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Jamia Student Union Restoration: जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों की 18 दिनों की लंबी भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन आखिरकार रंग लाया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर छात्रों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए छात्र संघ की बहाली का आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही प्रदर्शन से जुड़ी तमाम अनुशासनात्मक कार्रवाइयां और कैंपस बैन वापस ले लिए गए हैं, जिसके बाद छात्रों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है. जामिया के रजिस्ट्रार महताब आलम रिजवी ने भूख हड़ताल पर बैठे बच्चों को जूस पिलाकर खत्म की भूख हड़ताल.
जामिया में अगले साल से होंगे छात्र चुनाव. (AI Enhance)
जामिया मिलिया इस्लामिया कैंपस से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. पूरे 18 दिनों की लंबी भूख हड़ताल और टफ प्रोटेस्ट के बाद आखिरकार यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को स्टूडेंट्स की पावर के आगे झुकना ही पड़ा. प्रशासन ने ऑफिशियल ऑर्डर जारी कर स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली की मांग पूरी कर दी है. इस एपिक जीत के बाद प्रोटेस्ट को ऑफिशियली खत्म कर दिया गया है. खास बात यह है कि 15 मई 2027 तक यूनियन का नया संविधान लागू हो जाएगा और अगले एकेडमिक सेशन की शुरुआत के 6 हफ्तों के भीतर (करीब जुलाई-अगस्त 2027) इलेक्शन भी करवा लिए जाएंगे. सबसे बड़ी राहत यह है कि प्रोटेस्ट के दौरान स्टूडेंट्स पर लगाए गए सभी सस्पेंशन और कैंपस बैन भी पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं.
मई 2027 तक लागू होगा छात्रसंघ का संविधान
छात्रसंघ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, छात्रसंघ के संविधान को लागू करने की प्रक्रिया 15 मई 2027 तक पूरी की जाएगी. यह कदम छात्रसंघ की औपचारिक बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है. लंबे समय से छात्र प्रतिनिधित्व और चुनाव की मांग कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है. छात्रसंघ के बयान में चुनाव को लेकर भी समयसीमा बताई गई है. इसके मुताबिक, अगले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के छह सप्ताह के भीतर चुनाव कराए जाएंगे. अनुमान के मुताबिक, चुनाव जुलाई-अगस्त 2027 के दौरान हो सकते हैं. हालांकि, चुनाव की सटीक तारीख विश्वविद्यालय की ओर से तय कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगी.
प्रदर्शन से जुड़ी कार्रवाई और कैंपस बैन वापस
इस आंदोलन का एक बड़ा नतीजा छात्रों पर हुई कार्रवाई को वापस लेना भी है. छात्रसंघ के बयान के अनुसार, प्रदर्शन से संबंधित सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयां, निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध रद्द कर दिए गए हैं. इससे उन छात्रों को राहत मिली है, जिन पर आंदोलन के दौरान कार्रवाई की गई थी.
18 दिन तक चला संघर्ष, अब भूख हड़ताल खत्म
छात्रों ने छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर लगातार 18 दिन तक प्रदर्शन और भूख हड़ताल की. अब प्रशासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया गया है. छात्रसंघ ने इस सफलता के लिए आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों के प्रयासों को श्रेय दिया है. यह घटनाक्रम जामिया में छात्र राजनीति और प्रतिनिधित्व के लिहाज से अहम है. अब सबकी नजरें संविधान लागू करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया पर रहेंगी. फिलहाल, छात्रसंघ की ओर से साझा बयान में बताई गई समयसीमा के मुताबिक, मई 2027 तक संविधान लागू करने और अगले शैक्षणिक सत्र के शुरुआती छह हफ्तों में चुनाव कराने की योजना है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
