गाजियाबाद: किसानों के लिए खाद खरीदने की व्यवस्था में अब बदलाव होने जा रहा है. गाजियाबाद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खाद की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जा रही है. यानी किसानों को खाद लेने से पहले ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी. इसके लिए भारत सरकार के फर्टिलाइजर फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा.
नई व्यवस्था का मकसद किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद उपलब्ध कराना और खाद की बिक्री का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखना है. इससे खाद की कालाबाजारी और जरूरत से ज्यादा कीमत वसूलने पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी. कृषि विभाग की ओर से खाद विक्रेताओं, समिति सचिवों और किसानों को इस नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है.
फार्मर आईडी से होगी बुकिंग
जिला कृषि अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और उन्हें फार्मर आईडी मिल गई है, वे इसी आईडी से खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे. फार्मर रजिस्ट्री में किसान का आधार सत्यापन और जमीन का रिकॉर्ड पहले से जुड़ा होता है. ऐसे में किसान को दोबारा अपनी पूरी जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी.
ऐसे करनी होगी ऑनलाइन बुकिंग
किसान सबसे पहले भारत सरकार के FFS ऐप पर लॉगिन करेंगे. इसके बाद फार्मर आईडी के जरिए अपनी पहचान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. ऐप में किसान अपने क्षेत्र और उस ग्राम को चुन सकेंगे, जहां से वे खाद लेना चाहते हैं. इसके बाद चुने गए क्षेत्र में उपलब्ध खाद और वहां के रजिस्टर्ड विक्रेताओं की जानकारी ऐप पर दिखाई देगी. किसान अपनी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार खाद का चयन करके ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे.
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जिन्हें ऐप चलाने में परेशानी हो रही है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC की मदद ले सकते हैं. यहां पोर्टल के जरिए उनकी खाद की बुकिंग कराई जा सकेगी. विभाग के मुताबिक, विशेष परिस्थितियों में पहले से चली आ रही व्यवस्था के तहत खाद लेने का विकल्प भी रखा गया है.
किसान को कितनी खाद मिलेगी?
कृषि विभाग के मुताबिक, शासन की ओर से तय मानकों के आधार पर प्रति हेक्टेयर किसान को 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी की अनुमन्य मात्रा निर्धारित है. रबी और खरीफ सीजन के हिसाब से खाद की मात्रा अलग-अलग तय की जाएगी. विभागीय अधिकारी के मुताबिक, पूरे साल में एक किसान को अधिकतम 14 बोरी यूरिया और 10 बोरी डीएपी तक देने की व्यवस्था होगी.
75-80 खाद विक्रेताओं को दिया गया प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को लेकर विकास भवन में खाद विक्रेताओं का प्रशिक्षण भी कराया गया. जिले में करीब 200 रजिस्टर्ड खाद विक्रेता हैं. इनमें थोक और फुटकर दोनों तरह के विक्रेता शामिल हैं. पहले चरण में करीब 75-80 विक्रेताओं को नई ऑनलाइन व्यवस्था के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है. किसानों को भी चरणबद्ध तरीके से इसकी जानकारी दी जाएगी. 26 सितंबर से शुरू होने वाले सात दिवसीय सेवा संकल्प अभियान के दौरान जिले के चारों ब्लॉकों में किसानों को ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया समझाई जाएगी.
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करें. अगर खाद की कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूलने या किसी दूसरी तरह की परेशानी सामने आती है तो इसकी जानकारी विभाग को दें.
