नोएडा: नोएडा के चक मंगरोला गांव में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर कई जमीन मालिकों ने बिल्डर पर रजिस्ट्री कराने के बाद पूरा भुगतान नहीं करने और जमीन को आगे दूसरे लोगों को बेचने के गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ितों के मुताबिक, जमीन की रजिस्ट्री के बाद उन्हें चेक दिए गए, लेकिन कई चेक बैंक से बाउंस हो गए. कुछ जमीन मालिकों का आरोप है कि भुगतान का भरोसा देकर उनसे जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और इसके बाद जमीन को आगे अन्य लोगों के नाम बेच दिया गया. इस पूरे मामले में VMY Builders Private Limited और उसके डायरेक्टर प्रदीप त्यागी का नाम सामने आया है. हालांकि, बिल्डर पक्ष ने कुछ आरोपों से इनकार करते हुए अपने ऊपर कोई बकाया नहीं होने की बात कही है.
जमीन बेचने का बिल्डर पर आरोप
सबसे पहले पुष्पा चौहान की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है. परिवार के सदस्य नितिन चौहान के मुताबिक, उनके पिता की मृत्यु के बाद 2006 में चक मंगरोला में करीब 7 बीघा जमीन पुष्पा चौहान के नाम खरीदी गई थी. वर्ष 2020 में इस जमीन में से 5 बीघा बेचने की बात तय हुई थी और इसकी कीमत करीब 65 लाख रुपये तय बताई गई.
नितिन का आरोप है कि रजिस्ट्री 31 जनवरी 2020 को कराई गई, लेकिन धोखाधड़ी से 5 बीघा के बजाय पूरी करीब 7 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई. उनके मुताबिक, भुगतान के लिए 12 लाख 60 हजार रुपये के पांच चेक दिए गए, जिनकी तारीख 1 अप्रैल, 10 अप्रैल, 20 अप्रैल, 30 अप्रैल और 10 मई 2020 थी, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए.
जमीन से वसूले गए करोड़ों
नितिन का यह भी आरोप है कि जिस जमीन की रजिस्ट्री जनवरी में हुई, उसे बिल्डर ने फरवरी 2020 में ही अलग-अलग लोगों को बेच दिया. उनके मुताबिक, चरणजीत सिंह को 1 जनवरी, संजय वर्मा को 3 फरवरी, पिंटू कंटाल को 5 फरवरी और निशांत गोस्वामी और भावा कांत को 11 फरवरी 2020 को जमीन बेची गई और इन बिक्री से करीब 1 करोड़ 27 लाख 80 हजार रुपये वसूले गए. संबंधित जमीन का खसरा नंबर 52 बताया गया है.
मौके पर अवैध तरह से कब्जा करने का आरोप
दूसरा मामला डॉ. कमल परिहार की जमीन का है. उनके पिता के निधन के बाद वसीयत के अनुसार जमीन उनके नाम ट्रांसफर होने की बात परिवार की ओर से कही गई है. कमल परिहार के पिता किशन लाल परिहार के मुताबिक, करीब 12 बीघा से अधिक जमीन वर्ष 2006 से उनके परिवार के कब्जे और खेती में थी. उनका कहना है कि 2022-23 के बाद जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सड़कें और फार्महाउस बने मिले और उनकी जमीन की पहचान और रास्ते को लेकर परेशानी सामने आई.
परिवार ने जनसुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और एआरओ को शिकायतें व पत्र भेजने और सीमांकन के लिए आवेदन करने की बात कही है. किशन लाल का आरोप है कि प्रदीप त्यागी और दिनेश त्यागी नाम के बिल्डर वहां फार्महाउस काट रहे हैं और रास्ते बंद होने के कारण वे अपनी जमीन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. उनका कहना है कि जमीन खसरा नंबर 52 में है और इसकी मौजूदा कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. परिवार ने प्रशासन से सीमांकन और जमीन पर पहुंच का रास्ता खुलवाने की मांग की है.
जमीन मालिक का बड़ा आरोप
तीसरा मामला जयभगवान चौहान का है, जिन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन की कई रजिस्ट्रियों और भुगतान को लेकर आरोप लगाए हैं. जयभगवान के मुताबिक, चक मंगरोला, तहसील सदर नोएडा में उनकी जमीन की कुल सात रजिस्ट्रियां कराई गईं. इनमें तीन रजिस्ट्रियां VMY Builders Private Limited के नाम और चार प्रदीप त्यागी के व्यक्तिगत नाम पर कराई गईं, जो उनके अनुसार कंपनी के डायरेक्टर हैं. जयभगवान का आरोप है कि पहली रजिस्ट्री का भुगतान मिलने के बाद उनका भरोसा बना और इसके बाद दूसरी, तीसरी और चौथी रजिस्ट्री के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए.
उनके मुताबिक, अलग-अलग रजिस्ट्रियों में करीब 1 करोड़ 35 लाख 70 हजार रुपये, 1 करोड़ 94 लाख रुपये, 1 करोड़ 35 लाख 70 हजार 1 रुपये और 1 करोड़ 35 लाख 40 हजार रुपये की रकम शामिल थी. उनका आरोप है कि केवल एक 20 लाख रुपये का चेक पास हुआ, जबकि बाकी भुगतान नहीं हुआ. जयभगवान के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2023 में नोएडा पुलिस से शिकायत की और चेक बाउंस मामले में फरीदाबाद में धारा 138 के तहत केस भी किया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ.
इन्हें भी नहीं मिला पूरा भुगतान
जयभगवान चौहान ने आगे आरोप लगाया कि उनकी जमीन की एक रजिस्ट्री 16 अगस्त 2018 को हुई थी और दो दिन बाद 18 अगस्त को जमीन आगे बेच दी गई. इसी तरह 6 जुलाई 2019 को एक और रजिस्ट्री कराई गई, जिसमें भी चेक बाउंस होने का आरोप है. उनका कहना है कि बाद में प्रदीप त्यागी ने आर्थिक परेशानी का हवाला देकर और जमीन बेचने का आग्रह किया और सभी पुराने भुगतान करने का भरोसा दिया. इसके बाद 7 मार्च 2020 को एक और रजिस्ट्री कराई गई.
जयभगवान ने यह भी बताया कि उनकी बहन की जमीन की अलग रजिस्ट्री VMY Builders Private Limited के नाम हुई थी. कंपनी से जुड़े लोगों में प्रदीप त्यागी और पूजा त्यागी को डायरेक्टर और नीतीश कुमार को अधिकृत व्यक्ति बताया गया है. वहीं नगली निवासी ओमवीर चौहान के करीब 4 बीघा जमीन के मामले में भी रजिस्ट्री के दौरान आधा भुगतान होने और बाकी रकम नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है. यह आरोप भी संबंधित पक्ष के बयान के आधार पर है.
बिल्डर ने आरोपों को किया खारिज
वहीं VMY Builders के डायरेक्टर प्रदीप त्यागी से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने पुष्पा चौहान को जानने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने जमीन जयभगवान चौहान से खरीदी थी और उसका भुगतान RTGS के माध्यम से कर दिया था. प्रदीप त्यागी के मुताबिक, उनके ऊपर जयभगवान चौहान का कोई बकाया नहीं है. वहीं इस मामले में जमीन की रजिस्ट्रियों, भुगतान के बैंक रिकॉर्ड, चेक बाउंस से जुड़े दस्तावेज और संबंधित राजस्व रिकॉर्ड के सभी जयभगवान ने कोर्ट में पेश किए हैं, जिसका अभी मामला कोर्ट में है और विचाराधीन है.
