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दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को शराब बेचते दिखाने वाले AI डीपफेक वीडियो और पोस्ट हटाने का आदेश दिया है. विवादित कंटेंट में उन्हें कथित ‘हर हर रेखा, घर घर ठेका’ योजना से भी जोड़ा गया था. अदालत ने कहा कि राजनीतिक आलोचना की आड़ में किसी की गरिमा पर हमला स्वीकार्य नहीं है. AAP के आधिकारिक X और फेसबुक पोस्ट हटाने का निर्देश दिया गया है.
कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. (File Photo)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब राजनीतिक हमलों का नया हथियार बनता दिख रहा है. दिल्ली में सीएम रेखा गुप्ता को निशाना बनाते हुए कुछ ऐसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए. इनमें उन्हें शराब बेचते और घर-घर शराब पहुंचाते दिखाया गया. यहां तक कि उनके नाम से एक ऐसी योजना भी दिखाई गई, जिसका असल में कोई अस्तित्व नहीं है. मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने सख्त रुख अपनाया. जस्टिस मनोज जैन की अदालत ने विवादित वीडियो और पोस्ट हटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि राजनीतिक आलोचना और किसी व्यक्ति की गरिमा पर हमला करने में फर्क होता है. सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है. लेकिन AI से किसी मुख्यमंत्री का आपत्तिजनक फर्जी चित्रण करना राजनीतिक व्यंग्य नहीं माना जा सकता. अदालत ने AAP के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है.
शराब बेचते दिखाया, ‘घर-घर ठेका’ योजना भी दिखाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी और अन्य लोगों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर किया था. उन्होंने AI से बनाए गए डीपफेक वीडियो और पोस्ट के प्रसार पर रोक लगाने की मांग की थी. साथ ही हर्जाना देने की मांग भी की थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने विवादित वीडियो और पोस्ट देखे. इनमें रेखा गुप्ता को शराब विक्रेता, फेरी लगाने वाली और शराब की डिलीवरी करने वाली के रूप में दिखाया गया था. एक पोस्ट में उन्हें ‘हर हर रेखा, घर घर ठेका’ नाम की कथित योजना से भी जोड़ा गया था.
‘राजनीतिक व्यंग्य की भी एक सीमा’
अदालत ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को हास्य और व्यंग्यात्मक आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए. लेकिन आलोचना और किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाने के बीच अंतर है. कोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक दल सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठा सकते हैं. लेकिन किसी नीति के विरोध में AI वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री का आपत्तिजनक चित्रण करना स्वीकार्य नहीं है. अदालत ने यह भी चिंता जताई कि AI वीडियो इतने वास्तविक दिखते हैं कि आम लोग उन्हें असली घटना समझ सकते हैं. कुछ वीडियो में मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को एक साथ शराब और आइस क्यूब डालते दिखाया गया था.
AAP के X और फेसबुक पोस्ट हटाने का आदेश
हाईकोर्ट ने माना कि मुख्यमंत्री का प्रथम दृष्टया मामला बनता है. अदालत ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से फैल सकते हैं. इसलिए तत्काल राहत देना जरूरी है. कोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है. प्रतिवादी संख्या 3, 4 और 5 को विवादित यूआरएल तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है. इनमें AAP दिल्ली के आधिकारिक X हैंडल, आम आदमी पार्टी के X हैंडल और फेसबुक पर साझा वीडियो और पोस्ट शामिल हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित कंटेंट हटाने का अंतरिम आदेश दिया है. मामले में सभी पक्षों की दलीलें अभी बाकी हैं. अगली सुनवाई 4 दिसंबर 2026 को होगी.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
