Good News: इंदिरापुरम की सोसायटियों में पहुंचेगा साफ सीवेज का पानी, हर दिन लाखों लीटर भूजल की होगी बचत

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Good News : इंदिरापुरम की बहुमंजिला सोसायटियों में बढ़ते जल संकट से निपटने और भूजल (Groundwater) के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए नगर निगम एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर विचार कर रहा है. अगर योजना धरातल पर उतरती है, तो इलाके में रोजाना लाखों लीटर शुद्ध पेयजल और भूजल की बचत हो सकेगी. आइए जानते हैं सब.

इंदिरापुरम की सोसायटियों में पहुंचेगा साफ सीवेज का पानी.

गाजियाबाद: इंदिरापुरम की बड़ी-बड़ी सोसायटियों में पानी की किल्लत दूर करने और जमीन के पानी (भूजल) को खत्म होने से बचाने के लिए नगर निगम एक बड़े प्लान पर काम कर रहा है. इसके तहत सोसायटियों के बाथरूम, फ्लश, आग बुझाने वाले सिस्टम (फायर सेफ्टी) और पार्कों में पेड़-पौधों के लिए साफ किए गए सीवेज के पानी (ट्रीटेड वॉटर) की सप्लाई की जा सकती है. अगर यह योजना कामयाब रही, तो रोजाना लाखों लीटर पीने का पानी बर्बाद होने से बच जाएगा.

रोजाना तैयार होता है 4 करोड़ लीटर पानी
कनावली के पास नगर निगम का एक हाईटेक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (TSTP) है. यहां रोजाना करीब 4 करोड़ लीटर (40 एमएलडी) गंदे पानी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल लायक बनाया जाता है. अभी इस पानी को साहिबाबाद की फैक्ट्रियों में भेजा जा रहा है, लेकिन फैक्ट्रियां सिर्फ 11 एमएलडी पानी ही इस्तेमाल कर पा रही हैं. बाकी बचा हुआ पानी बेकार न जाए, इसीलिए अब इसे सोसायटियों में भेजने की तैयारी है.

कैसा है पानी?
जलकल विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी इस पानी का टीडीएस (TDS) 500 के आसपास है. अगर जरूरत पड़ी, तो थोड़ा और खर्च करके इसे 200 टीडीएस तक लाया जा सकता है, जिससे यह और भी साफ हो जाएगा. हालांकि, इसे पीने के काम में नहीं लाया जाएगा.

वॉर्ड-100 के पार्षद संजय सिंह ने नगर निगम को यह आइडिया दिया है. उनका कहना है कि इंदिरापुरम की कई सोसायटियों में पहले से ही पीने के पानी और फ्लश के लिए अलग-अलग दो पाइपलाइन (ड्यूल पाइपलाइन) बिछी हुई हैं. इसलिए वहां इसे शुरू करना आसान होगा. अभी फैक्ट्रियों को यह पानी 47 रुपये प्रति हजार लीटर के भाव पर मिलता है. पार्षद का सुझाव है कि अगर सोसायटियों को यह पानी थोड़ा सस्ता मिले, तो ज्यादातर लोग इसके लिए तुरंत तैयार हो जाएंगे.

लोगों का क्या कहना ?
इस योजना को लेकर सोसायटियों के प्रतिनिधियों और फेडरेशन के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. फेडरेशन ऑफ एओए गाजियाबाद के सचिव अवनीश कुमार झा का कहना है कि अगर नगर निगम ट्रीटेड पानी को सोसायटियों में देता है तो यह बेहतरीन पहल है. बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए ऐसी दूरदर्शी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए. वहीं, दिव्यांश प्रथम सोसायटी के कोषाध्यक्ष कपिल त्यागी ने व्यावहारिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रस्ताव सराहनीय है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा. फिलहाल नगर निगम सभी सुझावों और तकनीकी पहलुओं पर विचार कर रहा है.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…

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