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Delhi Satya Niketan Building Collapse News: सत्य निकेतन में एक पीजी मालिक ने छात्रों को 70,000 रुपये लौटाने से इनकार कर दिया है. वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र सिद्धार्थ राज ने बताया कि पीजी में आग लगने और गंदगी के कारण वह यहां छोड़ना चाहता है.यहां मकान मालिक कह रहे हैं कि 11 महीने तो रहना ही होगा. छात्र ने कहा कि अब वह कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार है.
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को एक पीजी की बिल्डिंग गिर जाने की वजह से सात स्टूडेंट्स की सांसे थम गई थी. अब उसी सत्य निकेतन इलाके से एक और हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. जहां पर वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र ने पीजी के लिए पीजी के मालिक को 70 हजार रुपए दिए थे. अब पीजी खाली करने का मन बना चुके स्टूडेंट्स को 70 हजार रुपए पीजी के मालिक नहीं लौट रहे हैं. बल्कि उनसे 11 महीने यहां रहने की शर्त पर अड़े हुए हैं.
वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ने वाले ये दो छात्र लगातार या तो मकान मालिक के चक्कर काट रहे हैं या फिर सत्य निकेतन में ही दूसरे लोगों से मदद मांग रहे हैं. लोकल 18 की टीम ने पीड़ित छात्र जिसका नाम सिद्धार्थ राज है, उससे खास बातचीत की तो उसने बताया कि वह वेंकटेश्वर कॉलेज का छात्र है. वह पॉलिटिकल साइंस प्रथम ईयर में पढ़ाई कर रहा है. सिद्धार्थ राज ने बताया कि 2 महीने पहले ही वह सत्य निकेतन में अपने दोस्त हर्ष के साथ रहने के लिए आया था. उसके दोस्त हर्ष और उससे पीजी के मालिक ने 34 हजार रुपए और सिक्युरिटी के पैसे करीब 70 हजार के आसपास लिए थे. अब वह इस पैसों को लौटा नहीं रहे हैं.
इस वजह से छोड़ना चाह रहे हैं छात्र
लोकल 18 से खास बातचीत में वेंकटेश्वर कॉलेज के छात्र सिद्धार्थ राज ने बताया कि सत्य निकेतन के पीजी में जब वह अपने दोस्त के साथ गए थे तब वहां के बेहद खास पीजी है जिसका नाम है जुपिटर पीजी है. यहां के मालिक गगन ने उनसे और उनके दोस्त हर्ष से पीजी में रहने के लिए 34000 रुपए मांगे थे. दोनों से 34000 रुपए लेने के बाद और सिक्युरिटी मनी 70,000 रुपए ली गई थी.
स्टूडेंट सिद्धार्थ राज ने खास बातचीत में यह भी बताया कि हॉस्टल में दो बार आग लग चुकी है. और तो और सीवर भी ओवरफ्लो रहता है. साफ-सफाई न के बराबर होती है. इन सभी कारणों से उनके दोस्त और उन्होंने इसे छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन जब रविवार को इसी इलाके में एक बिल्डिंग गिर जाने की वजह से 7 स्टूडेंट्स की मौत हो गई, उसके बाद दोनों स्टूडेंट्स ने यहां न रहने का मन बनाते हुए तुरंत इस पीजी को खाली करने का फैसला लिया था.
स्टूडेंट को लूट रहे हैं पीजी मालिक
वेंकटेश्वर कॉलेज के सिद्धार्थ राज ने यह भी बताया कि वह पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट हैं और अभी फर्स्ट ईयर में पढ़ाई कर रहे हैं. उनका दोस्त हर्ष दूसरे कॉलेज में पढ़ता है. दो महीने में ही इस इलाके की हकीकत उन्हें और उनके दोस्त हर्ष को पता चल गई थी. इसलिए दोनों ने इस इलाके को छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन जो पीजी के मालिक हैं. वो पैसे लौटाने से लगातार मना कर रहे हैं.
अब तो पीजी मालिक ने शर्त रखी है कि कम से कम 11 महीने यहां रहना होगा और तो और 11 महीने का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन करवा लिया है, लेकिन स्टूडेंट्स ने मजबूरी में दूसरी जगह पर जाकर हॉस्टल ले लिया है. अपने पैसे वापस लेने के लिए वह बार-बार इस हॉस्टल के चक्कर काट रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि अगर हॉस्टल के मालिक ने पैसे नहीं लौटाए तो वह जल्द ही कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार हो जाएंगे.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
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