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Delhi ITO Twin Tower: न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक ट्विन टावर और मलेशिया के पेट्रोनास टावर की तरह अब दिल्ली के आईटीओ में भी एक शानदार ट्विन टावर सचिवालय नजर आएगा. ग्लोबल डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनने वाला यह सरकारी परिसर बेहद भव्य होगा. इसके दोनों गगनचुंबी टावर एक मॉडर्न स्काईवॉक से जुड़े होंगे. कांच और स्टील से बनी इस सस्टेनेबल ग्रीन बिल्डिंग में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-टेक सुरक्षा और पूरी तरह से पेपरलेस डिजिटल वर्किंग स्पेस होगा जो दिल्ली को एक नया ग्लोबल लुक देगा.
मलेशिया-न्यूयॉर्क जैसे ट्विन टावर: दिल्ली का यह नया सचिवालय एक बेजोड़ आर्किटेक्चर का नमूना होगा, जिसमें दो गगनचुंबी आधुनिक टावर बनाए जाएंगे. मलेशिया-न्यूयॉर्क की तर्ज पर बनने वाले इस परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इन दोनों टावरों को आपस में जोड़ने के लिए एक भव्य स्काईवॉक का निर्माण किया जाएगा. यह स्काईवॉक न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को एक टावर से दूसरे टावर में सुरक्षित और सुगम आवाजाही की सुविधा देगा, बल्कि देखने में भी बेहद आकर्षक और इंटरनेशनल लुक वाला होगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
एक ही छत के नीचे सारे विभाग: अभी दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभाग पूरी राजधानी में फैले हुए हैं, जिससे फाइलें पास होने और काम में देरी होती है. इस नए ट्विन टावर सचिवालय के बनते ही प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी. सरकार के सभी प्रमुख विभागों के दफ्तर इसी एक एकीकृत परिसर में शिफ्ट कर दिए जाएंगे. एक ही छत के नीचे सब कुछ होने से आम जनता को भटकना नहीं पड़ेगा और विभागों के बीच आपसी तालमेल भी बहुत तेज हो जाएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ग्लोबल डिजाइन और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग: दिल्ली के इस नए ‘पावर सेंटर’ को वर्ल्ड-क्लास लुक देने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही ग्लोबल टेंडर जारी करने जा रहा है. इसका सीधा मतलब यह है कि इस ट्विन टावर सचिवालय की डिजाइनिंग, आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग के लिए भारत समेत दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां अपनी किस्मत आजमाएंगी. इस वैश्विक भागीदारी से दिल्ली को एक ऐसा प्रशासनिक केंद्र मिलेगा, जो तकनीकी और संरचनात्मक रूप से दुनिया के बेहतरीन दफ्तरों से मुकाबला करेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पूरी तरह इको-फ्रेंडली और ग्रीन कॉम्प्लेक्स: भविष्य की जरूरतों और दिल्ली के पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस सचिवालय को पूरी तरह से सस्टेनेबल और ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, इन टावरों में ऊर्जा की बचत के लिए अत्याधुनिक सोलर पैनल, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट लगाए जाएंगे. पूरी इमारत को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इसमें प्राकृतिक रोशनी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो सके और यह प्रदूषण मुक्त रहे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
हाई-टेक सिक्योरिटी और स्मार्ट वर्किंग स्पेस: नया सचिवालय न सिर्फ दिखने में भव्य होगा, बल्कि सुरक्षा के मामले में भी अभेद्य किला बनेगा. यहां आने-जाने वालों के लिए डिजिटल एक्सेस, बायोमेट्रिक सिस्टम और 24 घंटे सीसीटीवी सर्विलांस जैसी हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था होगी. इसके अलावा, अंदर का वर्किंग स्पेस पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस कामकाज के अनुकूल होगा. बड़े कॉन्फ्रेंस रूम, हाई-स्पीड इंटरनेट और एडवांस्ड मीटिंग हॉल्स जैसी सुविधाओं से यह पूरी तरह से एक स्मार्ट और आधुनिक प्रशासनिक हब नजर आएगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
