शूटिंग में दो मेडल से खुला खाता, सुचिका ने रचा इतिहास, क्रिकेट में शतक और हॉकी में 32 गोल का गदर

नई दिल्ली. एशियन गेम्स के पहले दिन भारत ने पदकों का खाता खोलते हुए शानदार और उम्मीदों से भरी शुरुआत की. दिन का मुख्य आकर्षण शूटिंग में इलावेनिल वालारिवन का प्रदर्शन रहा, जिन्होंने भारत को दो सिल्वर मेडल दिलाए. इसके अलावा क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला, जबकि मिक्स मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने कम से कम एक ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया.

निशानेबाजी के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में इलावेनिल वालारिवन (Elavenil Valarivan) दिन की सबसे सफल भारतीय एथलीट बनकर उभरीं. उन्होंने पहले सोनम उत्तम मस्कर और पदार्पण कर रही विदार्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल पर निशाना लगाया. इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक अपने नाम किया. पिछले दो एशियन गेम्स में पदक से चूकने वाली 27 वर्षीय इलावेनिल के लिए यह उपलब्धि बेहद खास रही. फाइनल में उन्होंने 252.4 का स्कोर किया और जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रह गईं, जिन्होंने 253.0 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया. दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन को कांस्य मिला. हालांकि इलावेनिल अधिकांश समय बढ़त बनाए हुए थीं, लेकिन अंत की तीन खराब शॉट के कारण वे स्वर्ण पदक से चूक गईं.

मिक्स मार्शल आर्ट्स में सुचिका तरियाल का ऐतिहासिक पदक पक्का
निशानेबाजी के बाद मिक्स मार्शल आर्ट्स से भारत के लिए अच्छी खबर आई. 36 वर्षीय सुचिका तरियाल (Suchika Tariyal) ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. इसके साथ ही उन्होंने भारत के लिए कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर लिया. एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किए गए एमएमए में यह सफलता ऐतिहासिक है. जूडो से एमएमए में आईं सुचिका ने राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर पहले ही अपनी धाक जमाई थी और अब महाद्वीपीय मंच पर भी पदक पक्का कर लिया.

शेफाली वर्मा ने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक जड़ा.

महिला क्रिकेट टीम फाइनल में, बांग्लादेश को 114 रनों से रौंदा
क्रिकेट के मैदान पर भारतीय महिला टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए बांग्लादेश को सेमीफाइनल में 114 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में जगह बनाई. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने शेफाली वर्मा (Shafali Verma) के ताबड़तोड़ शतक की बदौलत 195/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया. शेफाली ने महज 49 गेंदों में टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला शतक जड़ा. उनके अलावा स्मृति मंधाना ने 37 और कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने 40 रनों का योगदान दिया. जवाब में भारतीय गेंदबाजों के सामने बांग्लादेशी टीम पस्त हो गई और पूरी टीम 15.4 ओवरों में सिर्फ 81 रनों पर सिमट गई. नंदनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने तीन-तीन विकेट हासिल किए. इस जीत के साथ ही भारत ने अपना खिताब बरकरार रखने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं, जहां फाइनल में उनका मुकाबला श्रीलंका से होगा.

हॉकी में गोलों की बारिश, भारत ने दागे कुल 32 गोल
हॉकी में भी भारतीय पुरुष और महिला टीमों का तूफान देखने को मिला. दोनों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप मुकाबलों में कुल 32 गोल दागे. महिला टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से रौंदकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया, जिसमें दीपिका सेहरावत ने अकेले आठ गोल दागे. वहीं पुरुष हॉकी टीम ने इंडोनेशिया के खिलाफ 13-1 से एकतरफा जीत दर्ज की. दिलप्रीत सिंह ने भारत के लिए सर्वाधिक चार गोल किए. दोनों जीत ने टूर्नामेंट में भारतीय टीमों के स्वर्ण पदक के मजबूत इरादों को साफ कर दिया.

बैडमिंटन में भारत की एकतरफा जीत, कजाकिस्तान 3-0 से पस्त
बैडमिंटन में भारत की महिला टीम ने कजाकिस्तान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उनका सामना मेजबान जापान से होगा. पीवी सिंधु ने सीधे गेमों में जीत दर्ज कर भारत को बढ़त दिलाई, जिसके बाद उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने अपने-अपने एकल मैच जीतकर टीम को आसान जीत दिला दी. भारतीय टीम ने पूरे मैच के दौरान एक भी गेम नहीं गंवाया.

टेबल टेनिस में मिला-जुला दिन, महिला टीम का शानदार कमबैक
टेबल टेनिस में भारतीय दल का मिला-जुला दिन रहा. पुरुष और महिला दोनों टीमों ने अपने पहले ग्रुप मैचों में इंडोनेशिया को 3-0 से हराया. इसके बाद महिला टीम ने सिंगापुर के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज की. एक समय भारतीय टीम 1-2 से पीछे थी, लेकिन श्रीजा अकुला ने मुकाबला बराबरी पर ला खड़ा किया और निर्णायक पांचवें मैच में यशस्विनी घोरपड़े ने लॉय मिंग को हराकर भारत को जीत दिला दी. हालांकि, पुरुष टीम को अपने दूसरे मैच में ईरान से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा. मानुष शाह, मानव ठक्कर और हरमीत देसाई अपने मुकाबले हार गए. अब दोनों टीमों का अगला मुकाबला पाकिस्तान से होगा.

टेकबॉल, तैराकी और अन्य खेलों में निराशाजनक प्रदर्शन
दिन की अन्य स्पर्धाओं में भारत को कुछ निराशाजनक परिणाम भी मिले. टेकबॉल में क्विंसी डी’सूजा कांस्य पदक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गईं. वे पांच मिनट के भीतर दो कांस्य पदक मैच हार गईं. महिला एकल में जापान की युइना सकामोतो के खिलाफ 11-12, 11-12 से हारने के बाद, वे मोहम्मद अनस बेग के साथ मिक्स डबल्स के कांस्य पदक मैच में उतरीं, जहां वियतनाम की जोड़ी ने उन्हें 2-0 से हरा दिया.

तैराकी में ऋषभ दास (Rishabh Das) पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में 54.77 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे. वुशू के चांगक्वान फाइनल में सूरज सिंह मयांगलमबम 11वें स्थान पर रहे, जबकि सांडा स्पर्धा में अर्पणा और विक्रांत बलियान को राउंड ऑफ 16 में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, एमएमए एथलीट वरुण सान्याल को सौना सत्र के दौरान हुई एक घटना के बाद डॉक्टरी जांच में अयोग्य घोषित कर दिया गया.

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