नई दिल्ली. इमिग्रेशन कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने और निगरानी को मजबूत करने के समन्वित प्रयास के तहत दिल्ली पुलिस ने उत्तरी जिले में बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने यहां विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनकी आव्रजन स्थिति की पुष्टि करने के लिए एक गहन तलाशी और सत्यापन अभियान शुरू किया है. इस अभियान के अंतर्गत, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दो टीमें गठित की गईं, जिनका उद्देश्य भारत में तय समय से अधिक समय तक रह रहे विदेशी नागरिकों का पता लगाना और उन विदेशियों की स्थिति की पुष्टि करना था जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.
पहली टीम का गठन एसीपी/बुराड़ी शशि कांत गौर के पर्यवेक्षण में किया गया और इसका नेतृत्व इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र रतूड़ी, एसएचओ, बुराड़ी पुलिस स्टेशन ने किया. इस टीम में हेड कांस्टेबल कमलेश और अंकित तथा कांस्टेबल निशांत शामिल थे. दूसरी टीम का गठन एसीपी/ऑपरेशन/उत्तर विशेष धत्तरवाल के पर्यवेक्षण में किया गया और इसका नेतृत्व इंस्पेक्टर रोहित सारस्वत, प्रभारी विशेष स्टाफ, और एसआई प्रदीप कटोच, प्रभारी विदेशी प्रकोष्ठ ने किया. यह टीम विशेष स्टाफ के हेड कांस्टेबल बाल किशन के समन्वय से काम कर रही थी.
7 सितंबर को बुराड़ी पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में की गई व्यवस्थित तलाशी और सत्यापन के दौरान टीम ने तीन नाइजीरियाई नागरिकों, विक्ट्री इसिमाह, गॉडस्पॉवर इकेचुकु और अलीउ सिसे का पता लगाया. ये बुराड़ी की बाबा कॉलोनी में रह रहे थे. सत्यापन के दौरान, विक्ट्री इसिमाह ने अपना पासपोर्ट प्रस्तुत किया, लेकिन उनका वीजा समाप्त हो चुका था. अन्य दो विदेशी नागरिक, गॉडस्पॉवर इकेचुकु और अलीउ सिसे, भारत में अपनी पहचान या वैध निवास साबित करने वाले वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे.
इसलिए, बुराड़ी पुलिस स्टेशन में तीनों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई. इसके बाद, तीनों विदेशी नागरिकों को दिल्ली स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया गया. 7 सितंबर को जारी तीन अलग-अलग प्रतिबंध आदेशों के तहत, उनकी आवाजाही को सेवा सदन, लांपुर, नरेला, दिल्ली तक सीमित कर दिया गया. आदेशों के बाद, तीनों को लागू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए सेवा सदन, लांपुर, नरेला स्थित प्रतिबंध केंद्र को सौंप दिया गया.
एक अन्य अभियान में, उत्तरी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ, फॉरेन सेल और एंटी-नारकोटिक्स सेल की एक संयुक्त टीम ने 16 सितंबर की सुबह बुराड़ी के चंदन विहार, प्रगति एन्क्लेव और मौर्य एन्क्लेव में चिन्हित परिसरों पर समन्वित चेकिंग अभियान चलाया. विदेशी नागरिकों के अनाधिकृत प्रवास और निर्धारित समय से अधिक समय तक रहने के संबंध में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया.
पुलिस ने बताया कि यह खुफिया जानकारी संयुक्त टीम द्वारा लगातार जमीनी सत्यापन और उन स्थानों की पहचान के माध्यम से जुटाई गई थी जहां विदेशी नागरिकों के कथित तौर पर रहने की सूचना थी. अभियान के दौरान, घाना, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट, युगांडा और कैमरून के 10 विदेशी नागरिक पहचाने गए स्थानों पर मौजूद पाए गए. पुलिस टीम ने उनके पहचान दस्तावेजों, पासपोर्ट, वीजा और आव्रजन स्थिति की गहन जांच और सत्यापन किया. सत्यापन में पाया गया कि चार विदेशी नागरिक समाप्त हो चुके वीजा पर भारत में अधिक समय तक रह रहे थे, जबकि दो अन्य वैध पासपोर्ट या वीजा संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे.
