिनी तीन ऐसे पौधे हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि सीधे स्वर्ग से धरती पर आए हैं. इनके फूल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. अपराजिता का पौधा विजय का प्रतीक है. माना जाता है कि इसे घर में लगाने से सुख-शांति और समृद्धि आती है. घर में इस पौधे को हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. अपराजिता के पौधे को शंखपुष्पी या बटरफ्लाई पी फ्लावर , विष्णुकांता, गौकर्णी और नीलकंठा के नाम से भी जाना जाता है. अपराजिता का फूल मुख्य रूप जून से नवंबर के बीच सबसे ज्यादा और अच्छी तरह खिलता है. कई बार इसमें फूल नहीं आते? फूल लाने के लिए इसकी देखरेख कैसे करनी चाहिए आइये जानते हैं…

Aparajita Plant Growing tips : अपराजिता के फूल में खुशबू तो नहीं होती लेकिन दिखने में बहुत सुंदर लगते हैं. घर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. इसके फूल अपने आकर्षक गहरे नीले, सफेद और बैंगनी रंगों, औषधीय गुणों, और धार्मिक महत्व के लिए जाने जाते हैं. इन फूलों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पूजा-पाठ, ब्लू टी बनाने में होता है. अपराजिता के पौधे को जब नर्सरी से लोग लाते हैं और घर में लगाते हैं तो अक्सर इसमें फूल ना आने, पौधे में ग्रोथ ना होने की समस्या भी आती है. इसकी वजह सही गमले का चुनाव ना करना और सही देखभाल ना करना होता है. इसके पौधे को कम से 12×12 इंच के गमले में लगाना चाहिए. 15 इंच के गमले में दो पौधे लगाएंगे तो और अच्छा रहेगा. गमले में ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाए.

अपराजिता के पौधे के मिट्टी वेल-ड्रेन होनी चाहिए. यानी मिट्टी में पानी ठहरना नहीं चाहिए. अगर पुराने गमले की मिट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले दो-तीन दिन तक धूप में डालें. या फिर 40 परसेंट नई मिट्टी लें. फिर इसमें थोड़ा सा 20 परसेंट कोकोपीट और 30-40 परसेंट वर्मि कंपोस्ट या गोबर की खाद मिला लें. थोड़ा सा कैल्शियम पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें. थोड़ी सी नीम खली मिलाएं. नीम खली से पत्तों में चमक आएगी. जड़ों में फंगस नहीं लगेगा. अगर संभव हो तो सीजन फ्लॉवर फूड 200 ग्राम मिला लें. इससे पौधे में फूल आएंगे. इस पौधे में बोन मील ना डालें. किसी भी तरह के केमिकल फर्टिलाइजर का भी इस्तेमाल ना करें. यह एक औषधीय पौधा है इसलिए इसमें नेचुरल खाद मिलाएं अन्यथ इसके औषधीय गुण कम हो जाएंगे. पौधे की समय-समय पर गुड़ाई और कटाई-छंटाई करते रहें. इससे पौधा घना हो जाएगा. पौधे में अगर छोटी-छोटी इल्लियां (कीट) लग जाएं तो नीम ऑयल का स्प्रे कर सकते हैं.

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वैसे तो यह गर्मी का पौधा है. 15 से 35 डिग्री के बीच अच्छे से ग्रो करता है. सर्दियों में यह पौधा डोरमेंसी में चला जाता है. पत्तियां झड़ जाती हैं. ठंड में इस पौधे को बचाइये. कपड़े से भी रात में कवर कर सकते हैं. या फिर गमले में भूसा डाल दें. ठंड खत्म होने के बाद फरवरी में इसकी हार्ड प्रूनिंग कर दें. सूखी टहनियों को हटा दें. जून माह की गर्मी में भी पौधे को बचाएं. इस पौधे को सपोर्ट चाहिए होता है. इसे नेट के सहारे आगे बढ़ाएं. इसकी जड़ें भी बहुत तेजी से फैलती हैं. यह एक बेल वाला पौधा है. इसे कम से कम 5 घंटे की धूप चाहिए. अगर इसे धूप नहीं मिलेगी तो फूल नहीं आएंगे.

अपराजिता के पौधे में और ज्यादा फूल लेने के एक और ट्रिक आप आजमा सकते हैं. अगर पौधा घना है और अच्छी ग्रोथ लिए हुए है तो वर्मि कंपोस्ट का इस्तेमाल आप कम कर सकते हैं. इसकी जगह पर पीली सरसों को मिक्सर ग्राउंडर में पीस लें. आलू के सूखे छिलकों का पाउडर बना लें. सूखे छिलके ना हो तो आलू को मिक्सर ग्राउंडर में ग्राइंड कर लें. आलू के मिक्स को पानी में मिला लें. फिर उसमें दो-तीन चम्मच पीली सरसों का पाउडर मिला लें. सबको अच्छे से मिलाकर एक रात के लिए छोड़ दें. सुबह होते ही मिट्टी में डाल दें. ऐसा करने से पौधे में ज्यादा से ज्यादा फूल आएंगे.

अपराजिता के पौधे में ज्यादा फूल लेने के लिए एक और आसान तरीका है. पीली सरसों को आलू के साथ मिक्सर ग्राउंडर में पीस लें. दोनों को पानी में अच्छे से मिलाकर 24 घंटे के लिए छोड़ दें. फिर इसे गमले में डाल दें. ऐसा करने से पौधे में ज्यादा से ज्यादा फूल आएंगे. आप यूज्ड चाय पत्ती को सुखाकर उसमें हल्दी मिलाकर भी जड़ में डाल सकते हैं. इसके फूल रोजाना तोड़ते रहिए. इससे और फूल आएंगे. साथ ही इसमें आप सीविड ग्रेन्युअल्स भी डाल सकते हैं.

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