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Tihar Jail News: भारत-म्यांमार सीमा पर आतंकवादियों और उपद्रवियों को मिलिट्री ट्रेनिंग देने के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक को एनआईए ने गिरफ्तार किया था. मैथ्यू पर जासूसी करने का भी आरोप है. फिलहाल अमेरिकी नागरिक तिहाड़ जेल में बंद है.
भारत-म्यांमार पर आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने वाले कथित अमेरिकी जासूस और मर्सिनरी मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक ने खाना बनाने की मांग को लेकर तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है.
Tihar Jail News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा आतंकी साजिश और भारत-म्यांमार सीमा पर सक्रिय उग्रवादी संगठनों को सैन्य प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक ने दिल्ली की एक अदालत का रुख करते हुए तिहाड़ जेल में अपना भोजन स्वयं तैयार करने की अनुमति मांगी है. वैनडाइक का कहना है कि जेल में मिलने वाला खाना उनके लिए अत्यधिक मसालेदार, तैलीय और डीप-फ्राई होता है, जिसके कारण वह उसे खा नहीं पा रहे हैं और पिछले दो महीने से अधिक समय से लगभग केवल सोया मिल्क जैसे लिक्विड के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं. मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक ने पास्ता, चिकन, रेड मीट आदि की डिमांड की है.
न्यायिक हिरासत में बंद वैनडाइक की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्होंने 6 मई से भूख हड़ताल जैसी स्थिति अपना रखी है, क्योंकि वह जेल का नियमित भोजन ग्रहण करने में असमर्थ हैं. उनके वकीलों के अनुसार, इस दौरान उनका करीब 30 पाउंड (लगभग 14 किलोग्राम) वजन कम हो गया है. इसके अलावा उन्हें पर्याप्त पोषण न मिलने के कारण विजन लॉस, कमजोरी, शारीरिक क्षमता में गिरावट और रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. याचिका में अदालत से मानवीय आधार पर राहत देने की अपील की गई है. इसमें कहा गया है कि वैनडाइक का परिवार उनके भोजन की पूरी व्यवस्था अपने खर्च पर करने को तैयार है. परिवार आवश्यक राशन, बर्तन और खाना बनाने के उपकरण उपलब्ध कराएगा, जिससे जेल प्रशासन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.
मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक की क्या डिमांड
मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक ने अदालत से जिन खाद्य पदार्थों की अनुमति मांगी है, उनमें चिकन, रेड मीट, मछली, झींगा, पास्ता, बिना पके नूडल्स, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, दालें, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोंड मिल्क, सोया मिल्क, पैक्ड पेयजल और मसाले शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने इंडक्शन कुकर, खाना पकाने के बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक फूड चॉपर रखने की भी अनुमति मांगी है ताकि वह अपना भोजन स्वयं तैयार कर सकें. मैथ्यू ऐरॉन वैनडाइक वकीलों का तर्क है कि अमेरिकी नागरिक होने के कारण वैनडाइक भारतीय जेलों में परोसे जाने वाले पारंपरिक भोजन के अभ्यस्त नहीं हैं. मौजूदा भोजन व्यवस्था उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है. साथ ही अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले के अंतिम निर्णय तक उन्हें नियमित रूप से सोया मिल्क उपलब्ध कराया जाए.
NIA ने किया किनारा
मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि वह इस आवेदन पर अलग से कोई जवाब दाखिल नहीं करेगी. इसके बाद अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की गई है. गौरतलब है कि एनआईए ने 13 मार्च को वैनडाइक को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ मिजोरम सीमा के रास्ते म्यांमार से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि यह समूह भाड़े के लड़ाकों (मर्सिनरी) के रूप में काम कर रहा था और भारत तथा म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों को ड्रोन संचालन समेत सैन्य प्रशिक्षण देने और व्यापक आतंकी साजिश में शामिल था. हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.
