नोएडा: नोएडा सेक्टर 63 स्थित डी स्क्वॉयर मॉल के बेसमेंट में एक बेहद अनोखा और दिलचस्प कैफे है, जो ग्राहकों को उनके बचपन और स्कूल के दिनों की यादों में ले जाता है. इस कैफे का इंटीरियर बिल्कुल स्कूल क्लासरूम की तरह डिजाइन किया गया है, जहां डेस्क, ब्लैकबोर्ड, ग्रीन बोर्ड, साइंस लाइब्रेरी, बुक्स लाइब्रेरी, टेबल नंबर की जगह रोल नंबर, और पुरानी यादें ताज़ा करने वाला माहौल मिलता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका मेन्यू कार्ड है, जिसे मार्कशीट की तर्ज पर बनाया गया है. इतना ही नहीं, इस मेन्यू में आपको हर डिश और व्यंजन के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी, जैसे उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, उसका स्वाद के साथ उसके बारे में.
स्कूल की पुरानी यादों को ताजा करता है ये कैफे
लोकल 18 से बात करते हुए को-फाउंडर एंड डायरेक्टर बायबायकार्ट और अटेंडेंस शीट कैफे के ऑनर आशीष पांडेय ने बताया कि कैफे बनाने का कांसेप्ट लोगों को उनके स्कूल के पुराने दिनों की याद दिलाना है. किसी भी उम्र के लोगों को अपने स्कूल के दिन आज भी याद आते हैं और लोग उन दिनों को मिस करते हैं. अगर आज भी उन्हें मौका मिले तो वे दोबारा क्लासरूम में जाकर अपने पुराने दिनों को जीना चाहते हैं. इसी सोच के साथ कैफे में आने वाले हर ग्राहक को स्कूल वाली फीलिंग देने का प्रयास किया गया है. यहां लोग अपने स्कूल के दिनों को दोबारा महसूस कर सकें और उन पुरानी यादों को जी सकें, इसी थीम पर पूरे कैफे को तैयार किया गया है.
सभी डिश स्कूल के हिसाब से
कैफे में मेन्यू को भी स्कूल की थीम के हिसाब से तैयार किया गया है. ऑनर के मुताबिक यह मेन्यू एक मार्कशीट की तरह है. ग्राहक के ऑर्डर लेने के लिए उसके हाथ में यह मार्क शीट दिया जाता है. मेन्यू में खाने-पीने की चीजों के नाम भी स्कूल की यादों से जुड़े रखे गए हैं. जैसे गृहकार्य तड़का मैगी, ट्यूशन वाली मैगी, स्टाफ रूम प्रिंसिपल चाय और प्रार्थना सभा चाय. ग्राहक को जो चीज चाहिए, वह मेन्यू में टिक करता है और फिर उस मार्कशीट को स्टाफ को दे देता है. इसके बाद ऑर्डर टेबल पर परोसा जाता है.
A B C ग्रेड के हिसाब से मिलता है बिल पेमेंट
ऑनर ने बताया कि जिस तरह स्कूल में प्रश्न पत्र जमा करने के बाद परिणाम आता था, उसी तरह यहां ग्राहक के ऑर्डर के बाद उसका बिल अंक तालिका के रूप में आता है. यानी बिल को अंक तालिका का नाम दिया गया है. टेबल नंबर को भी स्कूल की तरह क्रमांक के रूप में रखा गया है, जैसे बिल में A, B, C जैसे ग्रेड भी दिए जाते हैं. मेन्यू में कैमिस्ट्री साइंस लैब मॉकटेल्स और बैकबेंचर मोमोज जैसे नाम रखे गए हैं. बैकबेंचर मोमोज के नीचे उसके बारे में जानकारी भी दी गई है. इस तरह मेन्यू से लेकर बिल तक पूरा एक्सपीरियंस स्कूल जैसा रखा गया है.
कैफे में एक एटेंडेंस वाल भी है
कैफे का नाम द एटेंडेंस शीट कैफे रखने के पीछे भी स्कूल से जुड़ी सोच है. ऑनर ने बताया कि स्कूल में जाने के बाद सबसे पहले उपस्थिति लगती है और उसके बाद पूरे दिन की शुरुआत होती है. इसी वजह से नाम रखा गया कि खाने-पीने और यादों की शुरुआत यहां से हो. कैफे में एक एटेंडेंस वाल भी बनाई गई है. ग्राहक अपनी मनपसंद डिश खाने के बाद चॉक से बोर्ड पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं. इसमें अपना स्कूल का रोल नंबर, नाम और पसंदीदा स्नैक लिखकर प्रेजेंट मार्क कर सकते हैं. ऑनर ने बताया कि लोग इस कांसेप्ट को पसंद कर रहे हैं.
एंट्री के दौरान वाल पर सारे मैनर भी अंकित
कैफे की एक दीवार पर क्लासरूम में प्रवेश करने से जुड़ी यादों को भी दिखाया गया है. जैसे क्लास में प्रवेश करते समय May I come in, sir? बोलना, पनिश्मेंट मिलने पर Stand up on the bench, बच्चों के बदमाशी करने पर Silence in the class और होमवर्क चेक करवाना. ऑनर ने बताया कि इन चीजों को इसलिए रखा गया है ताकि लोग अपने स्कूल के समय को रिकॉल कर सकें और अपनी अच्छी यादों को दोबारा जी सकें. कैफे में साइंस लैब और लाइब्रेरी भी बनाई गई है. साइंस लैब में स्कूल के समय बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स की तरह लाइव प्रोजेक्ट्स रखे गए हैं.साइंस लैब में पंप होने वाले प्रोजेक्ट, सोलर हाउस और विंड से जुड़े मॉडल बनाए गए हैं.
