नई दिल्ली. अब से कुछ ही घंटे के बाद दिल्ली का रामलीला मैदान क्या एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है? कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी INDIA गठबंधन यहां चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है. रैली को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं, वहीं दिल्ली पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है. इसलिए दिल्ली की कोई सीपी खुद रैली स्थल पहुंच गया, जो अमूमन कम देखा जाता है. शनिवार को दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया. किसी विपक्षी दल की रैली से पहले पुलिस कमिश्नर का खुद मौके पर पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या पुलिस को किसी बड़े जमावड़े की आशंका है? क्या रविवार को सिर्फ रैली होगी या इसके बाद मार्च निकालने की भी तैयारी है?
दरअसल, इस बार मामला केवल रामलीला मैदान में होने वाली सभा तक सीमित नहीं है. राहुल गांधी ने मिंटो रोड- कनॉट प्लेस जंक्शन से दोपहर 12 बजे मार्च शुरू करने और रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए अलग से अनुमति नहीं मांगी गई है. यही वजह है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करने जा रही है. (एएनआई फाइल फोटो)
कितने बड़े स्तर पर हो रही तैयारी?
इस रैली को लेकर पुलिस की तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 3,000 से 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती रामलीला मैदान के चारों तरफ की गई है. पूरी दिल्ली का छो़ड़ दीजिए. मैदान को 14 जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन की निगरानी एसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे. पुलिस की निगरानी में 200 से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. AI आधारित फेस स्कैनिंग कैमरे लगे हैं. पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी वॉर्न कैमरे लगाए गए हैं, अस्थायी कंट्रोल रूम, प्रवेश और निकास द्वारों पर दो स्तर की जांच, 10 कंपनियों की रिजर्व फोर्स की तैनाती की तैयारी, पुलिस करीब 50 हजार लोगों की भीड़ को ध्यान में रखकर इंतजाम कर रही है.
कौन हैं दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार?
इस पूरे सुरक्षा इंतजाम में दिल्ली पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा नजर रक रहे हैं. उन्होंने रैली के लिए 14 जोन में सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी है. सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह रामलीला मैदान में रैली की अनुमति और आयोजकों के साथ समन्वय से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका है. नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा प्रस्तावित मार्च के संबंध में पुलिस की ओर से उन्होंने भी स्पष्ट किया है कि उनके जिले को इसकी आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी.
1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की रैली के लिए दिल्ली पुलिस का हाईटेक सुरक्षा प्लान तैयार है. (फोटो Reuters)
कार्यक्रम का पूरा लेखा-जोखा
1. मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से दोपहर 12 बजे मार्च शुरू होना प्रस्तावित है.
2. INDIA गठबंधन के नेता खुली बसों से मिंटो रोड पहुंचेंगे.
3. सांसदों के लिए संविधान क्लब से मिंटो ब्रिज तक अलग बस यात्रा की योजना है.
4. इसके बाद मार्च रामलीला मैदान पहुंचेगा.
दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान की रैली को अनुमति दी है, लेकिन मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित मार्च के लिए अलग अनुमति नहीं मांगे जाने की बात कही है. पुलिस ने कहा है कि परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे. रामलीला मैदान की रैली को लेकर दिल्ली पुलिस की तैयारियों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 24 अक्टूबर को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से भी जोड़कर देखा जा रहा है. 25 अक्टूबर को प्रकाशित इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में करीब तीन घंटे तक कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी. बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और दिल्ली पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
क्या रविवार को दिल्ली की सड़कों पर दिखेगी विपक्षी एकजुटता?
इस बैठक में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शनों, रामलीला मैदान की रैली और भीड़ प्रबंधन को लेकर चर्चा हुई थी. कांग्रेस की इस रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया गठबंधन के दूसरे नेताओं के शामिल होने की तैयारी है. रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियां और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है. इस आयोजन को लेकर पुलिस ने 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन की व्यवस्था भी की है.
कुल मिलाकर, रामलीला मैदान की रैली सिर्फ कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रह गई है. यह दिल्ली पुलिस के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और राजधानी के ट्रैफिक को संभालने की बड़ी चुनौती है. पुलिस कमिश्नर की कथित मौके पर मौजूदगी को इसी व्यापक सुरक्षा तैयारी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. रविवार को यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष का मार्च शांतिपूर्ण तरीके से रामलीला मैदान तक पहुंचता है या रास्ते में कोई नया सियासी घटनाक्रम सामने आता है.
