मेरठः 75 साल के वीरपाल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिताओं में जीत चुके हैं 100 से अधिक गोल्ड, आज भी फिटनेस बरकरार, जानें

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मेरठ के वीरपाल सिंह 75 साल की उम्र में भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिताओं में 100 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. वह युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं. बताते हैं कि बचपन में पहलवानी का शौक था. लेकिन जब कक्षा 7 में उन्होंने स्कूल में एडमिशन लिया. तब पीटीआई द्वारा उनकी खेल की दिशा बदलते हुए उन्हें रनिंग से संबंधित क्षेत्र में प्रेक्टिस करने के लिए कहा. इसके पश्चात उन्होंने इसी खेल में आगे बढ़ाने का फैसला लिया. वर्तमान समय में रनिंग से संबंधित क्षेत्र में ही दौड़ लगाकर मेडल ला रहे हैं.

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मेरठ: जीवन में अगर कुछ हासिल करने का जुनून हो तो कभी भी उम्र आपके कार्य में बाधा नहीं बन सकती है. बल्कि आप हर उम्र में युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकते हैं. कुछ इसी तरह का नजारा मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. जहां के रहने वाले वीरपाल सिंह 75 की उम्र में भी लगातार दौड़ से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं.

7वीं क्लास से बदली खेल की दिशा

वीरपाल सिंह ने लोकल 18 से बताया कि वह मूल रूप से नोएडा के जेवर से संबंधित क्षेत्र के रहने वाले हैं. लेकिन पिछले कई वर्षों से लगातार मेरठ में ही रह रहे हैं. उनके परिवार को पहलवान के नाम से जाना जाता है. क्योंकि उनके परिवार के सभी सदस्य पहलवानी के क्षेत्र में ही अपनी विशेष पहचान बन चुके हैं. ऐसे उन्हें भी बचपन में पहलवानी का शौक था. लेकिन जब कक्षा 7 में उन्होंने स्कूल में एडमिशन लिया. तब पीटीआई द्वारा उनकी खेल की दिशा बदलते हुए उन्हें रनिंग से संबंधित क्षेत्र में प्रेक्टिस करने के लिए कहा. इसके पश्चात उन्होंने इसी खेल में आगे बढ़ाने का फैसला लिया. वर्तमान समय में रनिंग से संबंधित क्षेत्र में ही दौड़ लगाकर मेडल ला रहे हैं.

गोल्ड लाने पर रहता है विशेष फोकस

उन्होंने बताया कि वह अब तक विभिन्न प्रतियोगिता में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं. जिसमें अगर मेडल की श्रृंखला की बात की जाए तो वह 100 से अधिक गोल्ड ला चुके हैं. वहीं अन्य मेडल की बात की जाए तो उनकी संख्या काफी है. उन्होंने बताया कि ऊपर वाले के आशीर्वाद से वह 50 वर्ष की आयु से ऊपर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए हमेशा ही प्रथम स्थान हासिल करते हैं. उन्होंने बताया कि उनसे ही प्रेरणा लेते हुए उनकी बेटी और बेटे ने भी राष्ट्रीय स्तर पर रनिंग से संबंधित कई प्रतियोगिताओं में परचम लहराया है.

सेहत के लिए भी वरदान है खेल

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों से पीड़ित हैं. वहीं उन्हें शुगर बीपी सहित किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है. यहीं नहीं उन्हें लास्ट टाइम बुखार कब आया था. यह भी उन्हें याद नहीं है. उन्होंने कहा कि जीवन में खेल स्वास्थ्य के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. ऐसे में सभी लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में एक्सरसाइज को जरूर शामिल करना चाहिए. उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन प्रैक्टिस करते हुए 5 से 10 किलोमीटर जरूर दौड़ते हैं.

बताते चलें कि वीरपाल सिंह मेरठ के गंगानगर के एक पार्क में ही युवाओं को भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित फिजिकल की तैयारी भी कराते हैं. जिसकी बदौलत काफी बेटे बेटियों ने यूपी पुलिस, भारतीय सेना में भी सफलता हासिल की है.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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