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जंतर मंतर में जब छात्र पुलिस और पैरामिलिट्री की लाठियां झेल रहे थे, उसी वक्त काकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता बर्गर खाने में मस्त थे. उनका यह शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. वहीं, वीडियो सामने आने के बाद पार्टी ने विजेता दहिया को पार्टी प्रवक्ता पद से बर्खास्त कर दिया है.
जंतर मंतर में पुलिस की लाठियां झेल रहे थे छात्र और सीजेपी के पार्टी प्रवक्ता बर्गर के मजे ले रहे थे.
CJP Vijeta Dahia Viral Video: नई दिल्ली में NEET परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो ने सोशल मीडिया में हडकंप मचा दिया है. इस वीडियो में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रवक्ता विजेता दहिया एक फास्ट फूड आउटलेट में बर्गर खाते नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया में सीजेपी को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ते विवाद के बीच पार्टी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया है.
दरअसल, सोमवार को सीजेपी ने दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च का आयोजन किया था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे. अचानक यह प्रदर्शन हिंसक हो गया और छात्रों को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चलानी पड़ गई. इस लाठी चार्ज में कई छात्रों के घायल होने की भी खबरें है. इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा.
इसमें सीजेपी के प्रवक्ता विजेता दहिया एक नजदीकी मॉल के फास्ट फूड रेस्तरां में बैठे नजर आए. वीडियो में वह मजे से बर्गर खाते नजर आ रहे थे. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि जब छात्र सड़क पर संघर्ष कर रहे थे, तब पार्टी के प्रवक्ता रेस्तरां में बर्गर उड़ा रहे थे.
उलटी पड़ गई सफाई देने की कोशिश
वीडियो वायरल होने के बाद दहिया ने कई वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि कई दिनों से लगातार आंदोलन में सक्रिय रहने के बाद कुछ देर बर्गर खाना गलत नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई बर्गर क्यों खाता है? क्योंकि उसे भूख लगी होती है या उसका मन करता है” उन्होंने यह भी कहा कि हां, मैं बर्गर खाऊंगा. विजेता दहिया ने यह भी दावा किया कि वह जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं, बल्कि अपनी इच्छा से आंदोलन में शामिल हुए थे. हालांकि बाद में उन्होंने एक और बयान में यह कहा कि जब उन्हें पता चला कि बर्गर में मैदा और ट्रांस फैट है तो उन्होंने उसे नहीं खाया.
बयान ने किया आग में घी का काम
विजेता दहिया की सफाई से विवाद शांत होने के बजाय और भड़क गया. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके बयानों को गैरजिम्मेदाराना बताया. लोगों का कहना था कि जिस समय छात्र पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस समय पार्टी के नेता का ऐसा व्यवहार आंदोलन की भावना के खिलाफ था. वहीं, विवाद को लगातार बढ़ता देख सीजेपी ने आधिकारिक बयान जारी कर विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया. पार्टी ने कहा कि उनका व्यवहार आंदोलन के मूल्यों के अनुरूप नहीं था और नेतृत्व करने वाले लोगों को प्रदर्शनकारियों के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए. पार्टी ने यह भी साफ किया कि वह छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है. किसी भी ऐसे व्यवहार का समर्थन नहीं करती, जिससे आंदोलन की छवि प्रभावित हो.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…और पढ़ें
