Monsoon Hair Fall Control: बरसात में बाल झड़ने से हैं परेशान? अपनाएं डर्मेटोलॉजिस्ट के बताए ये 5 असरदार टिप्स

Monsoon Hair Fall Control: बरसात आते ही सबसे बड़ी समस्‍या होती है हेयर फॉल. सिर पर कंघी करते वक्‍त या शैम्पू करते वक्त, बालों का गुच्छा देख दिल बैठ जाता है. ऐसे में यह समझ नहीं आता कि यह सामान्‍य है या फिर कुछ परेशानी है. आमतौर पर हर इंसान के रोजाना 50 से 100 बाल टूटना पूरी तरह नॉर्मल माना जाता है, क्योंकि यह बालों के प्राकृतिक चक्र (Hair Growth Cycle) का हिस्सा है.

हेल्‍थलाइन के एक्‍सपर्ट के मुताबिक, अगर रोजाना 100 से अधिक बाल टूट रहे हों, बालों की मांग (Parting) चौड़ी होने लगे और स्कैल्प साफ दिखने लगे, स्कैल्प पर लगातार खुजली, रेडनेस या दाने हो रहे हों. ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के भरोसे रहने के बजाय कुछ जरूरी बातों पर ध्‍यान देना जरूरी है.

अगर आप भी इस मौसम में बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. अगर होम रेमेडीज काम नहीं आ रहे तो आप डर्मेटोलॉजिस्ट के बताए कुछ आसान और असरदार टिप्स को अपनाकर आप अपने बालों को झड़ने से बचा सकते हैं.

मॉनसून में हेयर फॉल के कारण-
स्कैल्प में चिपचिपाहट:
हवा में ज्यादा नमी होने के कारण सिर की त्वचा (Scalp) लगातार पसीने और तेल से गीली रहती है. इससे स्कैल्प के प्राकृतिक छिद्र बंद हो जाते हैं.

फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन: नमी की वजह से स्कैल्प पर डैंड्रफ, फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं. इसके कारण सिर में खुजली और जड़ों में सूजन (Folliculitis) हो जाती है, जिससे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं.

बालों का कमजोर होना: इस मौसम में बाल हवा से अतिरिक्त नमी सोख लेते हैं, जिससे वे रूखे, बेजान और आपस में उलझने वाले हो जाते हैं. उलझे हुए बाल कंघी करने पर आसानी से टूट जाते हैं.

सही प्रोडक्ट्स और इंग्रेडिएंट्स चुनना सबसे जरूरी-

एंटी-फंगल शैम्पू (Anti-fungal Shampoo):
अगर आपको डैंड्रफ की समस्या है, तो Ketoconazole, Zinc Pyrithione (ZPT) या Salicylic Acid युक्त शैम्पू का हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल करें.

हल्के और सल्फेट-फ्री प्रोडक्ट्स:
केमिकल युक्त हैवी शैम्पू के बजाय माइल्ड, सल्फेट-फ्री और पैराबेन-फ्री शैम्पू चुनें जो स्कैल्प के pH बैलेंस को बनाए रखें.

हेयर सीरम (Hair Serum):
शैम्पू के बाद बालों की लेंथ पर Argan Oil या Keratin आधारित सीरम लगाएं ताकि बाल उलझें नहीं और नमी से सुरक्षित रहें.

बालों की मजबूती के लिए डाइट भी जरूरी
सिर्फ बाहर से बालों की देखभाल करने से काम नहीं चलेगा. डाइट में प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व शामिल करें. दाल, अंडे, दूध-दही, पनीर, नट्स, बीज, हरी सब्जियां और मौसमी फल डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं.

Biotin, Iron, Zinc या Vitamin D जैसे सप्लीमेंट्स बिना जरूरत खुद से शुरू न करें. अगर हेयर फॉल बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर जांच के बाद जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकते हैं.

कितने बाल झड़ना सामान्य है?
आमतौर पर रोजाना करीब 50 से 100 बालों का झड़ना सामान्य हेयर ग्रोथ साइकिल का हिस्सा माना जाता है. लेकिन अगर इससे काफी ज्यादा बाल लगातार झड़ रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

खास तौर पर अगर सिर पर गोल-गोल पैच नजर आने लगें, बालों की मांग चौड़ी होने लगे, स्कैल्प ज्यादा दिखाई देने लगे या लगातार खुजली, लालपन और दाने हों, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत किसी सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा व बाल रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करें, ताकि सही समय पर सही इलाज (जैसे मिनोक्सिडिल या पीआरपी थेरेपी) शुरू किया जा सके.

मानसून में बाल झड़ना देखकर घबराने के बजाय अपने स्कैल्प की सफाई, सही हेयर केयर, पौष्टिक खानपान और पर्याप्त आराम पर ध्यान दें. अगर हेयर फॉल लगातार बढ़ रहा है या बालों की डेंसिटी कम हो रही है, तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है.

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है. इसमें दी गई जानकारी को किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें. हेयर फॉल, डैंड्रफ या स्कैल्प से जुड़ी समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या बढ़ रही है, तो सही जांच और इलाज के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें. बिना डॉक्टर की सलाह के किसी दवा, सप्लीमेंट या मेडिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल न करें.

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