डीयू-IIT से पढ़कर पहुंचीं ISRO, डीएसपी से आईपीएस बनीं हरियाणा की होनहार Gen Z जया शर्मा

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Gen Z IPS Officer Jaya Sharma: हरियाणा के छोटे से गांव की बेटी और जेन जी की आईपीएस अधिकारी जया शर्मा की सक्सेस स्टोरी हर युवा के लिए प्रेरणा है. जया शर्मा ने आईआईटी दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन किया, फिर इसरो में रिसर्च की और हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके डीएसपी बन गईं. इसके बाद भी उनके कदम थमे नहीं और UPSC क्रैक कर वह जेन जी की आईपीएस बन गईं.

Gen Z IPS Officer Jaya Sharma: आईपीएस अफसर जया शर्मा ने डीएसपी ट्रेनिंग के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की

नई दिल्ली (Gen Z IPS Officer Jaya Sharma). कई लोग परीक्षा में असफल होने पर हिम्मत हार बैठते हैं. लेकिन कुछ युवा मुश्किलों के आगे झुकने के बजाय उनसे लड़ते हैं और अपनी तकदीर खुद लिखते हैं. आईपीएस जया शर्मा आज के दौर की युवा पीढ़ी यानी जेन जी के लिए ऐसी ही मिसाल बनकर उभरी हैं. हरियाणा के साधारण से गांव से निकलकर देश के टॉप संस्थान में पढ़ाई करने और फिर देश की सेवा करने का यह सफर वाकई किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.

आईपीएस जया शर्मा ने साबित कर दिया कि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी रुकावटें भी कदमों की धूल बन जाती हैं. तेज-तर्रार जेन जी अफसर जया शर्मा UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए इंस्पिरेशन हैं. स्कूल के क्लासरूम से लेकर इसरो की लैब तक और फिर हरियाणा पुलिस में DSP से लेकर IPS की वर्दी पहनने तक का उनका सफर धैर्य, अनुशासन और कभी न हार मानने वाले जज्बे की अनोखी दास्तान है. पढ़िए सक्सेस स्टोरी.

छोटे से गांव से पहुंचीं IIT दिल्ली

हरियाणा के हिसार जिले के बड़वा गांव में 3 अप्रैल 1997 को जन्मी जया शर्मा का शुरुआती जीवन बहुत ही साधारण माहौल में बीता. उनके पिता प्रमोद शर्मा खाद्य और आपूर्ति विभाग में DFSC के पद पर सेवा दे चुके हैं और उनकी मां नीतू शर्मा गृहिणी हैं. जया ने हिसार के जाने-माने विद्या देवी जिंदल स्कूल से शुरुआती पढ़ाई पूरी की. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और फिर IIT दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएशन किया. अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने देश की स्पेस एजेंसी ISRO के खास रिसर्च प्रोजेक्ट पर भी काम किया.

आसान नहीं था यूपीएससी का सफर

हर बड़ी सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी छिपी होती है. जया शर्मा का सफर भी इससे अलग नहीं था. सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाना लोहे के चने चबाने जैसा होता है. जया भी अपने शुरुआती प्रयासों में असफल हुईं. वे दो बार यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं. कई अभ्यर्थी ऐसी स्थिति में टूट जाते हैं और मैदान छोड़कर चले जाते हैं. लेकिन जया ने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों और कमियों को बहुत ही बारीकी से परखा. उन्होंने अपनी कमजोरियों को अपनी ताकत बनाया.

हरियाणा पुलिस में डीएसपी और फिर बनीं आईपीएस

सिविल सेवा की तैयारी के दौरान ही जया शर्मा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में 8वीं रैंक हासिल की. इससे वह DSP के पद पर चयनित हुईं. जब यूपीएससी का रिजल्ट आया, तब वे हरियाणा में अंडर-ट्रेनी डीएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं. लेकिन उनका सपना खाकी वर्दी में देश के सबसे बड़े स्तर पर सेवा देने का था. उन्होंने मेहनत जारी रखी और UPSC CSE 2023 में ऑल इंडिया 248वीं रैंक हासिल कर ली. फिर वह 2024 बैच की शानदार आईपीएस अफसर बन गईं.

Gen Z के लिए मिसाल है जया शर्मा की कहानी

आज की जनरेशन जेड (Gen Z) के युवा तुरंत परिणाम चाहते हैं. थोड़ा सा संघर्ष मिलते ही वह तनाव में आ जाते हैं. ऐसे दौर में जया शर्मा का सफर युवाओं को सिखाता है कि सफलता कोई शॉर्टकट नहीं मांगती, बल्कि इसके लिए लगातार प्रयास और धैर्य की जरूरत होती है. इसरो के प्रोजेक्ट से लेकर डीएसपी की नौकरी और फिर यूपीएससी क्रैक करके आईपीएस बनने तक, जया ने दिखा दिया है कि अगर आपके सपने बड़े हैं और मेहनत सच्ची है तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है.

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दीपाली पोरवालSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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