दिल्ली के पीजी (PG) हॉस्टल्स में रहने वाले स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशन्स के लिए एक बहुत बड़ा अलर्ट सामने आ रहा है. अगर आप भी दिल्ली के किसी पीजी में रहते हैं तो अब थोड़ा सावधान हो जाइए. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पूरे शहर के बिल्डर्स और अवैध पीजी ऑपरेटरों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन मोड ऑन कर दिया है. मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉज की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ अब सीधी बुलडोजर वाली कार्रवाई शुरू हो चुकी है. MCD ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में अचानक एक ऐसा सर्वे और क्रैकडाउन चलाया, जिसने अवैध रूप से चल रहे पीजी ऑपरेटरों की रातों की नींद हराम कर दी है. इस पूरे महा-अभियान का सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है. MCD ने दिल्लीभर में 1,523 ऐसे पीजी भवनों की पहचान की है, जहां सुरक्षा और नियमों को दरकिनार करके लगभग 33,500 लोग रह रहे हैं. साफ-साफ शब्दों में कहें तो बिना किसी प्रॉपर सेफ्टी, ओवर-क्राउडिंग और अवैध निर्माण के दम पर चल रहे इन पीजी पर अब गाज गिरना लगभग तय है. MCD अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी पीजी या अवैध प्रॉपर्टी को बख्शा नहीं जाएगा.
अवैध पीजी का काला खेल
दिल्ली के कई लोकप्रिय छात्र इलाकों में अवैध पीजी ऑपरेटर मास्टर प्लान और भवन उप-नियमों (Building By-laws) की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं. बिना फायर सेफ्टी एनओसी, बिना किसी वैध अनुमति और स्वीकृत नक्शे के विपरीत अवैध मंजिलें खड़ी करके ये हॉस्टल्स चलाए जा रहे हैं.
12 जोनों में MCD का क्रैकडाउन, 25 जगह चला बुलडोजर
एमसीडी की प्रवर्तन टीमों ने शहर के सभी 12 जोनों में एक साथ छापेमारी की. इस महा-अभियान के दौरान 25 इमारतों पर सीधी ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई की गई, जबकि नियम तोड़ने वाली 4 संपत्तियों को मौके पर ही सील कर दिया गया. इसके अलावा कई डिफॉल्टर मालिकों को कारण बताओ नोटिस और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं.
दरियागंज से वसंत कुंज तक… इन इलाकों में हड़कंप
एमसीडी की इस कार्रवाई का दायरा बेहद व्यापक रहा. दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन और वसंत कुंज से लेकर उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी, शालीमार बाग, कृष्णा पार्क, आदर्श नगर और नेहरू विहार तक बुल्डोजर का एक्शन देखा गया. पुरानी दिल्ली के दरियागंज में दिल्ली गेट बाजार स्थित एक अवैध इमारत की पांचवीं मंजिल को पुलिस बल की मौजूदगी में कटर से काटकर ध्वस्त किया गया.
33,500 किरायेदारों पर मंडराया बेदखली का खतरा
एमसीडी द्वारा शुरू किए गए व्यापक फील्ड सर्वे में अब तक 1,523 ऐसे पीजी चिन्हित किए गए हैं, जहां क्षमता से अधिक लगभग 33,500 स्टूडेंट्स और कर्मचारी ठूंस-ठूंस कर रखे गए हैं. एमसीडी अब इस पूरे डेटा को समेकित (Consolidate) कर रही है, जिसके बाद सीलिंग की बड़ी कार्रवाई से इन हजारों किरायेदारों के सामने रहने का संकट पैदा हो सकता है.
सवाल-जवाब
MCD ने हालिया कार्रवाई में कुल कितनी प्रॉपर्टीज पर सख्त एक्शन लिया है?
MCD ने दो दिनों के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. ताजा अभियान में 25 संपत्तियों को ध्वस्त, 4 को सील, 6 को नोटिस और 4 को ध्वस्तीकरण आदेश दिए गए. इससे ठीक एक दिन पहले भी 41 अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया था और 61 संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया था.
दिल्ली के किन-किन प्रमुख इलाकों में MCD का यह बुलडोजर एक्शन हुआ है?
यह कार्रवाई सत्य निकेतन, वसंत कुंज, बुराड़ी, शालीमार बाग, कृष्णा पार्क, आदर्श नगर (राजन बाबू रोड), नेहरू विहार (चंदू नगर) और दरियागंज (दिल्ली गेट बाजार) जैसे प्रमुख इलाकों में हुई है.
अवैध पीजी भवनों में रह रहे 33,500 लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
MCD अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा मानकों और मास्टर प्लान का उल्लंघन करने वाले इन 1,523 भवनों पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी. ऐसे में नियमों का पालन न करने वाले पीजी बंद होने से वहां रह रहे किरायेदारों को नई सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ सकती है.
