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Jantar Mantar Protest: जंतर मंतर के हिंसक प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी और जवान भी शामिल हैं. घायल होने वालों में नई दिल्ली जिला के एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्र भी शामिल हैं. जंतर मंतर में कल क्या हुआ और किस तरह पुलिस को निशाना बनाया गया, जख्मी जवान बता रहे हैं एक-एक बात.
दिल्ली पुलिस एडिशनल डीसीपी ने बताया जंतर मंतर में कैसे बिगड़े हालात.
Jantar Mantar Protest: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद हालात बिगड़ गए. इस दौरान दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कई जवान घायल हुए हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने न केवल बैरिकेड तोड़े, बल्कि पथराव कर सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया. घटना में नई दिल्ली जिले के एडिशनल डीसीपी आईपीएस आनंद मिश्रा सहित कई जवान घायल हुए हैं.
एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा ने बताया कि जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिनों से प्रदर्शन चल रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस लगातार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थी. उन्होंने कहा कि जब पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि प्रदर्शनकारी मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद, पुलिस ने आयोजकों से संपर्क किया और उन्हें आवेदन देकर अनुमति लेने और पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा बताने को कहा था. लेकिन आयोजकों ने इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया और पुलिस के साथ सहयोग भी नहीं किया.
बिना अनुमति मार्च निकालने की कोशिश
एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अपने तय कार्यक्रम के तहत मार्च शुरू कर दिया. पुलिस ने पहले से सुरक्षा के इंतजाम कर रखे थे. जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे और लगातार लाउडस्पीकर से घोषणा की जा रही थी कि बिना अनुमति निकाला जा रहा यह मार्च गैरकानूनी है. पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने, वापस लौटने और कानून का पालन करने की अपील कर रही थी. इसके अलावा, इलाके में धारा 163 भी लागू थी. बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ना जारी रखा.
उन्होंने बताया कि भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ दिया. उनके मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया और कई जगह सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया. इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए. पुलिस को भीड़ को रोकने के लिए अतिरिक्त बल लगाना पड़ा. पुलिस की पूरी कोशिश थी कि किसी तरह शांति बनी रहे, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों की वजह से स्थिति हिंसक हो गई.
एलआईसी बिल्डिंग के पास बढ़ गई थी भीड़
हिंसक प्रदर्शन में घायल हुए हेड कांस्टेबल लाल सिंह ने बताया कि सुबह करीब 9 से 10 बजे तक स्थिति सामान्य थी. लेकिन उसके बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. वह एलआईसी बिल्डिंग के पास पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास कर रहे थे. उस समय वहां करीब 5,000 से 6,000 लोग मौजूद थे. भीड़ में छात्र भी शामिल थे. इसी दौरान पथराव शुरू हो गया और पत्थर लगने से उन्हें चोट आई. उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया.
घटना में घायल दिल्ली पुलिस के एसआई श्रीनिवास शर्मा ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से रास्ता खाली करने और पीछे हटने की अपील कर रही थी, ताकि यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बात नहीं मानी. इसके बाद हिंसा शुरू हो गई. उन्होंने बताया कि जब वह एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया. श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि इसी दौरान उनकी टांग में गंभीर चोट लगी, जिससे फ्रैक्चर हो गया. उनके हाथ में भी चोट आई है और उनका इलाज चल रहा है.
कई पुलिसकर्मी और जवान हुए घायल
इस हिंसक प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के कई जवानों और अर्धसैनिक बल के कर्मियों को भी चोटें आईं. पुलिस का कहना है कि हालात पर काबू पाने के लिए काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी. घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…और पढ़ें
