IIT दिल्ली ने बनाया कमाल का हाइब्रिड सिस्टम! तूफान व धूल से बचेंगे सोलर पैनल, हवा से बनेगी बिजली

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IIT Delhi Renewable Energy Innovation: आईआईटी दिल्ली ने एक हाइब्रिड सिस्टम बनाया है जो सोलर पैनलों को तेज हवाओं व तूफान से बचाता है. यह हवा की दिशा बदलकर नुकसान रोकता है, उसी हवा से बिजली बनाता है और रेगिस्तानी इलाकों में धूल से भी बचाता है.

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नई दिल्ली: आईआईटी दिल्ली के सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग विभाग ने एक ऐसा हाइब्रिड सिस्टम तैयार किया है, जो तेज आंधी और तूफान के दौरान सोलर पैनलों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ हवा से भी बिजली पैदा कर सकता है. इस प्रोटोटाइप को विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमनाब बनर्जी और उनकी टीम ने विकसित किया है.

आंधी से नहीं होगा सोलर पैनलों को नुकसान
डॉ. अमनाब बनर्जी ने बताया कि तेज हवा और तूफान के समय कई बार सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं या अपनी जगह से हट जाते हैं. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक खास प्रोटेक्शन डिवाइस तैयार की गई है. यह डिवाइस तेज हवा की दिशा बदलकर उसे ऊपर की ओर मोड़ देती है, जिससे हवा का सीधा दबाव सोलर पैनलों पर नहीं पड़ता और उनके टूटने या गिरने का खतरा काफी कम हो जाता है.

हवा से भी बनेगी बिजली
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हवा को ऊपर की ओर मोड़ने के बाद उसकी गति का इस्तेमाल विंड एनर्जी बनाने के लिए भी किया जा सकता है. यानी एक ही सिस्टम से सौर ऊर्जा के साथ-साथ पवन ऊर्जा का भी लाभ मिलेगा. इससे बिजली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

रेगिस्तानी इलाकों में भी होगा फायदा
डॉ. बनर्जी के बताया राजस्थान जैसे रेगिस्तानी इलाकों में तेज हवा के साथ धूल भी आती है, जिससे सोलर पैनलों पर धूल जम जाती है और उनकी बिजली बनाने की क्षमता कम हो जाती है. नया डिजाइन धूल को सीधे पैनलों तक पहुंचने से रोकने में मदद करता है. इससे पैनलों की सफाई की जरूरत भी कम होगी और उनकी कार्यक्षमता बनी रहेगी.

छतों और बड़े सोलर फार्म में किया जा सकेगा इस्तेमाल
इस सिस्टम का इस्तेमाल घरों, ऊंची इमारतों की छतों और बड़े सोलर फार्म में किया जा सकता है. करीब 5 से 6 मीटर ऊंचा यह प्रोटेक्शन स्ट्रक्चर लगभग 40 मीटर तक के क्षेत्र को सुरक्षा दे सकता है. किसी भी जगह की जरूरत के अनुसार इसका डिजाइन तैयार किया जा सकता है और यह भी तय किया जा सकता है कि वहां कितने विंड टर्बाइन लगाने होंगे.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

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