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AAP News: आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की आवाज कुचलने का आरोप लगाया है. उसने चार विधायकों के सस्पेंशन और पालम इलाके में आग में नौ मौतों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं.
सदन में विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है.
आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की आवाज को कुचलने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा सरकार संवैधानिक प्रावधानों की धज्जियां उड़ा रही है. पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि सरकार कानून बनाती है, लेकिन विधानसभा सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की होती है, ताकि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा सकें. संविधान में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है पर दिल्ली में भाजपा शासन के दौरान जांच एजेंसियों का दबाव और डबल स्टैंडर्ड अपनाया जा रहा है.
सदन ने विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि पिछले सत्र में स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने ऐसा कदम उठाया जो दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. विपक्षी सदस्यों को सदन परिसर से बाहर करवा दिया गया. जनवरी 2026 के शीतकालीन सत्र में संजीव झा, जरनैल सिंह, सोमदत्त और कुलदीप कुमार को एलजी वीके सक्सेना के संबोधन के दौरान व्यवधान डालने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया. इन चारों को एक महीने से अधिक समय तक सदन में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी इन्हें बाहर कर दिया गया. एक साल में हर सत्र में इनके खिलाफ प्रिविलेज केस दर्ज किए गए.
आप ने आरोप लगाया कि अजय दत्त को एंट्री देने के लिए इन विधायकों को निशाना बनाया गया. मीडिया में मुद्दे उठाने पर भी उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया गया. शनिवार को स्पीकर से कुछ विधायकों की मुलाकात हुई, लेकिन पार्टी का कहना है कि उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती. यदि सदन में रोकने की कोशिश हुई तो वे सड़क पर उतरेंगे. पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि चारों सस्पेंड विधायकों का सस्पेंशन असंवैधानिक तरीके से वापस नहीं लिया गया तो AAP का कोई विधायक सदन में नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा कि 22 विधायकों को दबाने की कोशिश करेंगे तो 22 लाख लोग सड़क पर आ जाएंगे. उन्होंने सड़कों की खस्ता हालत, पीने के पानी की कमी और पिंक कार्ड न बनने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया. इसके अलावा, पालम में हालिया आग लगने की घटना में नौ लोगों की मौत पर AAP ने तीखा हमला बोला. पार्टी ने पूछा कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? कागजों पर बजट भले ही लच्छेदार भाषा में हो, लेकिन हकीकत अलग है. फायर ब्रिगेड के पास नेट क्यों नहीं था? हाईराइज बिल्डिंग तक लिफ्ट क्यों नहीं पहुंची? जरूरी उपकरण क्यों नहीं थे? AAP का आरोप है कि जनता के पैसे से भाजपा नेता अपनी जेब भर रहे हैं और लापरवाही के कारण नौ जानें गईं, जो पूरी तरह बचाई जा सकती थीं.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
