2026 Hyundai Bayon ने इंडियन मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है. कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में इसे Venue और Creta के बीच प्लेस किया है. ₹9.99 लाख से लेकर 18 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक की प्राइस रेंज में आने वाली ये कार अपने सेगमेंट में कई मॉडर्न फीचर्स और स्पेसिफिकेशन से लैस है. इसमें 12.3 इंच की डुअल स्क्रीन, लेवल-2 ADAS, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और जेनरेटिव एआई वॉइस असिस्टेंट जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं.
इसके बावजूद, आज के कड़े मुकाबले और टॉप वेरिएंट की 18 लाख रुपये तक जाने वाली कीमत को देखते हुए, इसमें कुछ ऐसे जरूरी फीचर्स की कमी खलती है जो इस सेगमेंट और बजट के ग्राहकों के लिए काफी मायने रखते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 मिसिंग फीचर्स, जो हुंडई वेन्यू को और एडवांस चॉइस बना सकते थे.
1. डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल
इस सेगमेंट में अब डुअल-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल काफी पॉपुलर हो रहा है. किआ सेल्टॉस, टाटा सिएरा और रेनो डस्टर जैसे कंपटीटर्स में ड्राइवर और को-पैसेंजर अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग टेंपरेचर सेट कर सकते हैं. बायोन में केवल सिंगल-जोन ऑटोमैटिक एसी दिया गया है, जो इसके प्रीमियम केबिन एक्सपीरिएंस और टॉप वेरिएंट के हिसाब से थोड़ा कमतर लगता है.
2. रियर विंडो सनशेड्स
भारत के भीषण गर्मी वाले मौसम में रियर विंडो सनशेड्स एक बेहद व्यावहारिक और जरूरी फीचर साबित होते हैं. हैरानी की बात ये है कि बायोन से नीचे सेगमेंट में आने वाली हुंडई वेन्यू तक में फैक्ट्री-फिटेड कर्टेन मिलते हैं, लेकिन बायोन में इसे छोड़ दिया गया है. इससे पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए धूप से बचाव थोड़ा मुश्किल होगा.
3. पावर्ड टेलगेट
बायोन में 505 लीटर का बड़ा बूट स्पेस मिलता है, जो इस गाड़ी की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक है. हालांकि, इसके टेलगेट को खोलने या बंद करने के लिए कोई इलेक्ट्रिक या पावर्ड बटन नहीं दिया गया है. सेगमेंट की कुछ गाड़ियां अब स्मार्ट या पावर्ड टेलगेट की सुविधा दे रही हैं, जिससे भारी सामान लोड करते समय काफी आसानी होती है.
4. टर्बो-पेट्रोल और डीजल ऑप्शन
हुंडई ने बायोन को केवल 1.5 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन (115 PS) के साथ उतारा है. इस सेगमेंट में जहां ग्राहक परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड टर्बो इंजन या हाईवे माइलेज के लिए डीज़ल पसंद करते हैं, वहां बायोन में कोई टर्बो-पेट्रोल या डीजल का विकल्प न होना सीमित लोगों तक की रीच करवाता है.
5. कूल्ड ग्लवबॉक्स और एयर प्यूरीफायर
भारतीय मौसम और लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए इन-केबिन एयर प्यूरीफायर और कूल्ड ग्लवबॉक्स काफी उपयोगी साबित होते हैं. हुंडई अपनी वेन्यू और क्रेटा जैसी गाड़ियों में ये दोनों फीचर्स देती आई है, लेकिन बायोन के टॉप वेरिएंट में भी इन दोनों व्यावहारिक फीचर्स को छोड़ दिया गया है.
