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दिल्ली के आदर्श नगर हादसे में इंसानियत पूरी तरह शर्मसार हो गई. जब 12 साल की मासूम प्रियांशी बस की टक्कर के बाद सड़क पर खून से लथपथ तड़प रही थी और उसके साथ के बच्चे रो-रोकर लोगों से मदद की भीख मांग रहे थे, तब लोग तमाशबीन बने रहे. भीड़ में मौजूद कई लोग बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त थे.
पुलिस मामले की जांच कर रही है
दिल्ली के आदर्श नगर इलाके से एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने स्कूली बच्चों से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में ई-रिक्शा में सवार 12 वर्षीय छात्रा प्रियांशी सड़क पर गिर गई और बस के पहिए की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. इस घटना ने जहां एक तरफ दिल्ली की सड़कों पर स्कूली वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों की संवेदनहीनता ने समाज को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. जब मासूम बच्ची सड़क पर खून से लथपथ तड़प रही थी, तब लोग उसकी जान बचाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में मशगूल थे.
आदर्श नगर हादसे पर एडिशनल डीसीपी रविनंदन ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. हादसे में शामिल स्कूल बस और ई-रिक्शा दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है. पुलिस ने स्कूल बस चालक के साथ-साथ ई-रिक्शा चालक को भी हिरासत में ले लिया है. मामले की विस्तृत जांच जारी है और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.
तेज रफ्तार बस ने मासूम को कुचला
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह करीब 6:45 बजे उस वक्त हुआ, जब मुकुंदपुर के रामा गार्डन की रहने वाली प्रियांशी अपनी बड़ी बहन और अन्य बच्चों के साथ ई-रिक्शा में सवार होकर स्कूल जा रही थी. परिजनों ने दोनों बच्चियों को सुरक्षित बैटरी रिक्शा में बिठाया था लेकिन मजलिस पार्क के पास पहुंचते ही 55 वर्षीय कमल सिंह द्वारा चलाई जा रही स्कूल बस ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रियांशी रिक्शे से नीचे गिर गई और बस ने उसे कुचल दिया. हादसे में ई-रिक्शा में सवार अन्य बच्चों को कोई चोट नहीं आई है. पुलिस को सुबह 7 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची.
मदद के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग
हादसे के बाद घटनास्थल पर मानवता को झकझोर देने वाला नजारा देखने को मिला. पास के ही एक जिम में काम करने वाले गोविंदा नामक युवक ने बताया कि जब वह हादसे के 8-10 मिनट बाद मौके पर पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी. ई-रिक्शा में सवार अन्य मासूम बच्चे हाथ जोड़कर रोते हुए लोगों से प्रियांशी को बचाने की मिन्नतें कर रहे थे. लेकिन, वहां मौजूद भीड़ में से कई लोग मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने में व्यस्त थे. गोविंदा ने तुरंत बच्ची को गोद में उठाया और बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
चालक हिरासत में, मामले की जांच जारी
मासूम प्रियांशी की मौत के बाद उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है. शोकाकुल परिजनों और रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि स्कूल बस बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अपराध शाखा और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है. पुलिस ने दुर्घटना में शामिल स्कूल बस और ई-रिक्शा दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी बस चालक कमल सिंह को हिरासत में ले लिया है. इस संबंध में आदर्श नगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें
