एक साल मांगा था, कई साल बीत गए: पंजाब में पराली जलने पर दिल्ली CM ने केजरीवाल को याद दिलाया वादा

Punjab Parali Burning: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर पंजाब के किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है. उन्होंने उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली पराली जलाने की समस्या का कोई समाधान न देने के लिए भी केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया.

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर पंजाब के तरनतारन में पराली जलाने का एक वीडियो साझा किया और केजरीवाल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली इस समस्या के समाधान के अपने वादे की याद दिलाई. उन्होंने केजरीवाल पर केंद्र द्वारा संसाधन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद पंजाब के किसानों के साथ सामूहिक समाधान खोजने की इच्छाशक्ति और संकल्प की कमी का आरोप लगाया.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को अपने संदेश में कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कहा था, मुझे एक साल का समय दीजिए, मैं पंजाब में पराली जलाने पर रोक लगा दूंगा. कई साल बीत गए. किसान मदद का इंतजार करते रहे, और ‘आप’ की सरकार ने उन्हें पराली जलाने की मजबूरी से मुक्त करने के बजाय, उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया. उन्होंने आगे कहा कि तरनतारन में पराली जलाना फिर से शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने धनराशि दी, मशीनें दीं, सब्सिडी की पेशकश की, फिर भी भगवंत मान जी और केजरीवाल जी की ‘आप’ की सरकार जमीनी स्तर पर व्यवस्था करने में भी नाकाम रही.

सीएम रेखा गुप्ता ने पूछा कि संसाधन पूरी तरह उपलब्ध कराए गए, लेकिन इरादा, दृढ़ संकल्प और जवाबदेही, तीनों ही विफल रहे. दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को नकार दिया है. क्या अब वे अपनी इस करारी हार का गुस्सा दिल्ली की जनता पर निकाल रहे हैं?

एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए जमीनी स्तर पर नए समाधान लागू करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. वहीं, पंजाब में पराली जलाने से लगी आग ने ‘आप’ की सरकार का असली चेहरा उजागर कर दिया है. न कोई तैयारी, न कोई समाधान. सिर्फ झूठे वादे और किसानों के साथ धोखा.

इससे पहले, एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पंजाब के 18 जिलों में पराली जलाने की निगरानी के लिए हवाई दस्ते तैनात किए हैं, एक बयान में यह जानकारी दी गई. इसमें आगे कहा गया है कि 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक की तैनाती को क्रमिक चरणों में संरचित किया गया है, जिसमें 2026 के धान की कटाई के मौसम के दौरान निरंतर जमीनी स्तर की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग तैनाती अवधियों के लिए संबंधित जिलों को फ्लाइंग स्क्वाड सौंपे गए हैं.

पंजाब में तैनात हवाई दस्तों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब सहित प्रमुख धान उत्पादक जिले शामिल हैं. बयान में कहा गया है कि ये टीमें किसानों, पराली सुरक्षा बल, जिला स्तरीय अधिकारियों, राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों, संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अधिकारियों, एसएएस नगर स्थित सीएक्यूएम सेल और आयोग के साथ समन्वय करेंगी.

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