नई दिल्ली. जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के साथ दिल्ली-एनसीआर में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ने की उम्मीद है. इसी को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की तैयारी चल रही है. यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे इसी योजना का अहम हिस्सा है. इसका रूट अब पहले के मुकाबले लंबा किया गया है, ताकि इसे जेवर एयरपोर्ट और आने वाले ट्रैफिक से सीधे जोड़ा जा सके.
पहले 31 किलोमीटर था प्रोजेक्ट
ओखला से शुरू होकर जेवर तक जाएगा
प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे ओखला बैराज के पास सेक्टर 94 से शुरू होगा. यहां से यह यमुना के पुश्ते के साथ आगे बढ़ेगा. रूट में नोएडा के सेक्टर 95, 125, 126, 128, 132 और 135 जैसे इलाके शामिल होंगे. इसके बाद यह ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट की तरफ जाएगा. इस रूट की खासियत यह होगी कि नोएडा एक्सप्रेसवे पर निर्भरता कम करने के लिए एक दूसरा रास्ता तैयार होगा.
चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी कनेक्शन
नोएडा एक्सप्रेसवे का जाम होगा कम
नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं. एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़े आवासीय और कारोबारी इलाकों के कारण ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा है. नोएडा के सेक्टर 125, 126, 132 और 135 में बड़ी संख्या में आईटी और कॉरपोरेट ऑफिस हैं. इनके आसपास बनी सोसायटियों और दूसरे इलाकों का ट्रैफिक भी एक्सप्रेसवे पर आता है. नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे तैयार होने पर लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग रास्ता मिल सकता है. इससे मौजूदा एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
4,000 करोड़ रुपये की लागत
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये बताई गई है. इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई से जुड़ी योजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है. फिलहाल प्रोजेक्ट की विस्तृत टाइमलाइन और निर्माण शुरू होने की अंतिम तारीख जैसी जानकारियां अलग चरणों में तय होंगी.
जेवर एयरपोर्ट के लिए क्यों अहम है
