नोएडा के इंडस्ट्रियल पार्कों की हालत बदहाल… टूटे उपकरण और गंदगी देख भड़के लोग, प्राधिकरण से सुधार की मांग

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Noida News: देश के प्रमुख औद्योगिक हब नोएडा में दिन-रात पसीना बहाने वाले लाखों कामगारों और कारोबारियों को शुद्ध हवा व सुकून देने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं. जिन पार्कों को कामकाजी वर्ग की सहूलियत और मानसिक राहत के लिए करोड़ों की लागत से विकसित किया गया था, वे आज प्रशासनिक अनदेखी, टूटे उपकरणों, जलभराव और गंदगी के चलते अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं.

Noida News: नोएडा को देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिना जाता है. शहर के कई सेक्टरों में बड़ी संख्या में कंपनियां और औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं. यहां काम करने वाले मजदूरों, कर्मचारियों और कारोबारियों की सुविधा के लिए अलग-अलग ब्लॉक में पार्क विकसित किए गए हैं, ताकि लोग काम के बीच कुछ समय आराम कर सकें, टहल सकें और खुले वातावरण का लाभ उठा सकें. लेकिन अब इन पार्कों की हालत देखकर इनका मकसद ही सवालों के घेरे में नजर आता है. कई जगह पार्कों में हरियाली और साफ-सफाई के बजाय गंदगी, टूटे उपकरण और आवारा कुत्ते नजर आते हैं.

सेक्टर-2 और सेक्टर-3 के पार्कों की स्थिति बेहद खराब
अगर नोएडा के सेक्टर-2 और सेक्टर-3 की बात करें तो यहां कई ब्लॉक में बने पार्कों की स्थिति बेहद खराब नजर आती है. जिन पार्कों को उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों, मजदूरों और कारोबारियों के लिए सुविधाजनक जगह के तौर पर विकसित किया गया था, वहां अब बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हैं. पार्कों में लगी कुर्सियां टूट चुकी हैं और लोगों के व्यायाम के लिए लगाए गए कई उपकरण खराब पड़े हैं. साफ-सफाई की स्थिति भी ऐसी है कि लोग इन पार्कों में बैठने या कुछ समय बिताने से बचते नजर आते हैं.

बरसात में जलभराव और मच्छरों का प्रकोप
बारिश के दिनों में इन पार्कों की समस्या और गंभीर हो जाती है. कई जगह जलभराव होने के बाद पानी कई दिनों तक जमा रहता है. इससे पार्कों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है और कर्मचारियों व मजदूरों के लिए इनका इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है. पानी जमा रहने के कारण गंदगी और मच्छरों की समस्या भी बढ़ने की आशंका रहती है. ऐसे में जिस सुविधा का लाभ कामकाजी वर्ग को मिलना चाहिए, वही पार्क उपेक्षा और बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं. कई जगहों पर पार्कों में इंसानों से ज्यादा पालतू जानवर और आवारा कुत्ते नजर आने की स्थिति भी सामने आती है.

रखरखाव पर उठे सवाल, त्वरित सुधार की मांग
औद्योगिक क्षेत्रों में पार्क सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वहां दिनभर मेहनत करने वाले कर्मचारियों, मजदूरों और कारोबारियों को कुछ समय राहत देने के लिए भी जरूरी हैं. ऐसे में इनकी नियमित सफाई, हरियाली, बैठने की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और व्यायाम उपकरणों का रखरखाव बेहद जरूरी है. सेक्टर-2 और सेक्टर-3 के पार्कों की बदहाल स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि जब इन जगहों को लोगों की सुविधा के लिए विकसित किया गया था, तो इनके रखरखाव की जिम्मेदारी पर कितना ध्यान दिया जा रहा है. लोगों की मांग है कि संबंधित प्राधिकरण इन पार्कों का निरीक्षण कराकर जल्द सुधार करवाए.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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