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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए गैर-बीएस-6 (Non-BS-6) गाड़ियों की एंट्री पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर जनता में भारी नाराजगी है. कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘लोकलसर्कल्स’ के एक नए सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के 57 प्रतिशत लोग इन पाबंदियों को लागू करने के तरीके से असंतुष्ट हैं. लोगों का आरोप है कि बिना किसी ठोस प्लानिंग और एडवांस नोटिस के अचानक नियम थोप दिए गए, जिससे सड़कों पर भयंकर ट्रैफिक जाम और भारी अव्यवस्था फैल गई.
प्रदूषण पर लगाम कसने के इरादे से दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. (एआई इमेज)
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए गाड़ियों पर पाबंदी तो लगा दी गई, लेकिन इसे लागू करने का तरीका ही लोगों की परेशानी की वजह बन गया. एक सर्वे में सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर के 57 फीसदी लोग मानते हैं कि गैर-बीएस-6 गाड़ियों पर पाबंदी ठीक तरीके से लागू नहीं की गई. लोगों ने खराब प्लानिंग, ट्रैफिक जाम और पहले से सही जानकारी नहीं मिलने को इसकी बड़ी वजह बताया है. कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘लोकलसर्कल्स’ के सर्वे में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के लोगों की 18243 प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया गया है. इसमें लोगों से पूछा गया था कि दिल्ली में गैर-बीएस-6 गाड़ियों की एंट्री पर लगी पाबंदियों को किस तरह लागू किया गया.
43 फीसदी लोगों ने बताया ‘बहुत खराब’
सर्वे में सबसे ज्यादा 43 फीसदी लोगों ने पाबंदियों को लागू करने के तरीके को ‘बहुत खराब’ बताया है. उनका कहना था कि बिना सही प्लानिंग के पाबंदियां लागू कर दी गईं. इससे सड़कों पर ट्रैफिक की अव्यवस्था बढ़ी और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं, 14 फीसदी लोगों ने इसे ‘खराब’ बताया. इन लोगों के अनुसार, पाबंदियों से पहले पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और ट्रैफिक मैनेजमेंट भी ठीक नहीं रहा. इसकी वजह से ऐसी दिक्कतें पैदा हुईं, जिन्हें टाला जा सकता था. सर्वे में 14 फीसदी लोगों ने व्यवस्था को ‘औसत’ माना. उनका कहना था कि इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता था.
सिर्फ 15 फीसदी लोगों ने बताया अच्छा
पाबंदियों को लागू करने के तरीके से संतुष्ट लोगों की संख्या काफी कम रही. सर्वे में केवल सात फीसदी लोगों ने इसे ‘अच्छा’ और आठ फीसदी ने ‘बहुत अच्छा’ बताया. इसके अलावा 14 फीसदी लोग कोई साफ जवाब नहीं दे सके. सर्वे में किसी भी जवाब देने वाले ने ऐसे विकल्प नहीं चुने, जिनमें अधिकारियों को पहले से ज्यादा जानकारी देने या पब्लिक ट्रांसपोर्ट के विकल्प उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई थी.
1 नवंबर से लागू हैं पाबंदियां, जनवरी तक रहेगी रोक
दिल्ली सरकार की ‘विंटर एक्शन प्लान’ के तहत 1 नवंबर से ये पाबंदियां लागू की गई हैं. नियमों के अनुसार, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की राजधानी में एंट्री पर 31 जनवरी 2027 तक रोक है, जो बीएस-6 एमिशन स्टैंडर्ड का पालन नहीं करती हैं.यानी प्रदूषण कम करने के मकसद से लागू इस नियम का असर दिल्ली आने वाले दूसरे शहरों के वाहन चालकों पर भी पड़ रहा है.
18 हजार से ज्यादा लोगों के जवाब पर आधारित है सर्वे
यह सर्वे लोकलसर्कल्स प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड वेरिफाइड नागरिकों के बीच किया गया. इसमें दिल्ली-NCR के पांच शहरों से मिली कुल 18243 प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया गया.
