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dhoni csk stake deal: एमएस धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के लंबे रिश्ते में दरार की ताजा रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि धोनी फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदना चाहते थे और इसके लिए भुगतान करने को भी तैयार थे, लेकिन बात नहीं बनी. इस रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि धोनी अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई के साथ बने रहेंगे या नहीं, यह भी पक्का नहीं है.
धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच रिश्तों में दरार को लेकर सामने आई रिपोर्ट.
नई दिल्ली. महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल के पहले ही सीजन से चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे हैं. 2008 में टीम की कमान संभालने के बाद धोनी न सिर्फ सीएसके की पहचान बने, बल्कि उन्होंने टीम को पांच बार का चैंपियन भी बनाया. इतना ही नहीं, वह टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में भी शामिल हैं. 45 साल के हो चुके धोनी अब अपने आईपीएल करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं. आईपीएल 2027 में उनके खेलने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस बीच एक रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है. इसमें दावा किया गया है कि धोनी सीएसके के साथ अपना रिश्ता और मजबूत करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई थी. हालांकि, हिस्सेदारी को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी और बातचीत वहीं खत्म हो गई. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हिस्सेदारी को लेकर इस असहमति का धोनी और सीएसके के रिश्तों पर असर पड़ा है.
धोनी चाहते थे 25 फीसदी हिस्सेदारी
CricBlogger की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में सीएसके में 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई थी. हालांकि, फ्रेंचाइजी के मालिक उन्हें केवल 3 फीसदी हिस्सेदारी देने के लिए तैयार थे. दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी, लेकिन उनकी मांग और टीम के ऑफर के बीच बड़ा अंतर बना रहा. बताया गया है कि इसके बाद धोनी ने अपनी मांग घटाकर 20 फीसदी कर दी. इसके जवाब में सीएसके की ओर से ऑफर बढ़कर 4 फीसदी हुआ. इसके बाद भी बात नहीं बनी.
18 फीसदी तक आ गए, लेकिन…
रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के अगले दौर में धोनी 18 फीसदी हिस्सेदारी पर समझौता करने के लिए तैयार हो गए थे. लेकिन CSK मैनेजमेंट का अंतिम प्रस्ताव 5.5 फीसदी हिस्सेदारी का था. दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों से आगे नहीं बढ़े और आखिरकार यह डील नहीं हो सकी. रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि धोनी हिस्सेदारी मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, बल्कि इसके लिए भुगतान करने को तैयार थे. हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक सीएसके या धोनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
लिखित समझौता भी नहीं हुआ था?
इस रिपोर्ट में एक और दिलचस्प दावा किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, धोनी और सीएसके मैनेजमेंट के बीच ज्यादातर बातचीत मौखिक तौर पर हुई थी. दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक लिखित प्रस्ताव या समझौता नहीं हुआ था. इसलिए हिस्सेदारी को लेकर हुई बातचीत किस स्तर तक पहुंची थी, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
क्या धोनी और CSK के रिश्ते में आई दरार?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिस्सेदारी को लेकर असहमति के बाद धोनी और सीएसके के रिश्तों में खटास आई है. यहां तक कहा गया है कि यह भी तय नहीं है कि धोनी भविष्य में सीएसके के लिए दोबारा खेलेंगे या नहीं. हालांकि, इसे लेकर भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. धोनी को सीएसके ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन चोट के कारण वह आईपीएल 2026 में टीम के लिए एक भी मैच नहीं खेल सके. ऐसे में उनके अगले सीजन में खेलने को लेकर भी सवाल बने हुए हैं.
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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