Noida News : 150 बार चलेगा एक पीस, बांस से बनाया ऐसा डायपर, जानिए कीमत

नोएडा. कोविड के दौर में शुरू हुई कंपनी बम्बूलॉजी (Bamboology) अब बांस से बने ऐसे डायपर तैयार कर रही है, जो सामान्य सिंगल-यूज डायपर का विकल्प बन सकते हैं. कंपनी की फाउंडर फैहमीदा चौधरी के मुताबिक, बैम्बूलॉजी कंपनी की शुरुआत करीब चार साल पहले एक ऐसे विजन के साथ हुई थी, जिसमें प्रदूषण कम करने, लोगों तक हेल्दी प्रोडक्ट पहुंचाने और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया. कंपनी ने पहले बांस से जुड़े क्लोदिंग प्रोडक्ट पर काम किया और बाद में बांस के डायपर और पीरियड पैंटी पर पेटेंट के लिए आवेदन किया. फहमीदा के अनुसार, इस प्रोडक्ट को पिछले साल जून में पेटेंट ग्रांट हुआ, अब इसके निर्माण और बाजार में उतारने पर काम शुरू किया गया.

सिंगल-यूज डायपर से कितना अलग

लोकल 18 से फैहमीदा चौधरी कहती हैं कि बांस से बने इस डायपर की सबसे बड़ी खासियत इसका बायो-बेस्ड और रीयूजेबल होना है. बांस के फैब्रिक में प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिसके कारण यह बैक्टीरिया और दुर्गंध को कम करने में मदद करता है. उनका दावा है कि सामान्य कॉटन की तुलना में बांस के इस प्रोडक्ट में बैक्टीरिया की ग्रोथ काफी कम होती है. फैहमीदा ने सिंगल-यूज डायपर में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स और PFAS को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इसी वजह से कंपनी ने ऐसा विकल्प तैयार करने की कोशिश की, जो लंबे समय तक इस्तेमाल हो सके.

बुजुर्ग भी कर सकते हैं इस्तेमाल

कंपनी के फाउंडर फैहमीदा चौधरी की माने तो यह डायपर केवल बच्चों के लिए ही नहीं बनाया गया है. इसके साइज न्यूबॉर्न से करीब दो साल तक के बच्चों के लिए तैयार किए गए हैं, जबकि इसके बाद अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एडल्ट साइज भी उपलब्ध हैं. इनका इस्तेमाल उन महिलाओं के लिए किया जा सकता है, जिन्हें उम्र बढ़ने के साथ यूरिन इनकॉन्टिनेंस की समस्या होती है. इसके अलावा बुजुर्ग, बेडरिडन मरीज और स्पेशल नीड्स वाले बच्चे भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. प्रोडक्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह अब्जॉर्बेंट होने के साथ लीक-प्रूफ रहे और इस्तेमाल करने वाले को ज्यादा सुविधा मिले. कंपनी का दावा है कि इसे साधारण हैंडवॉश के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और एक डायपर को 150 वॉश तक इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है.

कम होगा खर्च

फैहमीदा के मुताबिक, सामान्य डिस्पोजेबल डायपर की कीमत कम से कम करीब 10-12 या उससे अधिक रुपये प्रति पीस तक पड़ सकती है, जबकि बांस के रीयूजेबल डायपर की प्रति उपयोग लागत करीब 2.5 से 3 रुपये तक आती है. उनका कहना है कि बार-बार इस्तेमाल होने के कारण लंबे समय में पेरेंट्स का खर्चा कम होगा. पेटेंटेड प्रोडक्ट होने के कारण कंपनी ने एक विशेष कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर के साथ काम किया है. कंपनी की ओर से फैब्रिक, इनसाइड लेयर, लेबल और अन्य जरूरी रॉ-मटीरियल उपलब्ध कराया जाता है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर मुख्य रूप से स्टिचिंग का काम करता है.

कम होगी ये आफत

पर्यावरण के लिहाज से कंपनी का फोकस सिंगल-यूज डायपर से निकलने वाले कचरे को कम करना है. फहमीदा चौधरी के मुताबिक, एक औसत बच्चा दिन में करीब तीन डिस्पोजेबल डायपर इस्तेमाल करता है और डेढ़ से दो साल की उम्र तक यह संख्या हजारों डायपर तक पहुंच सकती है.उनके अनुमान के अनुसार करीब दो साल में एक बच्चा लगभग 2,200 डायपर इस्तेमाल कर सकता है. कंपनी का दावा है कि रीयूजेबल बांस डायपर अपनाने से इस तरह के कचरे को बड़े स्तर पर कम किया जा सकता है.

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