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ऐसा ही हुआ कुछ साल 2008 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट के दौरान हुआ. ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन की एक अप्रत्याशित और अजीबोगरीब हरकत ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और अंपायर को क्रिकेट के सबसे कड़े पेनल्टी नियमों में से एक को लागू करने पर मजबूर होना पड़ा.
2008 में ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने बॉल पर दस्ताना उताकर मारा था
नई दिल्ली. जैसे जैसे क्रिकेट में पैसों की बारिश शुरु हुई एक चीज है जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुई वो थी खेल की टैग लाइन, यानि क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कही जाने वाली लाइन खुद खिलाड़ियों ने ही दफन कर दी और वो दौर शुरु हुआ जिसमें सफेद जर्सी में काले काम खिलाड़ी ही करते नजर आए. हालात तब बिगड़ते है जब हर खिलाड़ी से यह उम्मीद की जाती है कि वह न सिर्फ खेल के लिखित नियमों का पालन करेगा, बल्कि उसकी अंतरात्मा और खेल भावना का भी सम्मान करेगा लेकिन जब मैदान पर जीत का दबाव सिर चढ़कर बोल रहा हो और सामने सचिन तेंदुलकर जैसा दिग्गज बल्लेबाज खड़ा हो, तो कभी-कभी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो क्रिकेट के इतिहास में दर्ज हो जाती हैं.
ऐसा ही हुआ कुछ साल 2008 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट के दौरान हुआ. ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन की एक अप्रत्याशित और अजीबोगरीब हरकत ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया और अंपायर को क्रिकेट के सबसे कड़े पेनल्टी नियमों में से एक को लागू करने पर मजबूर होना पड़ा. ब्रैड हैडिन का यह प्रयास ऑस्ट्रेलियाई टीम की हताशा को दर्शा रहा था अंततः इस मैच को भारतीय टीम ने 172 रनों से जीता और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था.
मैदान पर क्या हुआ?
यह वाकया भारत की दूसरी पारी के दौरान का है. भारतीय टीम मजबूत स्थिति में थी और विकेट के पीछे मुस्तैद ऑस्ट्रेलियाई कीपर ब्रैड हैडिन किसी भी तरह रनों की रफ्तार को रोकना चाहते थे. इसी बीच एक गेंद सचिन तेंदुलकर के पैड से टकराकर फाइन लेग की तरफ जाने लगी. गेंद की गति धीमी थी, लेकिन वह हैडिन की पहुंच से थोड़ी दूर जा रही थी. अमूमन ऐसे मामलों में विकेटकीपर दौड़कर गेंद को पकड़ता है, लेकिन हैडिन ने तेजी दिखाने के चक्कर में एक हैरान करने वाला फैसला लिया. हैडिन ने झटके से अपने हाथ का कीपिंग ग्लव्स (दस्ताने) उतारा और उसे दौड़ती हुई गेंद की तरफ फेंक कर मार दिया. ग्लव्स सीधे गेंद पर जाकर लगा और गेंद वहीं रुक गई तो हैडिन को लगा कि उन्होंने अपनी टीम के लिए कुछ बहुमूल्य रन बचा लिए हैं, लेकिन उनकी यह खुशी चंद सेकेंडों में ही काफूर हो गई.
अंपायर बिली बोडेन का कड़ा फैसला
मैदान पर मौजूद न्यूजीलैंड के अंपायर बिली बोडेन बेहद चौकन्ने थे उन्होंने जैसे ही देखा कि खिलाड़ी ने अपने शरीर के हिस्से के बजाय किसी बाहरी वस्तु (उतारे हुए दस्ताने) का इस्तेमाल करके गेंद को फील्ड किया है, उन्होंने खेल को तुरंत रोक दिया. बिली बोडेन ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को बुलाया और उन्हें नियम समझाया. इसके बाद उन्होंने अपने अनोखे अंदाज में कंधे पर हाथ थपथपाकर 5 पेनल्टी रनों का इशारा किया और ये रन भारतीय टीम के स्कोरबोर्ड में मुफ्त में जोड़ दिए गए.
क्या कहते हैं क्रिकेट के नियम? (Law 28.2)
क्रिकेट के नियमों की संरक्षक संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के कानून 28.2 (अवैध क्षेत्ररक्षण ) के तहत यह पूरी तरह प्रतिबंधित है. मैदान पर फील्डिंग कर रहा कोई भी खिलाड़ी (विकेटकीपर सहित) गेंद को रोकने, पकड़ने या थ्रो करने के लिए अपने शरीर के अंगों के अलावा किसी भी बाहरी वस्तु या पोशाक के हिस्से (जैसे टोपी, उतरे हुए ग्लव्स, कपड़े) का जानबूझकर उपयोग नहीं कर सकता. जैसे ही कोई खिलाड़ी जानबूझकर कपड़े या किसी उपकरण को फेंककर गेंद रोकता है, गेंद को तुरंत ‘डेड’ घोषित कर दिया जाता है. इस तरह के अवैध क्षेत्ररक्षण की स्थिति में अंपायर बिना किसी देरी के बल्लेबाजी कर रही टीम को पुरस्कार के रूप में 5 पेनल्टी रन देता है.. हैडिन के मामले में, चूंकि दस्ताना उनके हाथ में नहीं था और उन्होंने उसे अलग करके गेंद पर फेंका था, इसलिए यह सीधे तौर पर नियम 28.2 का उल्लंघन था.
क्रिकेट में अक्सर हेलमेट पर गेंद लगने से 5 पेनल्टी रन बनते हुए देखे जाते हैं, लेकिन किसी कीपर द्वारा लाइव मैच में दस्ताना फेंककर गेंद रोकने की यह घटना बेहद दुर्लभ और हास्यास्पद थी.
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राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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