नई दिल्ली. दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. नई EV पॉलिसी और सरकार की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहनों का असर अब बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है. जुलाई 2026 में राजधानी में 10,307 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो किसी भी महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. अगर पिछले तीन महीनों की बात करें तो मई, जून और जुलाई के दौरान कुल 29,913 नए इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर हुए हैं. लगातार तीसरे महीने बिक्री में बढ़ोतरी यह संकेत दे रही है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से मुख्यधारा का हिस्सा बन रही है.
इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की सबसे ज्यादा मांग
दिल्ली में सबसे ज्यादा मांग इलेक्ट्रिक टू व्हीलर की रही. जुलाई में 6,172 इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि जून में यह संख्या 5,656 और मई में 5,148 थी. लगातार बढ़ती बिक्री बताती है कि रोजाना आने जाने वाले लोग अब इलेक्ट्रिक टू व्हीलर को तेजी से अपना रहे हैं.
कमर्शियल EV सेगमेंट में भी तेजी
कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई.
- इलेक्ट्रिक गुड्स थ्री व्हीलर की बिक्री मई के 863 से बढ़कर जून में 946 और जुलाई में 1,062 हो गई.
- इलेक्ट्रिक मोटर कैब का रजिस्ट्रेशन मई में 389, जून में 407 और जुलाई में 504 रहा.
- इलेक्ट्रिक गुड्स कैरियर की बिक्री मई में 174, जून में 187 और जुलाई में बढ़कर 202 हो गई.
यह संकेत देता है कि माल ढुलाई और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.
इलेक्ट्रिक कारों में हल्की गिरावट
जहां टू व्हीलर और कमर्शियल EV की बिक्री बढ़ी, वहीं इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन में हल्की गिरावट दर्ज हुई. जुलाई में 2,205 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं, जबकि जून में यह आंकड़ा 2,471 था. हालांकि यह मई के 2,251 वाहनों के करीब ही रहा.
सरकार ने क्या कहा?
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि नई EV पॉलिसी के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहनों का असर अब साफ नजर आने लगा है. उनके मुताबिक दिल्ली के लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं और सरकार की सब्सिडी व दूसरी सुविधाओं से आम लोगों के लिए EV खरीदना पहले के मुकाबले आसान हुआ है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले फेस्टिव सीजन, खासकर दिवाली के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में और तेजी आएगी. मंत्री के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या से दिल्ली में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी.
