Last Updated:
Nishu Azad News : स्वतंत्र भारद्वाज केस में पीड़ित परिवार ने जल्द बौद्ध धर्म अपनाने की बात कही है. निशु आजाद ने कहा कि परिवार विचारों से बौद्ध हो चुका है और जल्द दस्तावेजों में भी धर्म परिवर्तन दर्ज कराया जाएगा. परिवार ने पड़ोसियों पर परेशान करने और मकान खाली करने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया है.
निशू आजाद (फाइल फोटो)
गाजियाबाद. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दलित लड़की निशु आजाद के पिता से स्वतंत्र भारद्वाज ने मारपीट की थी. इस मामले में अब नया अपडेट सामने आया है. पीड़ित परिवार की ओर से धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान सामने आया है. पीड़ित छात्रा ने कहा है कि उनका परिवार बौद्ध धर्म के विचारों को मानता है और जल्द ही औपचारिक तौर पर बौद्ध धर्म अपना सकता है. परिवार का कहना है कि वह विचारों के लेवल पर पहले ही बौद्ध धर्म को मानने लगा है और दस्तावेजों में भी इसे जल्द दर्ज कराया जाएगा.
दरअसल, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कथित हिंदूवादी कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु आजाद के पिता पर हमला कर दिया था. घटना के बाद सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर घटना का जिक्र किया था. इसके बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक तौर पर चर्चा में आ गया. दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया. उस पर एससी एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. बाद में अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
परिवार बोला- विचारों से बौद्ध, जल्द दस्तावेजों में भी बदलाव
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित छात्रा से जब धर्म को लेकर सवाल किया गया तो उसने खुद को बौद्ध धर्म मानने वाला बताया. छात्रा ने कहा कि परिवार विचारों से बौद्ध हो चुका है और जल्द ही दस्तावेजों में भी धर्म परिवर्तन दर्ज कराया जाएगा. परिवार ने अपने फैसले को डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन से भी जोड़ा. छात्रा का कहना था कि बाबा साहेब ने भी अपने जीवन के अंतिम दौर में बौद्ध धर्म अपनाया था और उनका परिवार भी इसी विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहता है.
पड़ोसियों पर भी लगाए गंभीर आरोप
धर्म परिवर्तन के बयान के साथ पीड़ित परिवार ने अपने आसपास के लोगों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उन्हें पड़ोसियों की ओर से परेशान किया जा रहा है. परिवार ने यह भी दावा किया है कि जिस सोसाइटी में वे रहते हैं, वहां उनके खिलाफ विरोध का माहौल बनाया गया. रिपोर्ट के अनुसार, परिवार का आरोप है कि मकान मालिक ने उन्हें करीब 20 दिन में घर खाली करने के लिए कहा है. परिवार ने इस स्थिति को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा है.
About the Author
Sandeep Kumar is a senior journalist and digital newsroom leader with more than 20 years of experience in print and digital journalism. He currently serves as Senior Assistant Editor at News18 Hindi, where he l…
और पढ़ें
