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Delhi LPG Cylinder: केंद्र सरकार ने घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए नई इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी है. यह योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होगी. इसका मकसद उन घरेलू पीएनजी कनेक्शनों को एक्टिव करना है, जो अभी बिल वाले कनेक्शन में नहीं बदले हैं.
घर तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाने के लिए सरकार ने नई इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी है. (एआई इमेज)
Delhi LPG Cylinder: दिल्ली में जल्द ही एलपीजी सिलेंडर की किचकिच खत्म होने वाली है. अब ना ही आपको सिलेंडर की बुकिंग करनी होगी और ना ही उसके इंतजार में लंबा इंतजार करना होगा. बल्कि दिल्ली सरकार ऐसा इंतजाम करने जा रही है कि गैस का नॉब ऑन कर लाइटर चलाइए, आपका चूल्हा जल जाएगा. जी ही, केंद्र सरकार ने दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए ‘इंसेंटिव स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शंस’ स्कीम को मंजूरी दे दी है. इस स्कीम के तहत, अब दिल्ली के तमाम रिहायशी इलाकों में पीएनजी गैस लाइन बिछाई जाएगी और इसी पाइप लाइन के जरिए किचन में गैस की सप्लाई की जाएगी.
दिल्ली सरकार के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाली इस योजना का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा घरों तक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक पाइप्ड कुकिंग गैस पहुंचाना है. आपको बता दें कि देश में फिलहाल करीब 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं. नई योजना के तहत गैस वितरण कंपनियों (CGD) को उन कनेक्शनों को एक्टिव किया जाएगा जो अभी तक बिल किए जा रहे कनेक्शन में तब्दील नहीं हुए हैं. साथ ही नए इलाकों में पीएनजी नेटवर्क के बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा.
क्या है इस योजना से जुड़ी खास बातें और फायदे?
- दिल्ली सरकार के अनुसार, योजना के तहत सीजीडी कंपनियों को अपने निर्धारित थ्रेशोल्ड लेवल से अधिक हर नए बिल वाले घरेलू पीएनजी कनेक्शन पर 200 एससीएम अतिरिक्त घरेलू एपीएम गैस आवंटित की जाएगी.
- यह अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस सीजीडी कंपनियों द्वारा महंगी एलपीजी की खरीद की जगह इस्तेमाल की जा सकेगी. इससे कंपनियों की गैस खरीद लागत घटेगी और घरेलू पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा.
- सरकार के मुताबिक, इससे घरेलू पीएनजी कनेक्शन में किए गए निवेश की लागत वसूलने की अवधि करीब 10 साल से घटकर लगभग 3 साल हो सकती है.
- पीएनजी की सप्लाई पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक होती है. ऐसे में सिलेंडर बुक कराने, स्टोर करने और बदलने की जरूरत नहीं रहती. मीटर के मुताबिक जितनी गैस इस्तेमाल होगी, उतना ही भुगतान करना होगा.
- पीएनजी को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे खाना पकाने वाले ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण होता है. पाइपलाइन के जरिए लगातार गैस की आपूर्ति होने से सिलेंडर डिलीवरी पर निर्भरता भी कम होती है.
पीएनजी विस्तार के लिए सरकार उठाने जा रही ये कदम
सरकार ने पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए हाल के महीनों में कई कदम उठाए हैं. इनमें पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तुरंत मंजूरी की व्यवस्था और राइट ऑफ वे शुल्क का मानकीकरण शामिल है. इसके अलावा, राज्यों को प्राकृतिक गैस पर वैट घटाकर 5 फीसदी करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा नए पीएनजी कनेक्शन के आवेदन और उनकी ट्रैकिंग को आसान बनाने के लिए यूनिफाइड पीएनजी रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है. यह योजना दो छह-महीने की ट्रेंच में लागू की जाएगी और इसका मकसद आने वाले महीनों में देश के ज्यादा से ज्यादा घरों को पाइप्ड कुकिंग गैस से जोड़ना है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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