दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की रेप केस में होगी गिरफ्तारी, हाई कोर्ट ने जारी किया ऑर्डर

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क्रिकेटर अभिषेक पोरेल की रेप केस में होगी गिरफ्तारी, कोर्ट ने जारी किया ऑर्डर

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बंगाल के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल के एक बड़े कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. कलकत्ता हाई कोर्ट रेप केस के आरोप में उनकी गिरफ्तारी के ऑर्डर जारी किए हैं. अभिषेक पर कथित रूप से एक महिला ने शादी का झांसा देकर रेप केस का आरोप लगाया है. अभिषेक इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलते हैं.

अभिषेक पोरेल की कोर्ट से गिरफ्तारी के ऑर्डर

नई दिल्ली: घरेलू क्रिकेट में बंगाल और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले क्रिकेटर अभिषेक पोरेल एक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. कथित तौर पर एक मेडिकल स्टूडेंट के रेप के आरोप में कोर्ट ने गिरफ्तारी के ऑर्डर दिए हैं. गिरफ्तारी के ये निर्देश कलकत्ता हाई कोर्ट से आया है. कोर्ट ने मोगरा पुलिस को शिकायतकर्ता की तस्वीरों के कथित तौर पर वायरल होने से रोकने के लिए पोरेल के सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को जब्त करने का भी निर्देश दिया है.

महिला का आरोप है कि क्रिकेटर ने शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और उनके अंतरंग पलों को रिकॉर्ड किया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि, “याचिकाकर्ता से एक पेन ड्राइव जब्त किया गया है. पेन ड्राइव में कुछ ऐसी चीजें मिली ऐसी हैं, जिससे साबित होता है कि पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को जब्त करने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया जाना जरूरी है ताकि उसमें मौजूद डेटा दूसरों के साथ साझा नहीं किया जा सके.”

तीन साल पुराने मामले में पोरेल पर दर्द हुआ केस

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार पोरेल ने कथित तौर पर जनवरी 2023 में शिकायतकर्ता से संपर्क किया था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. 23 साल के क्रिकेटर पर आरोप है कि जब उनके माता-पिता बाहर थे तब वह महिला को मनकुंडू स्थित अपने फ्लैट पर ले गए थे.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पोरेल ने उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. हालांकि, बाद में दोनों के परिवारों ने शादी पर चर्चा की थी, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे पता चला कि पोरेल के अन्य महिलाओं के साथ भी शारीरिक संबंध थे.

मोगरा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत

मोगरा पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, ” अभिषेक पोरेल ने याचिकाकर्ता को गैर-कानूनी रूप से बंधक बनाकर रखा. उसे खाना खाने से रोका और जानबूझकर उसे सबसे अलग-थलग कर दिया. 2 अप्रैल, 2026 को दिल्ली में हुई उक्त घटना से याचिकाकर्ता शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गई और ठीक से चलने में भी असमर्थ थी. अगले दिन फ्लाइट तय होने के बावजूद लगी चोटों के कारण याचिकाकर्ता को तुरंत डॉक्टरी उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ा.”

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Jitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें

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