उदयपुर. ट्रैवल पोर्टल एलिवास (Elivas) की ओर से दिवाली 2026 पर घूमने के लिए देश के टॉप-10 पर्यटन स्थलों की सूची जारी की गई है. इस सूची में राजस्थान की लेकसिटी उदयपुर को दूसरा स्थान मिला है, जबकि जयपुर पहले नंबर पर है. झीलों की खूबसूरती, ऐतिहासिक महलों और रोशनी से जगमगाती गलियों के कारण उदयपुर को दिवाली की छुट्टियां बिताने के लिए खास जगह माना गया है. इस सूची में दिल्ली-एनसीआर, गोवा, नासिक, लोनावला, अलीबाग, ऋषिकेश, कूर्ग और ऊटी जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल है.
दिवाली के मौके पर उदयपुर का नजारा आम दिनों से काफी अलग नजर आता है. शहर की झीलों के आसपास रोशनी, ऐतिहासिक इमारतों की खूबसूरती और बाजारों में त्योहार की रौनक पर्यटकों को आकर्षित करती है. यही वजह है कि दिवाली पर घूमने के लिए उदयपुर को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है.
पिछोला झील और सिटी पैलेस हैं खास आकर्षण
उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए पिछोला झील सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है. झील में बोटिंग करते हुए आसपास बने महलों और पहाड़ियों का नजारा देखने को मिलता है. शाम के समय झील के पानी में आसपास की इमारतों की रोशनी दिखाई देती है, जो यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देती है. वहीं, सिटी पैलेस अपनी राजसी बनावट और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है. यहां आने वाले पर्यटक मेवाड़ के इतिहास और शाही स्थापत्य को करीब से देख सकते हैं. इसके अलावा फतेहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी और सज्जनगढ़ भी घूमने के लिए अच्छे विकल्प हैं.
जयपुर पहले और उदयपुर दूसरे नंबर पर
उदयपुर के पुराने शहर की गलियां भी पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं. यहां की हवेलियां, पारंपरिक बाजार और स्थानीय हस्तशिल्प शहर की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं. दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी की रौनक रहती है, पर्यटक यहां घूमने के साथ राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं और स्थानीय कला-संस्कृति को करीब से जान सकते हैं. एलिवास की सूची में जयपुर को पहला स्थान दिया गया है, इसके बाद उदयपुर दूसरे नंबर पर है. सूची में दिल्ली-एनसीआर तीसरे और गोवा चौथे स्थान पर है, इसके अलावा नासिक, लोनावला, अलीबाग, ऋषिकेश, कूर्ग और ऊटी को भी टॉप-10 में जगह मिली है. दिवाली की छुट्टियों में उदयपुर घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए पहले से होटल और यात्रा की बुकिंग करना बेहतर रहेगा. इस सूची में दूसरे स्थान पर जगह मिलना उदयपुर की पर्यटन पहचान को एक बार फिर चर्चा में लाता है. झीलों, महलों और मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत के साथ यहां दिवाली की छुट्टियां बिताना पर्यटकों के लिए खास अनुभव हो सकता है.
