नई दिल्ली. डब्ल्यूडब्ल्यूई की दुनिया सिर्फ दांव-पेच और ड्रामे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत रिकॉर्ड्स की कहानी भी है जिन्होंने दशकों से फैंस को रोमांचित किया है. प्रो-रेसलिंग के इस सुनहरे सफर में कई ऐसे मील के पत्थर गाड़े गए, जो आज इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुके हैं. लेकिन जैसे-जैसे रेसलिंग का स्वरूप बदला, मैच खेलने के तरीके बदले और सुपरस्टार्स का शेड्यूल कड़ा होता गया, वैसे-वैसे कुछ रिकॉर्ड्स ऐसे बन गए जिन्हें छूना भी आज के रेसलर्स के लिए एक सपने जैसा है. रिंग के उन पांच ऐतिहासिक कारनामों के बारे में आइए जानते हैं जिन्हें मॉडर्न दौर में तोड़ना लगभग असंभव है.
साल-दर-साल रेसलमेनिया का मंच सजता रहा और हर बार एक ही नाम गूंजता रहा द अंडरटेकर (The Undertaker) . प्रो-रेसलिंग के सबसे बड़े शो ‘द ग्रैंडेस्ट स्टेज ऑफ देम ऑल’ में लगातार 21 मुकाबले जीतना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक दिव्य गाथा जैसी थी. शॉन माइकल्स, ट्रिपल एच, केन और रिक फ्लेयर जैसे दिग्गज एक-एक करके ‘द डेडमैन’ के सामने आए, लेकिन कोई भी उनके विजय रथ को रोक नहीं सका. हालांकि रेसलमेनिया 30 में ब्रॉक लेसनर के ‘एफ-5’ ने इस अटूट स्ट्रीक को 21-1 पर रोक दिया था, लेकिन हर साल रेसलमेनिया में लगातार 21 जीत हासिल करने का यह करिश्मा कोई दोबारा दोहरा पाए, इसकी गुंजाइश शून्य के बराबर है.
डब्ल्यूडब्ल्यूई के पांच महारिकॉर्ड.
8 सालों तक ब्रूनो समार्टिनो ने किसी के हाथ नहीं लगने दी स्वर्णिम ट्रॉफी
आज के दौर में जहां हफ्ते-दो हफ्ते या कुछ महीनों में ही वर्ल्ड चैंपियनशिप का दावेदार और चैंपियन बदल जाता है, वहीं इतिहास में एक ऐसा दौर भी था जब एक ही राजा ने लगातार आठ सालों तक अपने सिंहासन पर राज किया. ब्रूनो समार्टिनो (Bruno sammartino) ने 17 मई 1963 को जो चैंपियनशिप जीती, तो वह 18 जनवरी 1971 तक यानी पूरे 2,803 दिनों तक उनके कंधों की शोभा बढ़ाती रही. आधुनिक प्रो-रेसलिंग के तेज तर्रार शेड्यूल, लगातार होने वाले प्रीमियम लाइव इवेंट्स और कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए किसी रेसलर का लगातार 8 साल तक चैंपियन बने रहना नामुमकिन है.
सैंटिनो मारेला का पलक झपकते सफर खत्म
रॉयल रंबल (Royal Rumble) मैच हर रेसलर के लिए अपनी सहनशक्ति और ताकत को साबित करने का सबसे बड़ा जरिया होता है. हर कोई चाहता है कि वह रिंग में ज्यादा से ज्यादा समय बिताए, लेकिन साल 2009 के रॉयल रंबल में सैंटिनो मारेला के साथ जो हुआ, उसने इतिहास का सबसे अनोखा और शर्मनाक पन्ना लिख दिया. सैंटिनो बड़ी शान से रिंग के अंदर घुसे, लेकिन अभी उन्होंने अपनी शर्ट भी ठीक से नहीं उतारी थी कि ‘द बिग रेड मशीन’ केन ने उन्हें सीधे बाउंड्री से बाहर फेंक दिया. महज 1.9 सेकंड के भीतर हुआ यह एलिमिनेशन आज भी एक ऐसा कीर्तिमान है, जिसे कोई भी रेसलर गलती से भी तोड़ना नहीं चाहेगा.
इंटरकॉन्टिनेंटल टाइटल का कठिन इम्तिहान
डब्ल्यूडब्ल्यूई की दुनिया में ‘वर्कहॉर्स’ टाइटल कहे जाने वाले इंटरकॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है. 80 के दशक में द हॉंकी टॉन्क मैन ने लगातार 454 दिनों तक इस बेल्ट को अपने पास रखकर एक ऐसा कीर्तिमान बनाया था जिसे तोड़ने में दशकों लग गए. हाल ही में ‘द रिंग जनरल’ गुंथर ने 666 दिनों तक चैंपियन रहकर एक नया कीर्तिमान जरूर स्थापित किया, लेकिन आज के दौर में जहां रोस्टर में एक से बढ़कर एक प्रतिभाशाली रेसलर्स भरे पड़े हैं, वहां इस मिड-कार्ड टाइटल को 400 या 600 दिनों से अधिक समय तक अपने पास बचाकर रखना बेहद कठिन चुनौती है.
ऐंद्रे द जायंट का 15 वर्षों की वो अभेद्य दीवार
‘द एथ्स वंडर ऑफ द वर्ल्ड’ कहे जाने वाले ऐंद्रे द जायंट का कद सिर्फ शरीर से ही विशाल नहीं था, बल्कि रिंग में उनका दबदबा भी उतना ही विशालकाय था. अपने शुरुआती करियर में ऐंद्रे ने लगातार 15 वर्षों तक किसी भी पिनफॉल या सबमिशन के जरिए मैच न हारने का एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड बनाया था. 15 साल तक कोई भी विरोधी उन्हें चित नहीं कर सका. आज के व्यस्त रेसलिंग शेड्यूल, लगातार होते मैचों और चोटों के जोखिम के बीच 15 साल तक अजेय रहना एक ऐसा कीर्तिमान है जो शायद हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज रहेगा.
