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उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की मिलावटखोरों के खिलाफ जारी सख्त कार्रवाई का असर अब बाजार में दिखने लगा है. गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पनीर बाजारों में कई दुकानें खाली पड़ी हैं, क्योंकि संदिग्ध सप्लायरों ने कार्रवाई के डर से सप्लाई बंद कर दी है. व्यापारियों का कहना है कि वे इस सख्ती का स्वागत करते हैं. वहीं, गाजियाबाद के डॉ. बीपी त्यागी ने डेमो देकर बताया कि कैसे आयोडीन की मदद से घर पर ही असली और नकली पनीर-दूध की पहचान की जा सकती है. उन्होंने बताया कि नकली पनीर में ‘फॉर्मलीन’ जैसा केमिकल मिलाया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल डेड बॉडी को प्रिजर्व करने के लिए होता है.
नकली-पनीर पर योगी सरकार का एक्शन.
गाजियाबाद/नोएडा: त्योहारी सीजन से पहले मिलावटखोरों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का एक्शन शुरू हो गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) की ताबड़तोड़ छापेमारी का असर गाजियाबाद और नोएडा के पनीर बाजारों में साफ दिखने लगा है. कई डेयरी और पनीर की दुकानें इन दिनों खाली नजर आ रही हैं. बाजार से नकली व सिंथेटिक पनीर की सप्लाई पूरी तरह से गायब हो गई है. हमारी टीम ने गाजियाबाद के जवाहर गेट पनीर बाजार और ग्रेटर नोएडा वेस्ट मार्केट में पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत की.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की डेयरी दुकानों पर जब टीम पहुंची तो देखा कि ज्यादातर दुकानों से खुला पनीर गायब है. दुकानदारों ने बताया कि सरकार की कार्रवाई और छापेमारी के डर से सप्लायरों ने माल भेजना बंद कर दिया है. जिन दुकानों पर पहले रोजाना 10 किलो तक पनीर बिकता था, वहां अब बिक्री 1-2 किलो पर सिमट गई है. खुले पनीर की सप्लाई चेन टूटने के कारण कई छोटे दुकानदार अब पैकेट वाला पनीर बेचकर अपना काम चला रहे हैं.
जवाहर गेट पनीर बाजार (गाजियाबाद) के व्यापारियों का कहना है कि सरकार की कार्रवाई पूरी तरह से सही है, क्योंकि लोगों की सेहत सर्वोपरि है. कई कारोबारियों ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें भी नहीं पता होता था कि सप्लायर जो माल दे रहा है, वह असली है या नकली. व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि छोटे दुकानदारों और बड़े ब्रांड्स के लिए लाइसेंस व नियमों के पैमाने एक समान होने चाहिए.
डॉक्टर का डेमो: घर पर कैसे करें पनीर-दूध की जांच?
बाजार में आ रहे संदिग्ध पनीर और दूध की जांच के लिए गाजियाबाद के डॉ. बीपी त्यागी ने घर पर ही इसकी शुरुआती पहचान करने का डेमो दिया.
- आयोडीन टेस्ट: डॉ. त्यागी ने बताया कि घर में मौजूद आयोडीन की कुछ बूंदों से दूध और पनीर की जांच की जा सकती है. यदि पनीर को तोड़कर या पानी में डालकर उसमें आयोडीन मिलाया जाए और उसका रंग नीला या गहरा हो जाए, तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च या अन्य मिलावट है. शुद्ध दूध या पनीर के रंग में आयोडीन डालने पर ऐसा बदलाव नहीं आना चाहिए.
- डेड बॉडी वाला केमिकल: डॉ. त्यागी ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया. उन्होंने बताया कि मिलावटखोर दूध और पनीर को ज्यादा दिनों तक खराब होने से बचाने के लिए उसमें फॉर्मलीन (Formalin) नाम का खतरनाक केमिकल मिला रहे हैं. यह वही केमिकल है जिसका इस्तेमाल अस्पतालों और मॉर्चरी में डेड बॉडी (शव) को प्रिजर्व करने (सुरक्षित रखने) के लिए किया जाता है. लैब टेस्ट की रिपोर्ट्स में भी पनीर में फॉर्मलीन होने की पुष्टि हुई है. ऐसे केमिकल सीधे तौर पर लिवर, किडनी और आंतों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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