ब्रश करते वक्त मसूड़ों से खून आता है? हार्ट मरीज भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत कराएं डेंटल चेकअप

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दिल की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है. इसी के साथ दांतों और मसूड़ों की सफाई को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डेंटिस्ट डॉ. मोईन खान के अनुसार, हार्ट मरीजों को समय-समय पर डेंटल चेकअप कराना चाहिए और मसूड़ों से खून आने जैसे लक्षणों को सामान्य समझकर छोड़ना नहीं चाहिए.

Oral Health for Heart Patients: दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है. लेकिन कई बार दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं को छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. ऐसा करना परेशानी बढ़ा सकता है. दांतों और मसूड़ों की खराब सेहत का संबंध हृदय से जुड़ी बीमारियों के जोखिम से भी बताया जाता है. इसलिए हार्ट के मरीजों के लिए मुंह की साफ-सफाई यानी ओरल हाइजीन पर ध्यान देना जरूरी है. डेंटिस्ट डॉ. मोईन खान ने हार्ट और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय-समय पर डेंटल चेकअप कराने की सलाह दी है.

डॉ. मोईन खान ने बताया कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज और दूसरी कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों से पीड़ित मरीजों में पेरियोडोंटाइटिस की समस्या ज्यादा देखने को मिल सकती है. जिन मरीजों की हार्ट की दवाएं चल रही हैं, ओपन हार्ट सर्जरी हो चुकी है या एंजियोप्लास्टी हुई है, उन्हें भी समय-समय पर दांतों और मसूड़ों की जांच करानी चाहिए.

डॉ. मोईन खान के मुताबिक, अगर मुंह में पेरियोडोंटाइटिस या जिंजिवाइटिस जैसी समस्या है तो डेंटिस्ट की सलाह से इसका इलाज कराया जा सकता है. जरूरत के अनुसार सफाई, स्केलिंग और रूट प्लेनिंग जैसी प्रक्रियाएं की जाती हैं. मसूड़ों की बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है. साथ ही शरीर में सूजन से जुड़े जोखिमों पर भी इसका असर पड़ सकता है.

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डॉ. मोईन खान ने बताया कि मसूड़ों से जुड़े कुछ लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है, सुबह उठने के बाद थूकने पर खून या मटमैला पदार्थ दिखाई देता है या मसूड़ों से बार-बार ब्लीडिंग होती है तो डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए. उन्होंने बताया कि कई लोग मसूड़ों से खून आने को सामान्य समस्या मान लेते हैं और इलाज नहीं कराते. लेकिन ऐसी लापरवाही आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती है. अगर शुरुआत में ही समस्या का पता चल जाए तो समय पर इलाज किया जा सकता है.

डॉ. मोईन खान ने लोगों को दिन में दो बार ब्रश करने और नियमित रूप से मुंह की साफ-सफाई रखने की सलाह दी. जरूरत के अनुसार माउथवॉश का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. खासकर हार्ट के मरीजों को दांतों या मसूड़ों से जुड़ी समस्या होने पर खुद से कोई दवा लेने के बजाय डेंटिस्ट से सलाह लेनी चाहिए.

डॉ. मोईन खान ने कहा कि कई बार छोटी समस्या को नजरअंदाज करने से ही परेशानी बढ़ती है. इसलिए हार्ट के मरीजों को दिल की सेहत के साथ दांतों और मसूड़ों की सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए. समय पर जांच और सही इलाज से ओरल हेल्थ बेहतर रखने में मदद मिल सकती है.

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