नोएडाः कंप्यूटर की चलती फिरती डिजिटल क्लास, गरीब बच्चों को मुफ्त में मिल रही कंप्यूटर शिक्षा

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स्पार्क मिंडा ग्रुप की डिजिटल बस को चलते-फिरते स्मार्ट क्लासरूम की तरह तैयार किया गया है. बस के अंदर आधुनिक कंप्यूटर, डिजिटल बोर्ड और बच्चों के बैठने के लिए सुविधाजनक व्यवस्था की गई है. यहां आने वाले बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी से लेकर जरूरी डिजिटल स्किल्स तक सिखाई जाती हैं. इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है. बच्चों को प्रैक्टिकल तरीके से कंप्यूटर चलाने और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी तकनीकी समझ बेहतर हो सके.

स्पार्क मिंडा ग्रुप की डिजिटल बस को चलते-फिरते स्मार्ट क्लासरूम की तरह तैयार किया गया है. बस के अंदर आधुनिक कंप्यूटर, डिजिटल बोर्ड और बच्चों के बैठने के लिए सुविधाजनक व्यवस्था की गई है. यहां आने वाले बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी से लेकर जरूरी डिजिटल स्किल्स तक सिखाई जाती हैं. इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है. बच्चों को प्रैक्टिकल तरीके से कंप्यूटर चलाने और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी तकनीकी समझ बेहतर हो सके.

डिजिटल बस में रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अलग-अलग बैच में कक्षाएं संचालित होती हैं. हर घंटे नया बैच बच्चों को कंप्यूटर सीखने के लिए मिलता है. प्रशिक्षक बच्चों को कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, टाइपिंग, डिजिटल टूल्स और अन्य जरूरी तकनीकी विषयों की जानकारी देते हैं. तय समय के अनुसार बैच बदलने की व्यवस्था से ज्यादा बच्चों को सीखने का अवसर मिलता है. डिजिटल बस के अंदर एक समय में 15 बच्चों के बैठने और प्रशिक्षण लेने की व्यवस्था की गई है. खास बात यह है कि प्रत्येक बच्चे के लिए अलग कंप्यूटर उपलब्ध कराया जाता है. इससे बच्चे केवल देखकर सीखने के बजाय खुद कंप्यूटर पर प्रैक्टिकल कर सकते हैं. छोटे बैच में प्रशिक्षण होने के कारण प्रशिक्षक बच्चों की समस्याओं और सीखने की गति पर भी ध्यान दे सकते हैं.

यह डिजिटल बस सामान्य वाहन से अलग पूरी तरह स्मार्ट क्लासरूम की तरह डिजाइन की गई है. बस के अंदर डिजिटल बोर्ड, एयर कंडीशनर और कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं. बच्चों के लिए बैठने और सीखने की उचित व्यवस्था की गई है. इसके साथ बिजली की सुरक्षित व्यवस्था और फायर सेफ्टी उपकरण भी मौजूद हैं. आधुनिक सुविधाओं के कारण बच्चों को गर्मी या मौसम की परेशानी के बीच बाहर बैठकर सीखने की जरूरत नहीं पड़ती. इस डिजिटल शिक्षा पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बच्चों से कंप्यूटर प्रशिक्षण के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है. आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे यहां बिना खर्च के कंप्यूटर शिक्षा हासिल कर सकते हैं. महंगे कंप्यूटर संस्थानों में पढ़ाई करना जिन परिवारों के लिए मुश्किल है, उनके बच्चों को इस बस के जरिए आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिल रहा है.

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डिजिटल बस में एक बैच की कक्षा पूरी होने के बाद अगले घंटे नया बैच प्रशिक्षण के लिए पहुंचता है. सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक इसी तरह अलग-अलग बैचों में कक्षाएं संचालित होती हैं. इस व्यवस्था का फायदा यह है कि बस की सीमित क्षमता के बावजूद पूरे दिन बड़ी संख्या में बच्चों तक कंप्यूटर शिक्षा पहुंचाई जा सकती है. समय के हिसाब से बैच बदलने से प्रशिक्षण व्यवस्थित तरीके से चलता है और बच्चों को तय समय में कंप्यूटर सीखने का अवसर मिलता है.

आज शिक्षा, नौकरी और रोजमर्रा के कई कामों में कंप्यूटर और डिजिटल स्किल्स की जरूरत बढ़ गई है. ऐसे में बच्चों को कम उम्र से तकनीक की जानकारी देना उनके भविष्य के लिए उपयोगी हो सकता है. डिजिटल बस में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे कंप्यूटर चलाने के साथ जरूरी डिजिटल टूल्स की जानकारी हासिल कर रहे हैं. इससे उन्हें आगे की पढ़ाई और भविष्य में रोजगार से जुड़ी संभावनाओं के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है.

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा हासिल करना हमेशा आसान नहीं होता. फीस, कंप्यूटर और प्रशिक्षण का खर्च कई परिवारों के बजट से बाहर हो सकता है. ऐसे बच्चों को डिजिटल बस में बिना किसी फीस के आधुनिक संसाधनों के साथ कंप्यूटर सीखने का अवसर मिल रहा है. बस में कंप्यूटर, डिजिटल बोर्ड और एसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

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