ओखला से सीधे जेवर एयरपोर्ट, 50 KM का नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, दिल्ली-नोएडा वालों का बचेगा समय

नई दिल्ली. जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के साथ दिल्ली-एनसीआर में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ने की उम्मीद है. इसी को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की तैयारी चल रही है. यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे इसी योजना का अहम हिस्सा है. इसका रूट अब पहले के मुकाबले लंबा किया गया है, ताकि इसे जेवर एयरपोर्ट और आने वाले ट्रैफिक से सीधे जोड़ा जा सके.

नए प्लान के मुताबिक, करीब 50 किलोमीटर लंबा 8 लेन का एलिवेटेड मार्ग ओखला बैराज के पास सेक्टर 94 से शुरू होगा. इसके बाद यह यमुना नदी के पुश्ते के साथ आगे बढ़ते हुए नोएडा के कई प्रमुख सेक्टरों से गुजरेगा और ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाएगा. इससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट जाने वालों को एक वैकल्पिक और तेज रास्ता मिल सकता है.

पहले 31 किलोमीटर था प्रोजेक्ट

यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का शुरुआती प्लान करीब 31 किलोमीटर का था. उस समय इसका रूट ग्रेटर नोएडा के ची-4 के आसपास खत्म होने वाला था. अब जेवर एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए इसका एलाइनमेंट बढ़ाने की योजना बनाई गई है. नया प्रस्ताव करीब 50 किलोमीटर लंबा है. इसे फरीदाबाद जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और यमुना अथॉरिटी के सेक्टर 23C से जोड़ने की योजना है.

ओखला से शुरू होकर जेवर तक जाएगा

प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे ओखला बैराज के पास सेक्टर 94 से शुरू होगा. यहां से यह यमुना के पुश्ते के साथ आगे बढ़ेगा. रूट में नोएडा के सेक्टर 95, 125, 126, 128, 132 और 135 जैसे इलाके शामिल होंगे. इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाएगा. इस रूट की खासियत यह होगी कि नोएडा एक्सप्रेसवे पर निर्भरता कम करने के लिए एक दूसरा रास्ता तैयार होगा.

चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी कनेक्शन

इस प्रोजेक्ट को चिल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ने की भी योजना है. इससे दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन सीधे इस नए कॉरिडोर पर पहुंच सकेंगे. मयूर विहार और अशोक नगर की तरफ से आने वाले लोगों के लिए भी जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने का विकल्प बेहतर हो सकता है. अगर पूरा कॉरिडोर योजना के मुताबिक तैयार होता है तो स्थानीय ट्रैफिक से बचते हुए लंबी दूरी की गाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

नोएडा एक्सप्रेसवे का जाम होगा कम

नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं. एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़े आवासीय और कारोबारी इलाकों के कारण ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा है. नोएडा के सेक्टर 125, 126, 132 और 135 में बड़ी संख्या में आईटी और कॉरपोरेट ऑफिस हैं. इनके आसपास बनी सोसायटियों और दूसरे इलाकों का ट्रैफिक भी एक्सप्रेसवे पर आता है. नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे तैयार होने पर लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग रास्ता मिल सकता है. इससे मौजूदा एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

4,000 करोड़ रुपये की लागत

इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये बताई गई है. इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई से जुड़ी योजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है. फिलहाल प्रोजेक्ट की विस्तृत टाइमलाइन और निर्माण शुरू होने की अंतिम तारीख जैसी जानकारियां अलग चरणों में तय होंगी.

जेवर एयरपोर्ट के लिए क्यों अहम है

जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद दिल्ली एनसीआर के कई हिस्सों से यात्रियों का आना जाना बढ़ेगा. ऐसे में सिर्फ मौजूदा नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर निर्भर रहना ट्रैफिक के लिहाज से चुनौती बन सकता है. यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को इसी दबाव को कम करने वाले वैकल्पिक कॉरिडोर के तौर पर देखा जा रहा है. ओखला से जेवर तक इसकी सीधी कनेक्टिविटी बनने पर दिल्ली और नोएडा के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक और तेज रास्ता मिल सकेगा.

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