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रेटिनॉल आज स्किनकेयर की दुनिया का सबसे चर्चित इंग्रीडिएंट बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इस्तेमाल अचानक शुरू नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे विटामिन ए और कई दशकों की रिसर्च की कहानी है.
आजकल त्वचा की देखभाल की दुनिया में रेटिनॉल का नाम खूब सुनने को मिलता है. सीरम हो या नाइट क्रीम, कई तरह के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में रेटिनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी स्किनकेयर रूटीन में इसे शामिल करने की बात करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेटिनॉल कोई नया ट्रेंड नहीं है. इसकी कहानी कई दशक पुरानी है.
रेटिनॉल, विटामिन ए का एक रूप है, जिसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल करने वाले उत्पादों में किया जाता है. यह त्वचा में नई कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया और कोलेजन से जुड़े कामों पर असर डालता है. इसी वजह से इसका इस्तेमाल महीन रेखाओं, झुर्रियों, मुंहासों, असमान त्वचा रंग और त्वचा की बनावट से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है. सरल शब्दों में कहें तो रेटिनॉल ऐसा स्किनकेयर इंग्रीडिएंट है, जो त्वचा को ज्यादा चिकना और एक जैसा दिखाने में मदद कर सकता है.
रेटिनॉल की शुरुआत कैसे हुई?
रेटिनॉल की कहानी विटामिन ए पर हुई रिसर्च से शुरू होती है. 20वीं सदी में वैज्ञानिक विटामिन ए और शरीर में इसकी भूमिका को समझने पर काम कर रहे थे. धीरे-धीरे विटामिन ए से जुड़े यौगिकों का इस्तेमाल त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी होने लगा. 1960 और 1970 के दशक में ट्रेटिनॉइन जैसे प्रिस्क्रिप्शन रेटिनॉइड्स का इस्तेमाल मुंहासों के इलाज में किया जाने लगा. बाद की रिसर्च में यह भी देखा गया कि रेटिनॉइड्स त्वचा की उम्र बढ़ने और धूप से होने वाले नुकसान से जुड़े बदलावों पर असर डाल सकते हैं. इसके बाद इनका इस्तेमाल सिर्फ मुंहासों तक सीमित नहीं रहा.
फिर रेटिनॉल इतना लोकप्रिय कैसे हुआ?
समय के साथ स्किनकेयर कंपनियों ने रेटिनॉल को क्रीम और सीरम जैसे कॉस्मेटिक उत्पादों में शामिल करना शुरू किया. इसके बाद सोशल मीडिया ने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया. इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक पर स्किनकेयर रूटीन और त्वचा विशेषज्ञों से जुड़ी जानकारी में रेटिनॉल की खूब चर्चा होने लगी. इससे लोगों में इस इंग्रीडिएंट को लेकर दिलचस्पी बढ़ती गई और रेटिनॉल आम स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनने लगा.
रेटिनॉल लगाते समय रखें सावधानी
रेटिनॉल हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता. शुरुआत में त्वचा पर रूखापन, लालिमा, जलन या परत निकलने जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए इसे त्वचा पर धीरे-धीरे इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. रेटिनॉल का इस्तेमाल करने वालों के लिए दिन में सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है. अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या पहले से त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है, तो रेटिनॉल शुरू करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा.
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विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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