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Janakpuri Viral Video Truth: जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर का फूड वेंडर वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया. वीडियो में वेंडर जमीन पर बिखरे खाने के सामान के बीच रोता नजर आया था. आरोप लगा कि पुलिसकर्मी ने उसका खाना फेंक दिया. अब दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद इन आरोपों को खारिज किया है. पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान वेंडर ने खुद खाने के डिब्बे जमीन पर फेंके और लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए हंगामा किया. पुलिस के मुताबिक काली माता मंदिर के पास फुटपाथ पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद कार्रवाई की गई थी. मामले में BNS की धारा 285 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
जनकपुरी के वायरल फूड वेंडर वीडियो पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है.
नई दिल्ली: जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ तो तस्वीर देखकर लोगों का दिल पसीज गया. वीडियो में एक फूड वेंडर जमीन पर बिखरे खाने के सामान के बीच रोता नजर आया. वह अपनी रोजी-रोटी की दुहाई देता दिखा. पास में पुलिसकर्मी मौजूद था. वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर क्या पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गरीब दुकानदार का खाना सड़क पर फेंक दिया? मामला बढ़ा तो दिल्ली पुलिस ने अब इस वायरल वीडियो की कहानी का दूसरा पक्ष सामने रखा है. पुलिस का दावा है कि वीडियो अधूरा है और उसमें पूरी घटना दिखाई ही नहीं गई.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस के मुताबिक जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर में फुटपाथ पर अवैध वेंडिंग को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसी शिकायत के आधार पर 1 अगस्त को पुलिस टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी. पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान वेंडर को फुटपाथ से सामान हटाने के लिए कहा गया. इसी बात पर बहस हुई. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान वेंडर ने खुद खाने के डिब्बे जमीन पर पटक दिए और रोते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया. इसके बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिसकर्मी पर ही आरोप लगने लगे.
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In Delhi’s Janakpuri, the police threw away the food of a small shopkeeper who sets up a roadside stall—his cry of anguish, weeping and wailing, is a stain on the system and humanity!
